जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खात्मे के लिए चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों के तहत सुरक्षाबलों को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शोपियां जिले के चनापोरा इलाके में एक मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कमांडर जाकिर गनी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। एनकाउंटर की शुरुआत उस समय हुई जब सुरक्षाबलों को गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई शुरू की गई। गोलीबारी के शांत होने पर मौके से एक शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान जाकिर गनी के रूप में सुनिश्चित की गई है।
ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी और बरामदगी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जाकिर गनी किसी बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की योजना बना रहा था। मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान उसके पास से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। यह संयुक्त अभियान भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के समन्वय से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। शोपियां में सुरक्षाबलों ने शनिवार से ही आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू कर दिया था, क्योंकि सेना को इलाके में किसी संदिग्ध के छिपे होने की सटीक खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी।
आतंकवादी का पिछला इतिहास और श्रेणी
मारे गए आतंकवादी जाकिर गनी के बारे में सुरक्षाबलों ने खुलासा किया है कि वह मूल रूप से कुलगाम का निवासी था। उसने वर्ष 2024 में लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन का दामन थामा था। सुरक्षाबलों की आंतरिक हिट लिस्ट में जाकिर गनी को A+++ श्रेणी के बेहद खतरनाक आतंकवादियों में गिना जाता था। इस एनकाउंटर के बाद भी इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य आतंकी छिपा न हो।
सुरक्षाबलों का कड़ा रुख
शोपियां के सैदापोरा गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर शुरू हुआ यह एंटी-टेरर ऑपरेशन अब अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। इस सफलता पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने X हैंडल पर साझा करते हुए कहा कि आतंकवादी भाग तो सकते हैं लेकिन वे छिप नहीं सकते। SOG शोपियां, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF ने मिलकर इस जॉइंट ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इसके अलावा कश्मीर में सुरक्षा अभियानों के दौरान तुर्की और चीन निर्मित पिस्तौलें भी बरामद हुई हैं, जो जांच का विषय बनी हुई हैं। साथ ही, रियासी में हुई एक अलग घटना में CISF की बस फिसलने से 8 जवानों सहित 9 लोग घायल हुए हैं।









