गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। 32 वर्षीय किरन और उसकी 21 वर्षीय छोटी बहन कशिश ने मिलकर किरन के लिव-इन पार्टनर जाकिर की हत्या कर दी, और फिर बड़ी चालाकी से इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। लेकिन ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने केवल 12 घंटे के भीतर पूरे षड्यंत्र को उजागर कर दोनों बहनों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल डंडा और गमछा भी उनके कब्जे से बरामद कर लिया गया है।
रिश्ता और बढ़ती शंका
बुलन्दशहर की रहने वाली किरन पिछले 8-9 महीनों से अपनी 13 वर्षीय बेटी और दो बेटों के साथ पूजा कॉलोनी में जाकिर के साथ लिव-इन में रह रही थी। पुलिस पूछताछ में किरन ने बताया कि पिछले दो महीनों से उसे यह शक होने लगा था कि जाकिर उसकी नाबालिग बेटी पर गलत नजर रखता है। बेटी की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता में डूबी किरन ने तय किया कि जाकिर को हमेशा के लिए रास्ते से हटाना होगा।
बहन को बुलाया, मिलकर बनाया खतरनाक इरादा
इस इरादे को अंजाम देने के लिए किरन ने अपनी छोटी बहन कशिश को बुलन्दशहर से गाजियाबाद बुलाया। दोनों ने मिलकर जाकिर को खत्म करने की पूरी योजना तैयार की। 23 जून को, जब वे इस योजना को अंजाम देने के लिए तैयार हुईं, तो पहले जाकिर के फोन से ही ओला कैब बुक की और किसी बहाने से बच्चों को घर के बाहर भेज दिया।
डंडे से बेहोश किया, गमछे से घोंटा गला
घर में जाकिर के अकेले रह जाने पर किरन ने उसके सिर पर डंडे से जोरदार वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद दोनों बहनों ने मिलकर गमछे से जाकिर का गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उन्होंने इसे आत्महत्या की शक्ल देने के लिए सोची-समझी चाल चली। डंडे को छत पर रखी पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया, और गमछे को पंखे से बांधकर उसकी पंखुड़ियां मोड़ दीं, ताकि देखने में ऐसा लगे जैसे जाकिर ने खुद फांसी लगाई हो।
खुद मचाया शोर, शव भी ले गई अस्पताल
पकड़े जाने के डर से किरन ने घर में खुद ही शोर मचाया और जाकिर के भाई समीर खान उर्फ नासिर को फोन कर यह खबर दी कि जाकिर ने आत्महत्या कर ली है। शक की सुई किसी पर न पड़े इसके लिए किरन खुद जाकिर का शव लेकर अस्पताल भी पहुंची। हालांकि, मृतक के भाई ने पुलिस में तहरीर दी, जिसके बाद बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हुई।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुला पूरा राज
ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की मदद से इस पूरे मामले को केवल 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया। दोनों बहनों को धर दबोचा गया और वारदात में इस्तेमाल डंडा व गमछा उनके कब्जे से बरामद हुआ। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।













