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पाकिस्तान से बातचीत की अटकलों को राम माधव ने बताया साजिश, आतंकवाद पर पहले सख्ती की मांगजम्मू-कश्मीर
4 जुल॰ 2026, 3:46 pm (45 दिन पहले)· 2

पाकिस्तान से बातचीत की अटकलों को राम माधव ने बताया साजिश, आतंकवाद पर पहले सख्ती की मांग

बीजेपी नेता और इंडिया फाउंडेशन अध्यक्ष राम माधव ने भारत-पाकिस्तान ट्रैक-2 बातचीत की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का इस्तेमाल बंद नहीं करता, तब तक बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देकर भारत की सख्त नीति को याद दिलाया।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव ने भारत और पाकिस्तान के बीच किसी गुपचुप बातचीत की चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत के पास पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने की कोई वजह नहीं बनती, क्योंकि इस्लामाबाद अब भी आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

राम माधव ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने लेख में यह बात कही है। उनके मुताबिक, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हाल में हुए एक सम्मेलन को भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 बातचीत बताना एक सोची-समझी साइकोलॉजिकल ऑपरेशन यानी दुष्प्रचार मुहिम जैसा लगता है, जिसका मकसद भारत के भीतर भ्रम और शक पैदा करना था।

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कोलंबो सम्मेलन को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया

राम माधव ने बताया कि कोलंबो में हुआ सम्मेलन कोई भारत-पाकिस्तान की द्विपक्षीय बैठक नहीं थी। यह दक्षिण एशिया से जुड़े मसलों पर चर्चा के लिए बुलाया गया एक बहुपक्षीय आयोजन था, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन और अफगानिस्तान जैसे कई देशों के जानकार, पूर्व राजनयिक, सैन्य अधिकारी और अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधि पहुंचे थे। उन्होंने खुद सिर्फ एक सत्र में हिस्सा लिया और उसके बाद वापस लौट आए।

उनका कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से औपचारिक बातचीत शुरू करने की इच्छा जरूर जताई गई, लेकिन भारत ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। राम माधव ने यह भी याद दिलाया कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि यह सम्मेलन ट्रैक-2 कूटनीति का हिस्सा कतई नहीं था।

मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ कैसे निभाए रिश्ते

राम माधव के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने की पूरी कोशिश की थी। 2014 में उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था और 2015 में अचानक लाहौर पहुंच गए थे। लेकिन इसके बावजूद उड़ी और पुलवामा जैसे बड़े आतंकी हमले हुए। इन हमलों के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ लगभग हर सीधी बातचीत को सीमित कर दिया था।

पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर की याद

राम माधव ने कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान की नीयत में कोई फर्क नहीं आया है। इसी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी तादाद में आतंकियों को मार गिराया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कह दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई अब भारत का न्यू नॉर्मल रहेगी।

शांति की बातें, जमीन पर अलग रवैया

राम माधव ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के शांति से जुड़े बयानों का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बातें तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत में उसका रवैया इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान आज भी आतंकी ढांचे को पनाह दे रहा है और सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं, जिन्हें भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बार-बार नाकाम कर रही हैं।

राम माधव ने कहा कि भारत की नीति बिल्कुल साफ है। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना और उसका इस्तेमाल करना बंद नहीं करता, तब तक दोनों देशों के बीच कोई सार्थक बातचीत मुमकिन नहीं है। उन्होंने दोहराया कि बातचीत और आतंकवाद साथ साथ नहीं चल सकते और यही भारत का लगातार रुख रहा है।

सवाल-जवाब

राम माधव कौन हैं?
राम माधव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं।
क्या भारत और पाकिस्तान के बीच सच में ट्रैक-2 बातचीत हो रही है?
राम माधव के मुताबिक ऐसा नहीं है, कोलंबो सम्मेलन एक बहुपक्षीय आयोजन था, कोई द्विपक्षीय ट्रैक-2 वार्ता नहीं।
कोलंबो सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुआ था?
भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन और अफगानिस्तान सहित कई देशों के विशेषज्ञ, पूर्व राजनयिक और सैन्य अधिकारी इसमें शामिल हुए थे।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया था।
भारत की पाकिस्तान नीति पर राम माधव का क्या कहना है?
उनके मुताबिक जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता, तब तक कोई सार्थक बातचीत संभव नहीं है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस सम्मेलन को लेकर क्या कहा था?
उन्होंने पहले ही स्पष्ट किया था कि कोलंबो सम्मेलन ट्रैक-2 कूटनीति का हिस्सा नहीं था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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