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भारत ने UNHRC में PoJK के मानवाधिकारों पर पाकिस्तान को घेरा, दमनकारी नीतियों पर उठाए सवालराजनीति
19 जून 2026, 8:16 am (45 दिन पहले)· 4

भारत ने UNHRC में PoJK के मानवाधिकारों पर पाकिस्तान को घेरा, दमनकारी नीतियों पर उठाए सवाल

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बिगड़ते मानवाधिकारों के हालात को लेकर पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है, आरोप लगाया है कि…

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों की ओर ध्यान दिलाया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में, भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने परिषद को संबोधित करते हुए, क्षेत्र की भयावह स्थिति और भारत द्वारा बताई जा रही दमन की मुहिम का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने विशेष रूप से रावलकोट में हुई दुखद घटनाओं और नागरिकों की मौतों का जिक्र करते हुए, पूरे PoJK में चल रहे संकट को सीधे पाकिस्तान की नीतियों का परिणाम बताया।

दमन और हिंसा के आरोप

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अनुपमा सिंह के माध्यम से स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान उन लोगों को निशाना बना रहा है जो केवल रोटी, बिजली और अपने अंतर्निहित अधिकारों जैसी बुनियादी चीज़ों की मांग करते हैं। भारत के अनुसार, PoJK के नागरिकों को जब वे अपनी जीविका, बिजली, गरिमा और मौलिक स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाते हैं, तो उन्हें गोलियों और बर्बर बल का सामना करना पड़ता है। भारत ने कहा कि इसमें सैन्य कब्जा, जमीनों पर नियंत्रण, जनसांख्यिकीय बदलाव की कोशिशें, और बुनियादी स्वतंत्रताओं से वंचित रखने जैसी नीतियां शामिल हैं, जिन्होंने सामूहिक रूप से PoJK को उसकी वर्तमान विकट स्थिति तक पहुंचाया है।

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भारत का रुख और कार्रवाई की मांग

भारत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पाकिस्तान को PoJK के लोगों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं को हल करने और अपनी आंतरिक स्थितियों को सुधारने को प्राथमिकता देनी चाहिए। देश ने पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्रों पर अपने दावे बंद करने और इसके बजाय अपने अवैध कब्जे वाले निवासियों के कल्याण और चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

रावलकोट में हालिया घटनाएँ

भारत की ये कड़ी टिप्पणियां PoJK में राज्य-प्रायोजित दमन की बढ़ती रिपोर्टों के बीच आई हैं। 14 जून को रावलकोट में एक महत्वपूर्ण घटना घटी, जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने एक ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईदगाह साइट पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करना था। इस कार्रवाई के दौरान, पाकिस्तानी सेना ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं।

JKJAAC के आरोप

PoJK में सक्रिय एक समूह, जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) ने 14 जून की घटना के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक बल का प्रयोग किया। उन्होंने आगे बताया कि कम से कम दो व्यक्तियों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। ऑपरेशन के बाद, पूरे रावलकोट क्षेत्र में संचार सेवाएं कथित तौर पर बंद कर दी गईं। JKJAAC ने यह भी आरोप लगाया कि खाने-पीने की चीज़ों और ज़रूरी सामान की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों के कारण कई इलाकों में इनकी कमी और बढ़ गई।

सवाल-जवाब

भारत ने किस अंतरराष्ट्रीय मंच पर PoJK का मुद्दा उठाया?
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।
भारतीय राजनयिक का नाम क्या है जिन्होंने यह मुद्दा उठाया?
भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने UNHRC में PoJK में बिगड़ते हालात और रावलकोट में हुई घटनाओं का जिक्र किया।
भारत ने पाकिस्तान पर PoJK में किन नीतियों का आरोप लगाया है?
भारत ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सैन्य कब्जे, जमीनों पर नियंत्रण, जनसांख्यिकीय बदलाव और बुनियादी स्वतंत्रताओं से वंचित रखने की नीतियों के माध्यम से PoJK में दमन कर रहा है।
PoJK में लोग किन मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं?
PoJK में लोग रोटी, बिजली, अधिकार और सम्मान जैसी बुनियादी ज़रूरतों और स्वतंत्रताओं की मांग कर रहे हैं, जिनके जवाब में कथित तौर पर बल का प्रयोग किया जा रहा है।
रावलकोट में हाल ही में क्या घटना हुई?
14 जून को रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने ईदगाह साइट पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए एक ऑपरेशन चलाया, जिसमें जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) के अनुसार, कथित तौर पर गोलियां चलाई गईं।
14 जून की घटना में JKJAAC ने क्या आरोप लगाए?
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAAC) ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने अत्यधिक बल का प्रयोग किया, जिसमें कम से कम दो लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। समिति ने यह भी बताया कि ऑपरेशन के बाद संचार सेवाएं ठप कर दी गईं और आवश्यक वस्तुओं की कमी बढ़ गई।
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