कपड़े किसी भी इंसान के व्यक्तित्व और रहन-सहन को संवारने में बेहद खास भूमिका निभाते हैं। आज के दौर में रेडीमेड गारमेंट्स का बाजार बेहद बड़ा हो चुका है, फिर भी लोगों की एक बड़ी तादाद कट पीस वाले कपड़े खरीदना ज्यादा पसंद करती है। थान से कटवाकर कपड़ा लेने का सबसे बड़ा लाभ यह रहता है कि खरीदार अपनी निजी पसंद, नाप और शरीर की बनावट के हिसाब से मनचाही सिलाई करवा सकते हैं। एक ही दुकान पर ग्राहकों को विभिन्न प्रकार के रंग, डिजाइन, कपड़े की मोटाई और क्वालिटी के कई विकल्प आसानी से मिल जाते हैं। हालांकि समय बदलने के साथ-साथ बाजार से खरीदारी करते वक्त कपड़े की सही परख करने का पुराना सलीका कम होता जा रहा है।
पुराने जमाने में लोग कपड़े को उंगलियों के बीच रखकर छूते थे, उसकी मोटाई टटोलते थे और हाथ के स्पर्श से ही उसके आरामदायक होने का सटीक अंदाजा लगा लेते थे। इसके विपरीत आज की युवा पीढ़ी केवल लेबल पर छपे नाम या दुकानदार के मौखिक दावों पर भरोसा कर लेती है। फैब्रिक की बुनियादी समझ न होने की वजह से कई बार खरीदार धोखा खा जाते हैं और गलत कपड़ा घर ले आते हैं।
मुनाफे की होड़ में मिक्स फैब्रिक बन जाता है प्योर कॉटन
झुमरी तिलैया में कलाली रोड पर स्थित कॉटन वर्ल्ड के संचालक मिनहाज अंसारी के अनुसार अक्सर कई ग्राहक इस शिकायत के साथ पहुंचते हैं कि किसी अन्य दुकानदार ने उन्हें मिलावटी कपड़ा थमा दिया। कई मर्तबा दो अलग-अलग धागों से बुने गए मिक्स फैब्रिक अथवा लिनन को भी सौ फीसदी शुद्ध सूती बताकर बेच दिया जाता है। कपड़ा बाजार में अनगिनत वैरायटी और अलग-अलग दर्जे का माल उपलब्ध रहता है, लेकिन हर सामान्य उपभोक्ता तकनीकी बारीकियों से वाकिफ नहीं होता। ऐसे में खरीदारी करने से पूर्व फैब्रिक की सीधी और आसान पहचान के तौर-तरीके जानना हर ग्राहक के लिए फायदेमंद साबित होता है।
मुट्ठी टेस्ट से सेकंडों में पकड़ें असली कॉटन
शुद्ध सूती फैब्रिक की पहचान का सबसे आसान और आजमाया हुआ नुस्खा मुट्ठी टेस्ट है। इसके लिए कपड़े के किसी एक कोने या हिस्से को हाथ में पकड़ें और मुट्ठी को पूरी ताकत से कसकर दबाएं। कुछ सेकंड बाद जब मुट्ठी खोलेंगे, तो अगर उस हिस्से पर साफ और गहरी सिलवटें यानी रिंकल्स नजर आने लगें, तो समझ लीजिए कि वह असली कॉटन है। इसके उलट जब दो अलग-अलग प्रकार के रेशों को मिलाकर कपड़ा तैयार किया जाता है, तो उसमें एक खास तरह की मखमली चमक दिखाई देती है। ऐसे मिक्स कपड़े को मुट्ठी में भींचने पर वैसी गहरी सिलवटें नहीं पड़तीं जैसी विशुद्ध कॉटन में देखने को मिलती हैं।
गर्मियों में राहत देता है पेपर सिल्क फैब्रिक
सूती कपड़ों की श्रेणी में पेपर सिल्क भी एक बेहद उम्दा विकल्प माना जाता है। कड़कती गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक और सुकून देने के मामले में यह कपड़ा काफी पसंद किया जाता है। पसीना सोखने की इसकी खूबी इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहद उपयोगी बनाती है। पेपर सिल्क की पड़ताल करने के लिए भी कपड़े को हाथ में मोड़कर देखा जा सकता है। मोड़ने पर इसमें सूती के मुकाबले भी ज्यादा गहरी सिलवटें उभरती हैं, जो इसकी बनावट का स्वाभाविक लक्षण हैं।
दाग छुड़ाने में आसान है प्रीमियम कॉटन और लिनन की पहचान
शर्ट सिलवाने के शौकीनों के बीच प्रीमियम कॉटन की मांग हमेशा बनी रहती है। यह फैब्रिक देखने में थोड़ा चमकदार और छूने में आम सूती कपड़े की तुलना में हल्का मोटा महसूस होता है। प्रीमियम कॉटन की सबसे बड़ी व्यावहारिक खूबी यह है कि इस पर लगे सामान्य दाग-धब्बे धोने पर बहुत आसानी से निकल जाते हैं। इसके अलावा बाजार में शर्ट और कुर्ते के लिए लिनन कॉटन फैब्रिक का भी चलन है। कई बार इसे भी सीधा कॉटन बताकर बेच दिया जाता है। लिनन की पहचान कपड़े में दिखने वाले स्ट्रिपनुमा धागों के खास बुनावट पैटर्न से की जाती है। यह फैब्रिक लचीला और दिखने में आकर्षक होता है। जब इसे हाथ से दबाया जाता है, तो इसमें भी सिलवटें बनती हैं जो सामान्य कॉटन से ज्यादा गहरी नजर आ सकती हैं।





















