झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान बीआईटी मेसरा परिसर में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां के एक हॉस्टल से एमएससी की छात्रा का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ। हॉस्टल नंबर 9 के कमरे में छात्रा का शव फंदे से लटकता पाए जाने के बाद संस्थान के विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान परास्नातक पाठ्यक्रम की छात्रा अंजली के रूप में की गई है।
कमरा बंद रहने पर अन्य छात्राओं को हुआ अंदेशा
शनिवार शाम को शैक्षणिक कक्षाएं समाप्त होने के उपरांत अंजली अपने हॉस्टल स्थित कमरे में लौटी थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह कमरे से बाहर नहीं निकली और अंदर से कोई हलचल नहीं दिखी, तो पास के कमरों में रहने वाली छात्राओं को किसी अप्रिय घटना की आशंका हुई। सहपाठियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फौरन हॉस्टल वार्डन और कॉलेज प्रशासन को सूचित किया। जब कमरे के भीतर देखा गया, तो अंजली का शरीर छत के पंखे से बंधे फंदे के सहारे लटक रहा था।
कमरे से डायरी बरामद, तनाव की ओर इशारा
हॉस्टल प्रबंधन से सूचना प्राप्त होते ही बीआईटी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस दल ने कमरे का निरीक्षण कर शव को अपने नियंत्रण में लिया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। तलाशी के दौरान कमरे से कोई औपचारिक सुसाइड नोट तो प्राप्त नहीं हुआ, लेकिन पुलिस को एक निजी डायरी मिली है। इस डायरी के पन्नों में दर्ज विवरणों से संकेत मिलता है कि छात्रा पिछले कुछ वक्त से गहरे पारिवारिक संकट से जूझ रही थी और मानसिक दबाव में चल रही थी। प्राथमिक स्तर पर माना जा रहा है कि इसी अवसाद के प्रभाव में आकर उसने ऐसा कदम उठाया होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान का इंतजार
बीआईटी थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए भिजवा दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत की वास्तविक वजह और समय की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव हो सकेगी। साथ ही छात्रा के परिजनों के बयान दर्ज किए जाने के बाद घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आएंगे। प्रशासन मामले से जुड़े हर तकनीकी और व्यावहारिक पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहा है।



















