राजस्थान के नागौर जिले की कुचेरा नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। नवनिर्वाचित पार्षदों की खरीद-फरोख्त और पाला बदलने की आशंकाओं के बीच यहां एक नया मोड़ सामने आया है। वार्ड नंबर 9 से चुनाव जीतकर आए कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के अचानक लापता होने की खबर ने पूरे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारे में हड़कंप मचा दिया है। इस संबंध में पार्षद के साले ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर दोनों के अपहरण की आशंका व्यक्त की है। इस शिकायत के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और उस होटल के बाहर जा पहुंची, जहां कांग्रेस समर्थित पार्षदों की बाड़ेबंदी की गई थी।
पार्षद के साले ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत, अनहोनी का जताया डर
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी का मोबाइल फोन बंद आने लगा और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद लिम्बाराम के साले महेंद्र ने स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी रिपोर्ट में महेंद्र ने पुलिस से दोनों को जल्द से जल्द सुरक्षित तलाशने की गुहार लगाई है। उन्होंने आशंका जताई है कि आगामी कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन चुनाव को लेकर उनके जीजा और बहन पर भारी दबाव बनाया जा रहा है और इस राजनीतिक खींचतान के बीच दोनों का अपहरण भी किया जा सकता है। महेंद्र की इस शिकायत ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और नागौर तथा कुचेरा के आसपास के उन सभी होटलों और रिसॉर्ट्स के बारे में खुफिया जानकारी जुटाना शुरू किया, जहां पार्षदों के ठहरने की संभावना थी।
कांग्रेस पार्षदों की बाड़ेबंदी वाले होटल पहुंची भारी पुलिस टीम
शिकायत मिलते ही मुंडवा के सीओ धर्म पूनिया और कुचेरा थानाधिकारी हबीब के नेतृत्व में एक बड़ी पुलिस टीम हरकत में आई। पुलिस का भारी जाब्ता उस होटल की तरफ रवाना हुआ, जहां चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के विजयी पार्षदों को एक साथ रखा गया था, जिसे स्थानीय राजनीतिक भाषा में बाड़ेबंदी कहा जाता है। पुलिस टीम होटल के मुख्य द्वार पर पहुंची और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों तथा होटल प्रबंधन को मामले की गंभीरता से अवगत कराया। पुलिस अधिकारियों ने होटल के भीतर मौजूद पार्षद लिम्बाराम से मिलकर उनके बयान दर्ज करने की इच्छा जताई। हालांकि, राजनीतिक तनाव और पार्टी की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस टीम को होटल के परिसर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद पुलिसकर्मी पीछे नहीं हटे और होटल के मुख्य गेट के बाहर ही अपनी गाड़ियों के साथ मुस्तैद रहे। मुंडवा सीओ धर्म पूनिया ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य पार्षद की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनका बयान दर्ज करना है, जिसके लिए वे होटल के बाहर ही इंतजार करते रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लिम्बाराम का वीडियो, पुलिस ने साधी चुप्पी
जब होटल के बाहर पुलिस की टीम मुस्तैद थी, उसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। इस वीडियो में वार्ड नंबर 9 के नवनिर्वाचित पार्षद लिम्बाराम खुद दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह शांत दिख रहे हैं और उन्होंने दावा किया है कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लिम्बाराम ने वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि उन पर किसी तरह का कोई खतरा नहीं है और न ही उनका अपहरण किया गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस वीडियो को लेकर बेहद सतर्कता भरा रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक या तकनीकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। मुंडवा सीओ धर्म पूनिया के अनुसार, जब तक पुलिस स्वयं पार्षद लिम्बाराम से आमने-सामने मुलाकात नहीं कर लेती और उनका आधिकारिक बयान लिखित में दर्ज नहीं कर लेती, तब तक इस वीडियो के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। पुलिस फिलहाल शिकायतकर्ता महेंद्र की रिपोर्ट को आधार मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
कुचेरा नगर पालिका में राजनीतिक जंग, मिर्धा बनाम मिर्धा का विवाद
कुचेरा नगरपालिका में चेयरमैन की कुर्सी हथियाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच चल रही जंग अब बेहद व्यक्तिगत और हिंसक आरोपों में तब्दील हो चुकी है। इस लापता पार्षद के मामले से ठीक एक दिन पहले भी यहां भारी बवाल हुआ था। कांग्रेस पार्टी के चेयरमैन पद के प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। तेजपाल मिर्धा का कहना था कि जब वे सभी पार्षद शपथ ग्रहण समारोह के बाद वापस लौट रहे थे, तो कुछ गाड़ियों ने उनके वाहनों का पीछा किया और उन्हें जानबूझकर टक्कर मारने की कोशिश की गई। इस घटना के पीछे उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रिछपाल मिर्धा का हाथ होने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीति में पहले से ही उबाल था, और अब कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत आने से तनाव दोगुना हो गया है। शिकायतकर्ता का स्पष्ट रूप से मानना है कि चेयरमैन चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के लिए पार्षदों पर नाजायज दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कर रहे हैं और तथ्यों के सामने आने के बाद ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















