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हॉस्टल और फ्लैट में रहने वालों के लिए आसान अंडा भुर्जी रेसिपी, मिनटों में बनाएं स्वादिष्ट भोजनझारखंड
19 सित॰ 2026, 12:35 pm (1 घंटे पहले)· 0

हॉस्टल और फ्लैट में रहने वालों के लिए आसान अंडा भुर्जी रेसिपी, मिनटों में बनाएं स्वादिष्ट भोजन

कम खर्च और सीमित बर्तनों में झटपट बनने वाली अंडा भुर्जी घर से दूर रहने वाले छात्रों और कामकाजी युवाओं के लिए एक पौष्टिक और स्वादिष्ट विकल्प है।

घर-परिवार से दूर किसी दूसरे शहर में पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में रह रहे युवाओं के सामने रोजाना सबसे बड़ी चुनौती वक्त पर पौष्टिक खाना जुटाने की होती है। बाहर होटल या ढाबे का खाना लगातार खाने से न सिर्फ जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, बल्कि स्वास्थ्य और घर के बने सादे भोजन की कमी भी लगातार खलती है। ऐसी स्थिति में कम संसाधनों और सीमित समय में तैयार होने वाली घरेलू अंडा भुर्जी एक बेहतरीन और संतुलित विकल्प साबित होती है। इस व्यंजन की खासियत यह है कि इसे पकाने के लिए किसी विशेष पाक कला अनुभव या भारी-भरकम सामग्री की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती है।

तैयारी और जरूरी सामग्री का चुनाव

अंडा भुर्जी बनाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले एक साफ कटोरी में 2 से 3 अंडे फोड़कर निकाल लें। इसके बाद अंडों में स्वादानुसार सादा नमक और थोड़ी लाल मिर्च का पाउडर मिलाएं और कांटे या चम्मच की सहायता से घोल को अच्छी तरह फेंट लें। सब्जियों की तैयारी में एक प्याज, एक छोटा टमाटर और एक हरी मिर्च को बारीक टुकड़ों में काट कर रख लें। अगर उपलब्ध हो, तो थोड़ा ताजा हरा धनिया भी बारीक काटकर अलग रख सकते हैं। कम सामग्री और झटपट तैयारी के चलते यह व्यंजन सुबह या शाम के व्यस्त समय में बेहद सहूलियत देता है।

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मसाला भूनने और पकाने का सही तरीका

एक कड़ाही को गैस पर रखकर उसमें एक से दो चम्मच कुकिंग ऑयल डालें और उसे मध्यम आंच पर गरम होने दें। जब तेल पर्याप्त गरम हो जाए, तब उसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालकर तब तक चलाएं जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए। इसके तुरंत बाद कटी हुई हरी मिर्च और बारीक कटे टमाटर कड़ाही में शामिल कर दें। अब इस तड़के में थोड़ी हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और अपने स्वादानुसार थोड़ा नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। इस पूरे मसाले को तब तक धीमी आंच पर पकने दें जब तक कि टमाटर पूरी तरह गलकर नरम न हो जाएं, जिससे भुर्जी का स्वाद और खुशबू दोनों काफी बेहतर हो जाते हैं।

अंडा मिलाने की विधि और परोसने के विकल्प

जब टमाटर और प्याज का मसाला पककर तैयार हो जाए, तब पहले से फेंटे हुए अंडों के मिश्रण को कड़ाही में उलट दें। अंडा डालते ही चूल्हे की आंच को मध्यम रखें और करछुल से मिश्रण को बिना रुके लगातार चलाते रहें। अंडे को प्याज और टमाटर की ग्रेवी के साथ अच्छी तरह मिलाते हुए पकाएं ताकि वह कड़ाही के तलवे में चिपके नहीं। महज कुछ ही मिनटों में अंडा पककर छोटे-छोटे टुकड़ों वाली भुर्जी का आकार लेने लगेगा। यहां ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा देर तक न भूनें, अन्यथा अंडा सख्त और सूखा हो सकता है। जैसे ही भुर्जी पक जाए, ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया छिड़कें और गैस बंद कर दें। इस गरमा-गरम भुर्जी को सादी रोटी, पराठे, ब्रेड स्लाइस या उबले चावल के साथ बड़े चाव से खाया जा सकता है।

सवाल-जवाब

अंडा भुर्जी बनाने के लिए कितने अंडों की जरूरत होती है?
इस रेसिपी के अनुसार 2 से 3 अंडों का इस्तेमाल किया जाता है।
अंडे के घोल में कौन से बुनियादी मसाले मिलाए जाते हैं?
अंडों को फेंटते समय उसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ी लाल मिर्च मिलाई जाती है।
तड़के के लिए कौन सी सब्जियां काटी जाती हैं?
एक प्याज, एक छोटा टमाटर और एक हरी मिर्च को बारीक काटकर तड़के में इस्तेमाल किया जाता है।
अंडा डालने के बाद गैस की आंच कैसी रखनी चाहिए?
अंडा कड़ाही में डालते ही गैस की आंच को मध्यम कर देना चाहिए और लगातार चलाते रहना चाहिए।
अंडे को ज्यादा देर तक पकाने से क्या असर पड़ता है?
ज्यादा देर तक पकाने से अंडा सूखा और कड़ा हो सकता है।
अंडा भुर्जी को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है?
इसे रोटी, पराठे, ब्रेड या सादे चावल के साथ गरमा-गरम परोसा जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·33 मिनट पहले

यह रेसिपी केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं की आर्थिक और जीवनशैली से जुड़ी है जो घर से दूर रहकर अपने बजट का प्रबंधन करते हैं। बाहर खाने पर होने वाले मासिक खर्च में कटौती कर युवा इस तरह के बुनियादी विकल्पों से अपनी बचत को बचाते हैं और इसे म्यूचुअल फंड या छोटे निवेश में लगा सकते हैं। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते लिविंग कॉस्ट के बीच, इस तरह के त्वरित और कम लागत वाले घरेलू प्रबंध महंगाई के दबाव से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 मिनट पहले

यह पाक-कला संबंधी लेख शहरी प्रवासियों की रोजमर्रा की आर्थिक और सामाजिक वास्तविकताओं को गहराई से छूता है। जब युवा देश के महानगरों में शिक्षा या रोजगार के लिए जाते हैं, तो आवास और खान-पान का बढ़ता खर्च उनके बजट को बुरी तरह प्रभावित करता है। इस तरह के कम लागत वाले घरेलू नुस्खे न केवल व्यक्तिगत स्तर पर वित्तीय अनुशासन सिखाते हैं, बल्कि देश की श्रम शक्ति के एक बड़े हिस्से को महंगे शहरी जीवन की मार से बचाते हुए दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की ओर भी ले जाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

एक क्राइम संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि महानगरों में सस्ते और त्वरित भोजन की तलाश में रहने वाले युवा अक्सर बिना पंजीकरण वाले टिफिन सेवा प्रदाताओं या अनियंत्रित ठिकानों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यह रेसिपी छात्रों और कामकाजी युवाओं को सुरक्षा और स्वास्थ्य जोखिमों से बचाकर आत्मनिर्भर बनाती है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और घरेलू प्रबंधन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·59 मिनट पहले

उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित होते शहरी केंद्रों में किराए के मकानों में रहने वाले लाखों विद्यार्थियों और आईटी पेशेवरों के लिए यह जीवनशैली से जुड़ी एक व्यावहारिक आवश्यकता है। जब युवा कम संसाधनों में खुद भोजन तैयार करते हैं, तो वे बाहरी खान-पान से होने वाले स्वास्थ्यगत जोखिमों और अनियमित जीवनशैली से बच पाते हैं, जो अंततः राज्य के युवा जनसांख्यिकी के बेहतर स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को सुदृढ़ करता है।

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