झारखंड के लोकप्रिय सोशल मीडिया चेहरे आर्यन केल्विन इन दिनों इंटरनेट पर अपनी जबरदस्त लोकप्रियता के कारण खासी चर्चा बटोर रहे हैं। उनके अनगिनत फॉलोअर्स और लगातार वायरल हो रहे वीडियो ने उन्हें घर-घर में एक जाना-पहचाना नाम बना दिया है, और इस लोकप्रियता का असर अब बोकारो की सड़कों पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। बोकारो के सेक्टर-4 में जगन्नाथ मंदिर के ठीक सामने लगने वाले एक साधारण से भेलपुरी के ठेले पर भी अब इसी प्रसिद्धि की चमक नजर आ रही है। इस ठेले को चलाने वाले कोई और नहीं बल्कि खुद आर्यन केल्विन के चाचा पप्पू पंडित हैं, जिन्होंने अपने भतीजे के नाम पर अपनी दुकान की पहचान को एक नया मोड़ दे दिया है।
भतीजे की सफलता पर गर्व महसूस करता है पूरा परिवार
एक खास बातचीत के दौरान पप्पू पंडित ने खुलकर अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि और भतीजे के सफर पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्यन केल्विन उनके अपने सगे बड़े भाई राजेश पंडित के बेटे हैं। परिवार के विस्तार के बारे में बताते हुए उन्होंने साझा किया कि वे कुल तीन भाई हैं और उनके संयुक्त परिवार में लगभग 10 से 15 भाई शामिल हैं। आर्यन के सोशल मीडिया की दुनिया में किए जा रहे बेहतरीन कामों से न केवल उनके माता-पिता और चाचा बेहद खुश हैं, बल्कि उनका पूरा गांव भी इस उपलब्धि को अपने लिए एक बड़े गर्व का विषय मानता है।
पोस्टर लगते ही दुकान पर उमड़ने लगे ग्राहक
पप्पू पंडित ने इस बात का खुलासा किया कि जब से उन्होंने अपनी छोटी सी दुकान पर 'आर्यन केल्विन भेलपुरी' का आकर्षक पोस्टर लगवाया है, तब से आसपास से गुजरने वाले ग्राहकों का ध्यान तेजी से उनकी तरफ आकर्षित हुआ है। सड़क से गुजरने वाले तमाम बच्चे और अन्य ग्राहक इस अनोखे नाम को पढ़कर ठेले के सामने रुक जाते हैं और उत्सुकतावश यह सवाल पूछते हैं कि आखिर उनका आर्यन केल्विन के साथ क्या रिश्ता है। जब लोगों को यह सच्चाई पता चलती है कि पप्पू पंडित वास्तव में उस लोकप्रिय इंटरनेट स्टार के चाचा हैं, तो वे उनसे बड़ी गर्मजोशी से बातचीत करने लगते हैं और अपनी उत्सुकता शांत करते हैं।
फैन बच्चों को मिलता है खास स्नेह और अतिरिक्त स्वाद
दुकान पर आने वाले छोटे-छोटे प्रशंसकों के प्रति अपने प्यार को जाहिर करते हुए पप्पू पंडित बताते हैं कि वे आर्यन केल्विन के नाम से दुकान पर पहुंचने वाले बच्चों को हमेशा प्यार से दो-दो पापड़ी बिल्कुल मुफ्त में अतिरिक्त देते हैं। आम तौर पर जहां पापड़ी चाट या फिर बटाटा पुरी की एक प्लेट में ग्राहकों को आठ पापड़ी परोसी जाती है, वहीं वे अपने ठेले पर सभी को नियमों से हटकर दस पापड़ी परोसते हैं। उनका सीधा और स्पष्ट नजरिया यह है कि इस छोटे से व्यवसाय को चलाने का उनका प्राथमिक उद्देश्य केवल पैसा कमाना नहीं है, बल्कि अपनी मेहनत के जरिए समाज में सम्मान और एक अलग पहचान हासिल करना है।
दो दशक पुराना संघर्ष और खानपान का सफर
अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए पप्पू पंडित ने बताया कि वे जीविका की तलाश में वर्ष 2000 में बोकारो आए थे। यहां आकर उन्होंने शुरुआत में झालमुड़ी बेचने से लेकर धीरे-धीरे भेलपुरी का ठेला लगाने तक का एक लंबा और कठिन सफर तय किया है। आज भी वे इसी मेहनत और लगन वाले काम से अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। पारिवारिक मुलाकातों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि आर्यन के साथ उनकी आखिरी मुलाकात आखिरी बार रथ पूजा के दौरान हुई थी, जब दोनों की आपस में भेंट हुई थी।
दोगुनी हो गई भेलपुरी और चाट की बिक्री
पप्पू पंडित के इस ठेले पर ग्राहकों के लिए पापड़ी चाट, भेलपुरी, दहीपुरी और बटाटा पुरी जैसे कई बेहतरीन और स्वादिष्ट आइटम उपलब्ध रहते हैं। इनमें से भी विशेष रूप से पापड़ी चाट और बटाटा पुरी की मांग ग्राहकों के बीच सबसे अधिक बनी रहती है। उनकी यह दुकान सुबह 10 बजे से लेकर शाम को 7 बजे तक ग्राहकों के लिए खुली रहती है। उनके अपने आंकड़ों के मुताबिक, जब से उन्होंने ठेले पर आर्यन केल्विन का नया पोस्टर लगाया है, तब से उनकी कुल बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। पहले जहां उनके ठेले से रोजाना औसतन लगभग 100 प्लेट की बिक्री होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर सीधे 150 से 200 प्लेट प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उनका अटूट विश्वास है कि आर्यन की सोशल मीडिया वाली शोहरत ने उनके इस छोटे से ठेले को स्थानीय स्तर पर एक खास पहचान दिला दी है।
स्वाद और मिलने का समय
पप्पू पंडित मुस्कुराते हुए यह भी बताते हैं कि खुद आर्यन केल्विन को भी भेलपुरी का स्वाद बेहद पसंद है। यही मुख्य वजह है कि उनके नाम से दुकान पर पोस्टर लगवाने से उन्हें एक अलग ही प्रकार की खुशी मिलती है। यदि आप भी इस प्रसिद्ध ठेले पर आकर जायका लेना चाहते हैं, तो ग्राहक यहां मात्र ₹70 में स्वादिष्ट भेलपुरी का आनंद उठा सकते हैं। इस लजीज स्वाद का लुत्फ उठाने के लिए आपको बोकारो के सेक्टर 4 में स्थित सिटी मॉल के पास आना होगा, जहां शाम 4 बजे के बाद उनका स्टॉल पूरी तरह सजकर तैयार हो जाता है।


















