शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर मां महागौरी और तुलसी पूजा का विशेष महत्व, जानें शुभ मुहूर्त और स्वास्थ्य लाभवेस्टइंडीज सीरीज में बाहर बैठे रहे वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताई प्लेइंग इलेवन की हकीकतसाप्ताहिक राशिफल 18 से 24 अक्टूबर 2026: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, नौकरी में पदोन्नति और धन लाभ के प्रबल योगमूलांक 9 राशिफल 18 अक्टूबर 2026: बातचीत में बढ़ेगा आपका प्रभाव, जल्दबाजी में बड़े वादे करने से बचेंबेंगलुरु टी20 में बारिश के व्यवधान के बीच भारतीय बल्लेबाजों ने 17 गेंदों में ठोकी तूफानी फिफ्टीमुंबई के विद्याविहार ब्रिज के नामकरण पर छिड़ी सियासत, उद्धव गुट और बीजेपी आमने-सामनेझांसी की कल्पना ने आजीविका मिशन से मदद न मिलने पर खोली कपड़ों की दुकान, बनीं आत्मनिर्भरकोटा में बड़ी चोरी: सुल्तानपुर के देव ज्वेलर्स से 3 मिनट में तिजोरी उड़ा ले गए नकाबपोश, 70 लाख के जेवर चोरीमूलांक 3 राशिफल 18 अक्टूबर 2026: अटके काम पूरे करने का दिन, लेकिन गुस्से पर रखना होगा काबूनकली इनकम टैक्स अफसर बनकर करोड़ों की डकैती डालने वाला आठवां आरोपी अजमेर से पकड़ाया, 3 करोड़ के जेवर बरामद
डाक विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा 60 दिन का बोनस, केंद्र सरकार ने जारी किए आदेशझारखंड
18 अक्तू॰ 2026, 11:09 am (30 मिनट पहले)· 0

डाक विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा 60 दिन का बोनस, केंद्र सरकार ने जारी किए आदेश

संचार मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए डाक विभाग के कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस देने का आदेश जारी कर दिया है। इससे बिहार और झारखंड के 60,000 से अधिक डाककर्मियों सहित पूरे देश के पात्र कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

संचार मंत्रालय ने डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सरकार के इस कदम से 60 दिनों के वेतन के बराबर धनराशि पात्र डाककर्मियों को बोनस के रूप में दी जाएगी। इस फैसले का व्यापक प्रभाव बिहार और झारखंड क्षेत्र में देखने को मिलेगा, जहाँ के 60,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा योजना का लाभ

मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह बोनस मुख्य रूप से गैर-राजपत्रित श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए स्वीकृत किया गया है। इसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), ग्रुप सी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र डाक कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे नियमित ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को अनुग्रह राशि के रूप में बोनस का भुगतान किया जाएगा।

ये भी पढ़ें

बोनस गणना और वेतन सीमा के नियम

उत्पादकता आधारित बोनस की गणना के लिए सरकार ने मासिक वेतन की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की है। इस गणना में कर्मचारी का मूल वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य स्वीकृत भत्ते शामिल किए जाएंगे। यह राशि 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के मध्य कर्मचारी द्वारा प्राप्त किए गए औसत वेतन के आधार पर 60 दिनों के लिए तय होगी। यदि किसी कर्मचारी ने पूरे वर्ष काम नहीं किया है, तो उसे सेवा अवधि के अनुसार आनुपातिक आधार पर बोनस मिलेगा।

ग्रामीण डाक सेवकों और आकस्मिक श्रमिकों के लिए प्रावधान

ग्रामीण डाक सेवकों के मामले में बोनस का आंकलन उनके टीआरसीए और महंगाई भत्ते को जोड़कर किया जाएगा, जिसमें भी 7,000 रुपये की अधिकतम मासिक सीमा लागू रहेगी। वहीं लगातार तीन वर्षों से कार्यरत पूर्णकालिक आकस्मिक श्रमिकों को भी तदर्थ बोनस देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 1,200 रुपये प्रति माह की सांकेतिक मजदूरी का आधार तय किया गया है, बशर्ते उन्होंने वर्ष में कम से कम 240 दिन (5 दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में 206 दिन) कार्य किया हो। वित्तीय वर्ष के दौरान सेवानिवृत्त, इस्तीफा देने वाले अथवा सेवा छोड़ने वाले कर्मचारियों को भी उनकी सेवा की अवधि के अनुपात में यह लाभ प्रदान किया जाएगा।

सवाल-जवाब

डाक विभाग के कर्मचारियों को कितने दिनों का बोनस मिलेगा?
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र डाक कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी है।
बोनस गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा क्या तय की गई है?
उत्पादकता आधारित बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है।
किन-किन श्रेणियों के कर्मचारियों को यह बोनस प्राप्त होगा?
यह लाभ मल्टी टास्किंग स्टाफ, ग्रुप सी, गैर-राजपत्रित ग्रुप बी, ग्रामीण डाक सेवकों और पात्र आकस्मिक श्रमिकों को मिलेगा।
बिहार और झारखंड के कितने कर्मचारियों को इसका लाभ पहुंचेगा?
बिहार और झारखंड राज्यों के 60,000 से अधिक डाककर्मियों को इस सरकारी आदेश से सीधा लाभ मिलेगा।
आकस्मिक श्रमिकों को बोनस पाने के लिए क्या शर्तें पूरी करनी होंगी?
आकस्मिक श्रमिकों के लिए लगातार तीन साल का कार्य अनुभव और वर्ष में कम से कम 240 दिन (5 दिवसीय दफ्तरों में 206 दिन) काम करना अनिवार्य है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp