जमशेदपुर में एक आईटी पेशेवर ने अपनी नौकरी के साथ कुछ हटकर करने की ठानी और आज वे प्राकृतिक कचरे और अवशेषों से बेहद खूबसूरत और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार कर रहे हैं। इस अनोखे कारोबार की शुरुआत करने वाले कौशिक चटर्जी ने साबित कर दिया है कि लगन और पक्के इरादे से किसी भी काम को सही दिशा दी जा सकती है। अपने मुख्य पेशे के तौर पर वे आईटी सेक्टर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस रचनात्मक बिजनेस की नींव रखी है। वर्तमान में वे लगभग 10 से 12 लोगों की एक समर्पित टीम के साथ मिलकर इन उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं।
प्राकृतिक सामग्री का अनूठा उपयोग
इस कारोबार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें प्लास्टिक या किसी भी तरह के सिंथेटिक मटेरियल का उपयोग न के बराबर किया जाता है। उत्पादों को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से पेड़-पौधों के पत्तों, फूलों, मकई के छिलकों, सवाई घास, ताल के पत्तों और अन्य प्राकृतिक अवशेषों का इस्तेमाल किया जाता है। इन सभी सामग्रियों को पहले करीने से सुखाया जाता है और फिर उन्हें कुशल कारीगरों द्वारा आकर्षक डिजाइन दिए जाते हैं। इन प्राकृतिक तत्वों के माध्यम से कई प्रकार के सुंदर बुके, फूलों की सजावट का सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं बनाई जाती हैं।
तैयार होने वाले उत्पादों की विविधता
कौशिक चटर्जी और उनकी टीम द्वारा बनाए जाने वाले सामानों की सूची काफी लंबी है। इनमें मुख्य रूप से ड्राई फ्लावर बुके, मकई के छिलकों से तैयार की जाने वाली सजावटी टोकरियां, सवाई घास से बनी बास्केट, ताल के पत्तों के डेकोरेशन आइटम, हैंडमेड फ्लावर्स और वॉल हैंगिंग शामिल हैं। इसके अलावा टेबल डेकोरेशन का सामान, गिफ्ट पैकिंग के लिए खास चीजें, प्लांटर कवर्स, पेन स्टैंड और विभिन्न प्रकार के छोटे होम डेकोर आइटम्स भी बनाए जाते हैं। प्राकृतिक सामग्री से तैयार होने के कारण इन सभी उत्पादों की बनावट और सुंदरता बाजार में मिलने वाली आम चीजों से काफी अलग दिखती है।
व्यापार का मुख्य उद्देश्य और टीम वर्क
इस पूरे उद्यम के पीछे का मुख्य मकसद केवल व्यावसायिक मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि लोगों तक पर्यावरण के अनुकूल एक बेहतर और सुंदर विकल्प पहुंचाना है। बेकार समझी जाने वाली प्राकृतिक चीजों का दोबारा इस्तेमाल कर के नए उत्पाद बनाना इस पहल का मुख्य आधार है। इस काम में उनका साथ देने वाली 10 से 12 लोगों की टीम पूरी शिद्दत से जुटी हुई है। टीम के सभी सदस्यों के बीच कार्यों का स्पष्ट विभाजन किया गया है, जहां कुछ लोग प्राकृतिक सामग्री जुटाने और उसे सुखाने का काम संभालते हैं, वहीं अन्य सदस्य उसे सुंदर आकार देने और डिजाइन करने का जिम्मा उठाते हैं।
स्थानीय स्तर पर मिल रहा है बेहतरीन प्रतिसाद
हाल ही में कौशिक चटर्जी अपनी इस अनोखी रेंज के साथ जमशेदपुर के आम नागरिकों के बीच पहुंचे। जब स्थानीय लोगों को यह जानकारी मिली कि साधारण से फूल, पत्ते, घास और मकई के बेकार छिलकों से इतनी बेहतरीन चीजें बनाई जा सकती हैं, तो उनकी उत्सुकता काफी बढ़ गई। लोग इन उत्पादों की ओर खासे आकर्षित हो रहे हैं, विशेष तौर पर घरों की साज-सज्जा करने, किसी को उपहार देने और आकर्षक बुके खरीदने के लिए इन हैंडमेड प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
नौकरी के साथ इतने अलग तरह के व्यवसाय को संभालना निश्चित रूप से एक कठिन चुनौती थी, लेकिन कुछ नया करने की चाह और अपनी पसंद के प्रति समर्पण ने उन्हें हर मुश्किल पार करने की प्रेरणा दी। कौशिक का मानना है कि उनकी टीम लगातार नए प्रयोग कर रही है ताकि प्राकृतिक सामग्री से और भी बेहतर उत्पाद बाजार में लाए जा सकें। आने वाले समय में उनकी योजना इस दायरे को और अधिक बढ़ाने की है, ताकि स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस काम से जोड़ा जा सके और इको-फ्रेंडली उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की जा सके।




















