झारखंड के पलामू जिले में एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है, जहां एक पिता ने अपने बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अंत में उस बेटे का शव जंगल से बरामद हुआ। इस पूरे मामले की जांच के बाद पुलिस ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है। हत्या की यह साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद मृतक की पत्नी ने रची थी, जिसने अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए अपराधियों को भारी भरकम रकम सौंपी थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
लापता बेटे की तलाश और जंगल में मिला शव
इस पूरी घटना की शुरुआत 19 सितंबर को हुई थी, जब बिरजू उरांव ने लेस्लीगंज थाने पहुंचकर अपने बेटे के अचानक गायब होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत तलाश शुरू कर दी। इसके कुछ दिनों बाद यानी 23 सितंबर को एकता जंगल से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। जब बिरजू उरांव ने इस शव को देखा, तो उसने उसकी पहचान अपने लापता बेटे पंकज उरांव के रूप में की। बेटा तो मिल गया था, लेकिन वह मृत अवस्था में था, जिसके कारण वह खुद पर बीती दर्दनाक दास्तां बयां करने की स्थिति में नहीं था।
घरेलू कलह और मुआवजे की रकम का कनेक्शन
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने मृतक पंकज उरांव की पत्नी अनिमा कुमारी से गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसके पति का कई अन्य युवतियों से संपर्क था और फोन पर लंबी बातचीत करने की उसकी इस आदत को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। आरोपी पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति उसके साथ मारपीट करता था और उसे जान से मारने की धमकियां भी देता था। पुलिस की आगे की जांच में एक बहुत बड़ा और अहम वित्तीय पहलू सामने आया। अधिकारियों को पता चला कि मृत पंकज और उसके पिता को नेशनल हाईवे परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिला था। इसी मुआवजे के भारी-भरकम पैसों में से पत्नी ने अपने पति की हत्या की सुपारी देने के लिए दस लाख रुपये खर्च कर दिए थे।
हत्या की खौफनाक साजिश और अंजाम
पुलिस के मुताबिक, तय योजना के तहत दस लाख रुपये की सुपारी तेतरी देवी नाम की एक महिला को दी गई थी, जिसमें एक अन्य महिला को भी शामिल किया गया था। इन दोनों महिलाओं ने मिलकर पंकज को रास्ते से हटाने का पूरा ताना-बाना बुना। साजिश के तहत पहले महिलाओं ने पंकज से मोबाइल फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू किया और उसका विश्वास जीता। इसके बाद एक महिला ने उसे मिलने के लिए बुलाया और जब वह पहली बार में भरोसे में आ गया, तो उसे दोबारा मिलने के लिए फिर से बुलाया गया। पंकज के तय स्थान पर पहुंचने के बाद दोनों महिलाएं उसे बहला-फुसलाकर एकता जंगल की तरफ ले गईं। उसी दौरान एक अन्य रास्ते से उन महिलाओं के चार अन्य सहयोगी चार पहिया वाहन से वहां पहुंच गए। सुनसान इलाके में सभी ने मिलकर पंकज की गला घोंटकर हत्या कर दी।



















