जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत भव्य और नए अंदाज में मनाने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर परिसर को भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलास्थली वृंदावन की तर्ज पर आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर सुबह से लेकर देर रात तक भक्तिपूर्ण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला आयोजित की जाएगी। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिसे देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
स्पिरिचुअल गेम्स और बच्चों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम समिति से जुड़ी सुलोचना ने जानकारी दी कि इस बार जन्माष्टमी उत्सव में आने वाले भक्तों को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ मनोरंजन और शैक्षणिक गतिविधियों का भी अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए कई तरह के रचनात्मक आयोजन रखे गए हैं। इनमें फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रहेगी, जिसमें नन्हें-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराधा और अन्य पौराणिक व धार्मिक पात्रों की वेशभूषा धारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
श्रद्धालुओं और बच्चों को श्रीकृष्ण की लीलाओं से जोड़ने के उद्देश्य से कई स्पिरिचुअल गेम्स भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें पारंपरिक मटकी फोड़, स्पिन द व्हील और ‘कौन बनेगा चितचोर दास’ जैसे रोचक कार्यक्रम शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से नई पीढ़ी को मनोरंजक तरीके से आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, मानसिक सुकून की तलाश में आए भक्तों के लिए विशेष मंत्र मेडिटेशन सत्र भी आयोजित होंगे, जहाँ श्रद्धालु मंत्र जाप और ध्यान के जरिए आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस कर सकेंगे। इस दौरान इस्कॉन की विभिन्न गतिविधियों तथा संगठन से जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
10 हजार लोगों के लिए महाप्रसाद और 108 प्रकार का विशेष भोग
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गोलमुरी मंदिर में महाप्रसाद वितरण की व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। आयोजन समिति के अनुसार लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की भोजन व्यवस्था तैयार की जा रही है। भक्तों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुगम दर्शन और सुचारू प्रसाद वितरण के लिए विशेष वालंटियर्स तैनात किए जाएंगे। पूरा मंदिर परिसर दिनभर हरि नाम संकीर्तन, मधुर भजनों और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहेगा। परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने और दर्शन के लिए सुव्यवस्थित इंतजाम किए गए हैं।
मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। इस शुभ मुहूर्त पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन होगा। जन्मोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण को 108 विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का विशेष भोग समर्पित किया जाएगा। इस दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालु श्रीकृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव और महाआरती के साक्षी बन सकेंगे।





















