भारतीय ऑटो सेक्टर की पहली तिमाही के बिक्री आंकड़ों में पैसेंजर गाड़ियों पर महाराष्ट्र और दोपहिया वाहनों पर उत्तर प्रदेश का कब्जाभीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में बड़ा विवाद, निर्दलीय प्रत्याशी रोहित सैन के घर 1 लाख रुपये छोड़कर भागे भाजपा उम्मीदवार अमित सारस्वतराष्ट्रीय प्रतीकों को धार्मिक विवादों में घसीटना बचकाना: गीतांजलि अंगमो ने वंदे मातरम के संपूर्ण गायन का किया पुरजोर समर्थनकबाड़ हुए रेल डिब्बों से झांसी में तैयार हुआ अनूठा हेरिटेज पार्क, साल के अंत तक मिलेगा प्रवेश80 प्रतिशत तेजी के बाद $6 के स्तर पर थमी यूनिसैप की रफ्तार, जानें तकनीकी संकेतग्रिड मांग से सीमेंस एनर्जी इंडिया के शेयर 2026 में 25% चढ़े, मोतीलाल ओसवाल ने दिया ₹4,000 का लक्ष्यशिलांग रैली हिंसा पर मेघालय हाईकोर्ट सख्त, केवल चार केएसयू नेताओं की गिरफ्तारी पर उठाए सवालवैश्विक बाजार अपडेट: टेक शेयरों के दम पर अमेरिकी शेयर बाजार में सुधार, डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचाकमजोर ADP पेरोल आंकड़ों और येन में उछाल से अमेरिकी डॉलर पर दबाव, डीजल और कच्चे तेल में दिखी तेजीप्रमुख ऑल्टकॉइन्स में रिकवरी के संकेत: रिपल, कार्डानो और सोलाना महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल पर टिके
जमशेदपुर में दक्षिण और उत्तर भारत के स्वाद का संगम: कन्हैया के स्टॉल पर सत्तू कचौड़ी के साथ सांभर की जुगलबंदीझारखंड
3 सित॰ 2026, 10:20 am (3 घंटे पहले)· 0

जमशेदपुर में दक्षिण और उत्तर भारत के स्वाद का संगम: कन्हैया के स्टॉल पर सत्तू कचौड़ी के साथ सांभर की जुगलबंदी

जमशेदपुर के हावड़ा ब्रिज के पास 'सत्तू और सांभर' नामक स्टॉल पर उत्तर और दक्षिण भारत के व्यंजनों का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जहां कन्हैया सुबह 6 बजे से लोगों को पारंपरिक स्वाद परोसते हैं।

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में खानपान के शौकीनों के लिए हमेशा कुछ न कुछ नया और अनोखा देखने को मिलता रहता है। शहर की विभिन्न गलियों और बाजारों में घूमते हुए लोगों को रोज नए-नए स्वाद और अनूठे व्यंजन आकर्षित करते हैं। इसी कड़ी में इन दिनों जमशेदपुर के खानपान परिदृश्य में एक विशेष स्ट्रीट फूड स्टॉल काफी चर्चा बटोर रहा है। इस स्टॉल का नाम 'सत्तू और सांभर' रखा गया है। पहली बार सुनने में यह नाम किसी को भी थोड़ा अजीब या अलग लग सकता है, लेकिन जब दोनों राज्यों के व्यंजनों की जुगलबंदी एक ही थाली में परोसी जाती है, तो इसका स्वाद स्थानीय लोगों को खूब भा रहा है।

उत्तर और दक्षिण भारतीय व्यंजनों का अनूठा संगम

इस अभिनव स्टॉल का संचालन कन्हैया नामक व्यक्ति कर रहे हैं, जो खानपान के व्यवसाय से काफी लंबे समय से जुड़े हुए हैं। कन्हैया बताते हैं कि जमशेदपुर में विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के लोग रहते हैं और यहां के लोग हमेशा नए और पारंपरिक स्वादों की तलाश में रहते हैं। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए उन्होंने उत्तर भारत और दक्षिण भारत के दो सबसे लोकप्रिय व्यंजनों को एक साथ पेश करने का निर्णय लिया। उनका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को एक ही स्थान पर बिहारउत्तर प्रदेश के देसी सत्तू का स्वाद देना और साथ ही दक्षिण भारत के मशहूर सांभर की ताजगी व मसालेदार जायके का आनंद प्रदान करना था। यही वजह है कि जो लोग पहली बार केवल उत्सुकतावश यहां आते हैं, वे भी इस जायके के मुरीद होकर बार-बार लौटने लगते हैं।

ये भी पढ़ें

सुबह 6 बजे से सजती है हावड़ा ब्रिज के पास दुकान

हर दिन तड़के सुबह से ही इस स्टॉल पर स्वाद के शौकीनों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। कन्हैया प्रतिदिन सुबह लगभग 6 बजे जमशेदपुर के ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज के समीप अपना स्टॉल लगाकर तैयार हो जाते हैं। सुबह के समय काम पर निकलने वाले नौकरीपेशा लोग, आसपास के दुकानदार, सुबह की सैर करने वाले नागरिक और नाश्ते की तलाश में निकले भोजन प्रेमी सबसे पहले इसी स्टॉल का रुख करते हैं। सुबह-सुबह गरमागरम नाश्ता उपलब्ध कराने के कारण यह छोटा सा स्टॉल बहुत तेजी से क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर चुका है।

एक ही जगह पर अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों का स्वाद

यदि इस स्टॉल के मेन्यू की बात करें, तो यहां विविधता का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिलता है। एक तरफ जहां दक्षिण भारतीय श्रेणी में हल्की इडली, कुरकुरा डोसा, गरमागरम सांभर और नारियल व मिर्च की चटाकेदार चटनी मिलती है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारतीय जायके के रूप में सत्तू से भरी कचौड़ी, गरमागरम पूरी, छोला-भटूरा और काबुली चना का नाश्ता भी परोसा जाता है। ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार किसी भी व्यंजन का चुनाव कर सकते हैं या फिर दोनों शैलियों के व्यंजनों को मिलाकर एक अनूठी थाली तैयार करवा सकते हैं। एक ही टेबल पर विभिन्न राज्यों के पारंपरिक खानपान का यह मेल ही इस स्टॉल को शहर के अन्य नाश्ते के ठिकानों से अलग बनाता है।

जमशेदपुर में स्ट्रीट फूड का नया आकर्षण

कन्हैया के अनुसार, खानपान के क्षेत्र में काम करने के लंबे अनुभव ने उन्हें सिखाया है कि लोग जाने-पहचाने स्वाद में थोड़ा नयापन हमेशा पसंद करते हैं। इसी व्यावहारिक अनुभव के आधार पर उन्होंने मेन्यू में ऐसे पकवान जोड़े जो लोगों को घरेलूपन का अहसास भी कराएं और एक नया स्वाद अनुभव भी दें। सत्तू से तैयार व्यंजन जहां उत्तर भारतीय प्रवासियों को अपने गांव-घर के स्वाद की याद दिलाते हैं, वहीं सांभर और इडली दक्षिण भारतीय परंपरा का बेहतरीन प्रतिनिधित्व करते हैं। जमशेदपुर में स्ट्रीट फूड का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है, और ऐसे में हावड़ा ब्रिज के पास स्थित 'सत्तू और सांभर' का यह ठिकाना लोगों के लिए सुबह के नाश्ते का एक पसंदीदा केंद्र बन गया है।

सवाल-जवाब

जमशेदपुर में 'सत्तू और सांभर' का स्टॉल कहां स्थित है?
यह स्टॉल जमशेदपुर में हावड़ा ब्रिज के पास स्थित है।
इस स्टॉल के मालिक कौन हैं और उनका अनुभव क्या है?
इस स्टॉल का संचालन कन्हैया कर रहे हैं, जो लंबे समय से फूड लाइन से जुड़े हुए हैं।
स्टॉल खुलने का समय क्या है?
यह स्टॉल प्रतिदिन सुबह लगभग 6 बजे खुल जाता है।
मेन्यू में कौन-कौन से प्रमुख व्यंजन शामिल हैं?
मेन्यू में इडली, डोसा, सांभर, चटनी, सत्तू कचौड़ी, पूरी, छोला-भटूरा और काबुली चना शामिल हैं।
इस स्टॉल की मुख्य खासियत क्या है?
इसकी मुख्य खासियत उत्तर भारत के सत्तू व्यंजनों और दक्षिण भारत के सांभर व इडली का एक ही स्थान पर मिलना है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

एक क्राइम संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि सुबह तड़के छह बजे से हावड़ा ब्रिज के पास लगने वाले ऐसे लोकप्रिय स्टॉल सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। सुबह की सक्रियता और भीड़-भाड़ से अनधिकृत कब्जों और यातायात नियंत्रण जैसे स्थानीय प्रशासन के मुद्दों पर पैनी नजर रखनी होगी, ताकि खाद्य सुरक्षा के साथ सार्वजनिक व्यवस्था भी बनी रहे।

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

सहकर्मी करण मल्होत्रा के इस दृष्टिकोण से जुड़ते हुए, उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में ग्राउंड रिपोर्टिंग के अपने अनुभव से यह कह सकता हूँ कि सुबह के वक्त लगने वाली इस तरह की भारी भीड़ का प्रबंधन स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बनता है। हावड़ा ब्रिज जैसे संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों के आसपास ट्रैफिक नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा मानकों की नियमित जाँच बेहद जरूरी है ताकि सुगम यातायात और जनस्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR