झारखंड के बोकारो जिले में मानसून के सुहाने मौसम के बीच अगर किसी गर्मागर्म और कुरकुरी चीज़ की तलाश है, तो बोकारो के सेक्टर-2 स्थित कला केंद्र के ठीक सामने बनी मामा दुकान एक बेहतरीन ठिकाना साबित हो सकती है। यह छोटी सी दुकान अपने बेहद स्वादिष्ट पनीर कटलेट की वजह से इलाके भर में खासी लोकप्रिय है, जहाँ हर रोज़ खाने के शौकीनों का तांता लगा रहता है। इस दुकान की विशेषता यह है कि यहाँ आने वाले ग्राहकों को बेहतरीन स्वाद के लिए ज़्यादा जेब ढीली नहीं करनी पड़ती है, और बेहद किफायती दाम में लजीज नाश्ता मिल जाता है।
मामा दुकान के नामकरण और इतिहास की कहानी
इस मशहूर दुकान के संचालक अशोक साह हैं, जो पिछले करीब 15 वर्षों से लगातार ग्राहकों को अपनी सेवा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों और परिचितों के बीच वे इतने लोकप्रिय हैं कि उन्हें प्यार से मामा कहकर बुलाया जाता था। समय के साथ उनके इसी दुलार वाले नाम ने दुकान की पहचान को भी गढ़ दिया और लोग इस जगह को मामा दुकान के नाम से जानने लगे। इतने लंबे समय के सफर में इस दुकान ने अपनी गुणवत्ता और स्वाद के दम पर शहर में एक खास जगह बना ली है।
वेज और पनीर कटलेट की वैरायटी और कीमतें
दुकान के मेनू में मुख्य रूप से वेज कटलेट और पनीर कटलेट परोसे जाते हैं, लेकिन इनमें भी सबसे ज्यादा दीवानगी पनीर कटलेट को लेकर देखने को मिलती है। अशोक साह के अनुसार, यहाँ आने वाले लोग सिर्फ आस-पड़ोस के मोहल्लों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर के दूर-दराज के हिस्सों से भी लोग इस खास स्वाद का लुत्फ उठाने खींचे चले आते हैं। इन सबके बीच सबसे बड़ा आकर्षण इसकी कीमत है, जहाँ ग्राहकों को महज 12 रुपये में पनीर कटलेट और वेज कटलेट का जबरदस्त और लाजवाब स्वाद मिल जाता है।
तैयार करने की खास और अनोखी रेसिपी
पनीर कटलेट को बनाने की प्रक्रिया भी काफी दिलचस्प और साफ-सुथरी होती है। संचालक अशोक साह बताते हैं कि सबसे पहले ताजे ब्रेड को दो बराबर हिस्सों में काटा जाता है। इसके बाद ब्रेड के दोनों टुकड़ों को मक्खन में अच्छी तरह डुबोया जाता है। ब्रेड के इन दोनों हिस्सों के बीच में पनीर की एक स्वादिष्ट स्लाइस रखी जाती है। इसके पश्चात इसे सेव और अरारोट के मिश्रण में अच्छी तरह से लपेटा जाता है, ताकि तलने के दौरान यह पूरी तरह कुरकुरी बन सके। अंत में इसे कड़ाही के गर्म तेल में सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तला जाता है।
चटनी और सलाद के साथ परोसने का तरीका
जब पनीर कटलेट तेल में अच्छी तरह फ्राई होकर पूरी तरह तैयार हो जाता है, तो उसे ग्राहकों को परोसने की बारी आती है। दुकान पर इसे बेहद करीने से मीठी चटनी, तीखी हरी चटनी और ताजे सलाद के साथ प्लेट में सजाकर परोसा जाता है। चटनी और क्रिस्पी कटलेट का यह मेल खाने वाले के मुँह में पानी ले आता है, और बारिश के मौसम में इस गर्मागर्म नाश्ते का मज़ा कई गुना बढ़ जाता है।
दुकान के खुलने का समय और रोजाना की बिक्री
माama दुकान सुबह के 8 बजे से लेकर रात के 9 बजे तक ग्राहकों के लिए पूरी तरह खुली रहती है। संचालक के आंकड़ों के मुताबिक, यहाँ सामान्य दिनों में भी रोजाना करीब 150 पीस पनीर कटलेट की खपत आसानी से हो जाती है। विशेष तौर पर मानसून के दिनों में जब आसमान में बादल छाए होते हैं और हल्की फुहारें पड़ रही होती हैं, तब इस गर्मागर्म और क्रिस्पी नाश्ते की मांग और अधिक बढ़ जाती है। शहरवासियों का जब भी कुछ चटपटा और स्वादिष्ट खाने का मन करता है, तो वे सीधे इसी दुकान का रुख करते हैं।
दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं खाने के शौकीन
इस दुकान के स्वाद के दीवाने केवल स्थानीय लोग ही नहीं हैं, बल्कि अन्य सेक्टरों में रहने वाले लोग भी नियमित तौर पर यहाँ पहुँचते हैं। उदाहरण के लिए, सेक्टर-3 में रहने वाले आर्यन नाम के एक ग्राहक बताते हैं कि उन्हें मामा दुकान का पनीर कटलेट बेहद पसंद है। अपनी इस पसंद के चलते वे अक्सर करीब 1 से 1.5 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके विशेष रूप से यहाँ कटलेट खाने आते हैं। उनके अनुसार, यहाँ मिलने वाला पनीर कटलेट अंदर से सॉफ्ट और बाहर से बेहद क्रिस्पी होता है, जिसे एक बार खाने के बाद दोबारा आने की इच्छा ज़रूर होती है।





















