राजस्थान के झुंझुनूं जिले की सूरजगढ़ पंचायत समिति के तहत पंचायती राज चुनाव से जुड़े फर्जी हाईकोर्ट आदेश मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक रमेश भूकर शुक्रवार को खुद सूरजगढ़ थाने पहुंचे और जांच में पूर्ण सहयोग देने की बात कही। मीडिया से वार्ता करते हुए बैंक प्रबंधक ने दावा किया कि कथित फर्जी अदालती आदेश उन्हें सूरजगढ़ विधायक श्रवण कुमार के बेटे जयप्रकाश ने व्हाट्सएप पर भेजा था। उन्होंने बताया कि विधायक के कहने पर ही उन्होंने बिना दस्तावेज पढ़े उसे एसडीएम संदीप चौधरी को फॉरवर्ड कर दिया था।
व्हाट्सएप मैसेज और समय का विवरण
पंजाब नेशनल बैंक में सीनियर मैनेजर पद पर कार्यरत रमेश भूकर ने बताया कि वह पूर्व में चिड़ावा और झुंझुनूं में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने घटना के समय का विस्तृत ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि दोपहर 3:14 बजे उन्हें जयप्रकाश के मोबाइल नंबर से कथित हाईकोर्ट आदेश का व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ था। इसके ठीक एक मिनट बाद, दोपहर 3:15 बजे, उन्होंने वह संदेश सूरजगढ़ के एसडीएम संदीप चौधरी को भेज दिया। इसके तुरंत बाद दोपहर 3:16 बजे उन्होंने एसडीएम को 'प्लीज चेक' लिखकर एक और व्हाट्सएप संदेश भेजा था।
रमेश भूकर के अनुसार, जिस वक्त यह पूरा घटनाक्रम हुआ, उस समय कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार स्वयं उनके साथ मौजूद थे। विधायक अपने बेटे जयप्रकाश के चुनाव से जुड़े विषय को लेकर चिंतित थे और एसडीएम से टेलीफोन पर संपर्क साधने का प्रयास कर रहे थे। बैंक प्रबंधक का कहना है कि उनकी एसडीएम से पहले से कोई व्यक्तिगत जान-पहचान नहीं थी और न ही उनके पास एसडीएम का संपर्क नंबर मौजूद था। विधायक श्रवण कुमार ने ही उन्हें एसडीएम का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया और बेटे से प्राप्त मैसेज को तुरंत फॉरवर्ड करने का निर्देश दिया था।
कॉल रिकॉर्ड और जांच की प्रक्रिया
बैंक अधिकारी रमेश भूकर ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान विधायक श्रवण कुमार और एसडीएम के बीच फोन पर सीधी बातचीत चल रही थी। उनका कहना है कि अगर जांच एजेंसियां दोनों के कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल करेंगी तो इस तथ्य की पुष्टि आसानी से हो जाएगी। भूकर ने इस बात की भी संभावना जताई कि विधायक या उनके बेटे जयप्रकाश ने स्वयं एसडीएम को सूचित किया होगा कि बैंक मैनेजर के नंबर से मैसेज भेजा जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आश्वस्त किया है कि वे निष्पक्ष जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।
क्या है फर्जी हाईकोर्ट आदेश का पूरा मामला?
यह संपूर्ण प्रकरण सूरजगढ़ से विधायक श्रवण कुमार के पुत्र जयप्रकाश के चुनावी मामले से जुड़ा हुआ है। सूरजगढ़ पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत जीणी के वार्ड संख्या 5 की मतदाता सूची से जयप्रकाश का नाम हटा दिया गया था, जिसे उन्होंने याचिका दायर कर चुनौती दी थी। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी और सूरजगढ़ एसडीएम संदीप चौधरी को व्हाट्सएप पर एक कथित अदालती दस्तावेज प्राप्त हुआ। उस दस्तावेज में दावा किया गया था कि हाईकोर्ट ने जयप्रकाश का नाम मतदाता सूची में तत्काल बहाल करने तथा पंचायती राज चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल कर चुनाव लड़ने की अनुमति प्रदान कर दी है।
जब प्रशासनिक स्तर पर इस दस्तावेज की सत्यता की पड़ताल की गई तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को केवल इस याचिका को 27 अक्टूबर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश जारी किया था। अदालत ने उस दिन नाम बहाल करने या चुनाव लड़ने की अनुमति देने जैसा कोई भी अंतरिम आदेश पारित नहीं किया था। फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे प्रसारित करने में शामिल लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।


















