झारखंड राज्य में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है, जिसके कारण अगले पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में मौसम खराब रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अगस्त और 21 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्ज की वर्षा दर्ज की जाएगी। इसके बाद 22 अगस्त से लेकर 25 अगस्त के बीच मानसूनी बारिश का दायरा और तीव्रता काफी बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान झारखंड के अलग-अलग अंचलों में भारी वर्षा को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है। खास तौर पर दक्षिणी और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने यानी वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
20 से 25 अगस्त तक कैसा रहेगा मानसूनी बारिश का दौर
मौसम केंद्र के अनुसार 20 और 21 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके बाद 22 अगस्त से वर्षा संबंधी गतिविधियों में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। 22 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी झारखंड के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का मुख्य केंद्र बनने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
इसी तरह 23 अगस्त को राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में वर्षा की रफ्तार तेज हो सकती है। मानसूनी तंत्र की सक्रियता 24 और 25 अगस्त को भी बनी रहेगी, जिस दौरान उत्तरी झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना है। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में भी 22 से 25 अगस्त की समयसीमा में राज्य के भीतर मूसलाधार बारिश का स्पष्ट संकेत दिया गया है।
झारखंड के सभी 24 जिलों के लिए पृथक अलर्ट और आंधी-वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने 20 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। यद्यपि सभी जिलों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है, लेकिन अलग-अलग अंचलों में वर्षा की तीव्रता में अंतर देखा जा सकता है। राजधानी रांची समेत खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे दक्षिणी झारखंड के जिलों में मौसम बिगड़ने पर बिजली चमकने और वज्रपात का सीधा जोखिम बना रहेगा।
पूर्वानुमान के अनुसार इन दक्षिणी जिलों में खराब मौसम के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ जोरदार बौछारें गिरने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए खुले खेतों में काम करने वाले किसानों, मवेशी चराने वालों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के समय लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों या तारों से दूर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के निर्देश दिए गए हैं।
कोल्हान क्षेत्र में जलभराव का असर और स्थानीय स्तर पर वर्षा का अनुमान
हाल के दिनों में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का क्रम जारी है। इससे पूर्व 19 अगस्त को हुई जोरदार बरसात के बाद कोल्हान प्रमंडल का क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ था। पश्चिमी सिंहभूम जिले और चाईबासा के आसपास के इलाकों में लगातार हुई वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि 19 अगस्त को पूरे प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा किस स्थान पर दर्ज की गई, इसका आधिकारिक ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय स्तर की बात करें तो 20 अगस्त को रांची के पास स्थित ओरमांझी क्षेत्र में लगभग 12.1 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके अलावा चाईबासा और रांची के शहरी व ग्रामीण इलाकों में भी बादल बरसने का पूर्वानुमान है। दक्षिणी और कोल्हान क्षेत्रों में पहले से जारी बारिश के कारण नदियां और स्थानीय नाले उफान पर आ सकते हैं।
तापमान का मिजाज और वायु गुणवत्ता में संभावित बदलाव
लगातार छाए बादलों और बारिश के चलते रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान अपेक्षाकृत कम बना रहेगा, जिससे मौसम सुहावना महसूस होगा। इसके बावजूद वातावरण में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण उमस की स्थिति भी बनी रह सकती है। 20 अगस्त को रांची के विभिन्न इलाकों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
प्रदेश के अपेक्षाकृत अधिक गर्म इलाकों में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रांची के कुछ हिस्सों में यह 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह सामान्य रूप से 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहने का अनुमान है। तापमान में किसी बड़े अचानक बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
वर्षा के कारण वातावरण में मौजूद धूल-कणों के बह जाने से हवा की गुणवत्ता में अस्थाई सुधार देखने को मिल सकता है। रांची का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिलहाल लगभग 95 दर्ज किया गया है, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। बारिश की बौछारों से प्रदूषण का स्तर थोड़े समय के लिए कम जरूर होगा, किंतु बारिश थमते ही उमस और स्थानीय कारकों से प्रदूषण का स्तर पुनः बढ़ सकता है।
आगामी दिनों के लिए जरूरी सावधानियां
समग्र रूप से देखें तो 20 अगस्त से 25 अगस्त तक पूरे झारखंड में मानसून का पूर्ण प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं हल्की तो कहीं अत्यंत मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, नदियों और जल निकायों का जलस्तर तेजी से बढ़ने तथा आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। अतः नागरिक मौसम अलर्ट के प्रति जागरूक रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।




















