झारखंड में बेसहारा, अनाथ और गंभीर पारिवारिक संकट से जूझ रहे बच्चों की परवरिश तथा स्कूली शिक्षा को निर्बाध जारी रखने के उद्देश्य से मिशन वात्सल्य प्रयोजन योजना के तहत हर महीने 4000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस मासिक सहयोग का सीधा मकसद उन बच्चों की मूलभूत जरूरतों, पोषण और अध्ययन संबंधी खर्चों को वहन करना है, जिनके परिवार कठिन आर्थिक हालात या विपदा का सामना कर रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त भागीदारी से संचालित इस पहल के तहत पात्र परिवारों को व्यवस्थित तरीके से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कौन से बच्चे होंगे इस वित्तीय सहायता के पात्र
चाइल्ड डेवलपमेंट एंड सोशल सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की प्रोग्राम ऑफिसर अनु उपाध्याय के अनुसार, यह योजना विशेष तौर पर उन बच्चों के लिए तैयार की गई है जिनके माता-पिता दोनों नहीं रहे या जो पूरी तरह अनाथ हैं। इसके अतिरिक्त ऐसे बच्चे भी लाभान्वित हो सकते हैं जिनके माता-पिता किसी गंभीर अथवा लाइलाज बीमारी से ग्रस्त हैं और घर में कमाने वाला कोई वयस्क सदस्य मौजूद नहीं है। यदि कोई बच्चा किसी रिश्तेदार के सहारे जीवन यापन कर रहा है या परिवार में केवल एकल अभिभावक ही बच्चे की देखभाल कर रहे हैं, तो उन सभी परिस्थितियों में बच्चों को यह मासिक सहायता स्वीकृत की जा सकती है।
बालिकाओं को विशेष प्राथमिकता और आयु सीमा
इस योजना में बालिकाओं के कल्याण और उनकी शिक्षा पर विशेष बल देते हुए लड़कियों को प्राथमिकता सूची में आगे रखा गया है। योजना का लाभ बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी करने तक निरंतर प्रदान किया जाता है, ताकि बालिग होने तक उनकी बुनियादी जरूरतों और स्कूली शिक्षा में किसी तरह की रुकावट न आए। योजना के संबंध में किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत परामर्श लेने या आवेदन पत्र की प्रक्रिया समझने के लिए इच्छुक व्यक्ति रांची में कचहरी स्थित डीसी ऑफिस के चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट में सीधे संपर्क कर सकते हैं। वहां मौजूद अधिकारी आवेदन पत्र भरने से लेकर जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन की पूरी कार्यप्रणाली विस्तार से समझाते हैं।
प्रति परिवार अधिकतम तीन बच्चों को मिलेगा लाभ
नियमों के तहत यदि किसी परिवार में चार बच्चे हैं, तो उनमें से अधिकतम तीन बच्चों को इस मासिक योजना के दायरे में शामिल किया जा सकता है। चयनित प्रत्येक पात्र बच्चे को प्रति माह 4000 रुपये की निश्चित सहयोग राशि दी जाएगी। यह केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा मिलकर चलाई जा रही एक स्पॉन्सरशिप पहल है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़े रखना है। प्रशासन ऐसे पड़ोसियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी आगे आने का आग्रह कर रहा है, जो अपने आसपास इस प्रकार के उपेक्षित या बेसहारा बच्चों को देखते हैं, ताकि वे जरूरतमंदों का आवेदन कराने में मदद कर सकें।
आय सीमा के नियम और संपर्क माध्यम
इस योजना में शामिल होने के लिए आय संबंधी एक प्रमुख शर्त तय की गई है, जिसके अनुसार आवेदक परिवार की कुल सालाना आय 75000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय सीमा के दायरे में आने वाले लोग सीधे कार्यालय जाने के अलावा ईमेल आईडी [email protected] पर पत्राचार करके भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आपातकालीन और सामान्य जानकारी के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल करने की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां से योजना की पात्रता, आवश्यक प्रपत्रों और आवेदन के विभिन्न चरणों से जुड़े विवरण प्राप्त किए जा सकते हैं।


















