झारखंड के पलामू जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर घटना सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपी पेशे से टोटो यानी ई-रिक्शा चालक हैं और वे भमदा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया और बताया कि मामले से जुड़े सभी तीन आरोपियों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।
नाबालिग के उंटारी रोड जाने की वजह और पृष्ठभूमि
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता का उंटारी रोड इलाके के एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी उंटारी गांव में पीड़िता की मौसी का भी निवास स्थान है। पीड़िता को किसी माध्यम से यह जानकारी मिली थी कि जिस युवक से उसकी बातचीत होती है, उसका विवाह तय हो रहा है। इसके साथ ही उस युवक ने पीड़िता से बातचीत का सिलसिला भी काफी कम कर दिया था। इस बात को लेकर उपजी नाराजगी और बातचीत करने के इरादे से पीड़िता ने मुकेश दीक्षित नामक चालक का ऑटो किराए पर लिया और उंटारी रोड स्थित अपनी मौसी के घर पहुंच गई, ताकि वह उस लड़के से व्यक्तिगत तौर पर मिलकर बात कर सके।
गांव में युवक का भागना और वापसी का सफर
लड़की के गांव पहुंचने की खबर जैसे ही युवक को लगी, वह तुरंत अपने घर से फरार हो गया। इस बीच मौसी के घर पहुंचने पर उन्होंने भी लड़की को अपने घर में रुकने से मना कर दिया और वहां से वापस जाने को कह दिया। इसके बाद नाबालिग लड़की उसी ऑटो से अपने घर लौटने लगी जिसे उसने किराए पर बुक किया हुआ था। रास्ते में सफर के दौरान उस ऑटो की बैटरी अचानक पूरी तरह खत्म हो गई। बीच रास्ते में वाहन रुक जाने के बाद चालक ने दूसरे ई-रिक्शा की व्यवस्था की।
दूसरे वाहन में अपराध और आरोपियों की पहचान
बैटरी समाप्त होने की स्थिति में चालक ने अभय दीक्षित नाम के दूसरे व्यक्ति का टोटो किराए पर तय किया। इस नए वाहन में पहले वाला चालक मुकेश दीक्षित और उसका साथी सुबोध दीक्षित भी सवार हो गए। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, रास्ते में दो चालकों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के घिनौने अपराध को अंजाम दिया, जबकि तीसरा व्यक्ति सीधे तौर पर दुष्कर्म में शामिल नहीं था लेकिन वह पूरे समय घटनास्थल पर ही मौजूद रहा। इस अमानवीय घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची। पकड़े गए आरोपियों में 20 वर्षीय अभय दीक्षित, 26 वर्षीय मुकेश दीक्षित और 38 वर्षीय सुबोध दीक्षित शामिल हैं, जो सभी भमदा गांव के निवासी हैं।
लापता लड़के की तलाश के दौरान सामने आई सच्चाई
इस पूरे मामले की जानकारी उस वक्त उजागर हुई जब घर छोड़कर भागे लड़के के परिवार के लोग उसकी गुमशुदगी की रपट दर्ज कराने थाने पहुंचे। जांच के दौरान सामने आया कि वह लड़का भी नाबालिग है। पुलिस जब उस नाबालिग लड़के की तलाश करते हुए और कड़ियों को जोड़ते हुए पीड़िता तक पहुंची, तब पूछताछ में पीड़िता ने अपने साथ हुई पूरी आपबीती और सामूहिक दुष्कर्म की घटना बयान की। लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने फरार चल रहे नाबालिग लड़के को भी सकुशल बरामद कर लिया है।























