राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अक्टूबर के अंतिम दिनों के दौरान दर्ज की गई बारिश और बादलों की गर्जना का सिलसिला अब पूरी तरह थम चुका है। नवंबर महीने के आगमन के साथ ही पूरे प्रदेश में मौसमी मिजाज में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में बादलों की सक्रियता पूरी तरह समाप्त होने वाली है और राज्य के अधिकांश इलाकों में वातावरण शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर से 8 नवंबर के दौरान राज्य भर में सूखा और साफ मौसम बना रहेगा। इस पूरे समयांतराल में किसी भी जिले के लिए वर्षा, आंधी या तेज हवाओं से संबंधित कोई विशेष चेतावनी अथवा सतर्कता संदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में मौजूद कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से कभी-कभार कुछ स्थानों पर हल्के बादलों की मौजूदगी दिख सकती है, जिससे तापमान में बहुत सीमित घट-बढ़ देखने को मिलेगी।
मौसम प्रणालियों की स्थिति और राज्य पर उनका असर
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा किए गए वायुमंडलीय विश्लेषण के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे निकटवर्ती भूभाग के ऊपर 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति निरंतर बनी हुई है। इसके साथ ही, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल के भीतर पश्चिमी हवाओं के प्रवाह के साथ 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में गतिशील है। इस प्रणाली का अक्षीय फैलाव तकरीबन 67 डिग्री पूर्वी देशांतर से लेकर 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर तक फैला हुआ है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने के बाद भी राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वर्षा कराने के लिए जरूरी परिस्थितियां तैयार नहीं हो पा रही हैं। नमी की पर्याप्त उपलब्धता न होने और सिस्टम के रुख के कारण राज्य का वातावरण बादलों से मुक्त होकर शुष्क बना रहेगा।
सप्ताह भर बारिश की संभावना नहीं, 15 नवंबर तक सूखे जैसे हालात
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के आकलन के अनुसार, 2 से 8 नवंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में पूरी तरह शुष्क मौसम का प्रभाव कायम रहेगा। राज्य के प्रमुख संभागीय और बड़े शहरों जैसे जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में वर्षा की किसी भी गतिविधि की कोई उम्मीद नहीं है। इसके अलावा 3 नवंबर से 7 नवंबर की अवधि में भी धूप खिली रहने और वातावरण के पूरी तरह साफ रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। हालांकि कुछ कमजोर श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ गुजरने के कारण कहीं-कहीं आसमान में छिटपुट बादलों का आना-जाना बना रह सकता है, परंतु ये बादल किसी भी तरह की बड़ी या मध्यम बारिश कराने में सक्षम नहीं होंगे। दीर्घावधि के रुझानों पर नजर डालें तो 15 नवंबर तक भी राजस्थान के किसी भी अंचल में अच्छी बारिश के अनुकूल मौसमी समीकरण बनते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
सभी जिलों में राहत, किसी भी क्षेत्र के लिए चेतावनी नहीं
2 नवंबर को विभाग की ओर से पूर्वी या पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले के वास्ते कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है। पूर्वी हिस्से में शामिल जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, सीकर और चित्तौड़गढ़ जैसे जिलों में सामान्य और शांत मौसमी दशाएं बनी रहेंगी। ठीक इसी तरह पश्चिमी भूभाग के जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, जोधपुर, नागौर, पाली, फलोदी, हनुमानगढ़ तथा श्रीगंगानगर में भी मौसम पूरी तरह शांत और शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश के किसी भी कोने में भारी बारिश, तेज आंधी, वज्रपात या बादलों की गर्जना की कोई आशंका नहीं है, जिससे दैनिक गतिविधियों में कोई बाधा नहीं पहुंचेगी।
तापमान का स्तर: बाड़मेर में सबसे ज्यादा गर्मी, माउंट आबू में रातें ठंडी
हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक तापमान पश्चिमी छोर पर स्थित बाड़मेर जिले में दर्ज हुआ, जहां अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और आसमान में बादलों के डेरे के चलते कई इलाकों में दिन के पारे में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। अब आसमान से बादल छंटने और तीखी धूप निकलने के कारण दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है। दूसरी ओर, पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि फतेहपुर शेखावाटी में रात का पारा 13.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे वहां सुबह और शाम के समय हल्की सिहरन महसूस हो रही है।
दिन में तेज धूप और रात में ठंडक का बढ़ेगा फासला
आने वाले दिनों में राजस्थान के अधिकांश अंचलों में दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा देखा जा सकता है। दिनभर आसमान साफ रहने के कारण तेज धूप खिलेगी, जिससे दोपहर के समय लोगों को हल्की गर्मी और तपिश का सामना करना पड़ेगा। इसके विपरीत, खुले आसमान के कारण रात के समय विकिरण तेजी से होगा और न्यूनतम तापमान में ठंडक बरकरार रहेगी। नवंबर की शुरुआत के साथ ही राज्य के कई इलाकों में दिन और रात के पारे के बीच का तापांतर काफी बढ़ जाएगा। कुल मिलाकर, राज्य में बादलों की विदाई के बाद आने वाला सप्ताह पूरी तरह शुष्क और शांत रहेगा, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अप्रत्याशित बारिश से पूरी राहत मिलेगी।























