पलामू में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रकृति का मिजाज बदलने लगा है, और नवंबर का यह सुहावना दौर घर के आंगन, बालकनी या छत पर हरियाली संवारने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। इस वक्त की हल्की ठंडक और खिली हुई धूप पौधों के विकास के लिए मुफीद माहौल तैयार करती है। ऐसे में थोड़ी सी सूझबूझ और योजना के साथ विभिन्न प्रकार के मौसमी फूलों का चयन कर पूरे परिवेश को रंगों से सराबोर किया जा सकता है। गेंदा, गुलदाउदी, डहेलिया, पेटूनिया, पैंजी और कैलेंडुला जैसी किस्में इस मौसम में तेजी से पनपती हैं। ये पौधे न केवल बगिया को नया रूप देते हैं, बल्कि घर के आसपास एक जीवंत और ताजगी भरा वातावरण भी तैयार करते हैं।
सजावटी पत्तियों वाले पौधों से संवारें हर कोना
बगीचे को आकर्षक बनाने के लिए सिर्फ रंग-बिरंगे फूल ही काफी नहीं होते, बल्कि पत्तों की बनावट और उनकी हरीतिमा भी उतनी ही अहमियत रखती है। मनी प्लांट, एरिका पाम, क्रोटन और स्नेक प्लांट जैसे इनडोर और आउटडोर सजावटी पौधे इस काम में बेहद मददगार साबित होते हैं। इन पौधों की पत्तियों के विविध आकार, धारियां और रंग-बिरंगे शेड्स पूरे स्थान को एक सुरुचिपूर्ण लुक प्रदान करते हैं। इन्हें सुंदर गमलों में लगाकर बालकनी, छत के कोनों या फिर घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर करीने से सजाया जा सकता है, जिससे आगंतुकों का स्वागत एक हरी-भरी ताजगी के साथ होता है।
कीटों से बचाव के लिए अपनाएं सुरक्षित प्राकृतिक नुस्खे
पौधे लगाने के बाद उनकी सही देखभाल और सुरक्षा करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव के अनुसार, अक्सर मौसम बदलते ही पौधों में कीट पतंगों का हमला होने लगता है और पत्तियां मुड़ने या सूखने लगती हैं। कई लोग इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले तेज रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव करने लगते हैं। रासायनिक दवाओं का अंधाधुंध उपयोग मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को खत्म करता है और साथ ही आसपास के पर्यावरण तथा मित्र जीवों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि हमेशा नीम आधारित जैविक कीटनाशकों और घरेलू जैविक उपायों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पौधे सुरक्षित रहें और प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।
शाम और रात को सुगंध से महकाएंगे सफेद फूल
अगर आप चाहते हैं कि आपका बगीचा देखने में जितना मनमोहक लगे, उतनी ही सुकून देने वाली खुशबू भी बिखेरे, तो सफेद फूलों की किस्में लगाना एक बेहतरीन विकल्प है। चमेली और बेला जैसे खुशबूदार पौधे अपने मीठे और सम्मोहक अहसास के लिए पहचाने जाते हैं। इन फूलों की विशेषता यह है कि ये विशेष रूप से शाम ढलने के बाद और रात के सन्नाटे में अपनी सुगंध को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे पूरा घर महक उठता है। वहीं दिन के समय भी हल्की खुशबू का आनंद लेने के लिए अन्य सुगंधित फूलों की किस्मों को क्यारियों या गमलों में जगह दी जा सकती है।
गमलों में लहलहाएंगे बौनी किस्म के फलदार वृक्ष
आधुनिक गार्डनिंग का एक और नया चलन छोटे आकार के फलदार पौधे लगाना है, जिससे सीमित जगह में भी फलों का आनंद लिया जा सकता है। बगीचे या छत पर अब बौनी किस्म के अनार, सेब और आम के पौधे उगाना आसान हो गया है। इन पौधों को थोड़े बड़े आकार के गमलों या ग्रो बैग्स में लगाया जा सकता है। यदि इन्हें भरपूर धूप, नियमित पानी और सही समय पर संतुलित जैविक खाद मिले, तो ये छोटे पौधे भी अच्छी पैदावार देने लगते हैं। अक्टूबर और नवंबर के इस मौसम में नियमित निगरानी और थोड़ी सी मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपने घर को हरियाली, महक और फलों की ताजगी से भर सकता है।


















