वनडे क्रिकेट में कुछ बल्लेबाज़ जोड़ियां ऐसी हुई हैं, जिन्होंने साथ बल्लेबाजी करते ही विरोधी टीम की पूरी रणनीति बिखेर दी. इनमें से एक जोड़ी का शतकीय साझेदारियों का कीर्तिमान 19 साल बाद भी कोई नहीं तोड़ पाया है. आइए जानते हैं वनडे इतिहास की उन पांच जोड़ियों के बारे में, जिन्होंने सबसे ज्यादा बार तीन अंकों की साझेदारी निभाई.
सचिन-गांगुली: 19 साल से अटूट कीर्तिमान
1992 से 2007 के बीच सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी भारतीय क्रिकेट की पहचान बन गई थी. दोनों जब भी क्रीज पर साथ उतरते, विरोधी गेंदबाजों की सांसें अटक जाती थीं. इस दौरान दोनों ने 176 पारियों में साथ बल्लेबाजी की, जिसमें से तीन बार वे नाबाद लौटे. इस साझेदारी में कुल 8,227 रन जुड़े और औसत रहा 47.55 का. दोनों की सबसे बड़ी साझेदारी 258 रनों की रही. लेकिन इस जोड़ी की असली ताकत उनकी 26 शतकीय और 29 अर्धशतकीय साझेदारियों में छिपी है. यह जोड़ी 2007 में आखिरी बार साथ खेली थी, यानी शतकीय साझेदारियों का यह विश्व कीर्तिमान अब 19 साल से अटूट है और आज तक कोई दूसरी जोड़ी इसके करीब भी नहीं पहुंच पाई.
विराट-रोहित: सबसे बेहतरीन औसत वाली आधुनिक जोड़ी
2010 से क्रिकेट के मैदान पर उतरी विराट कोहली और रोहित शर्मा की जोड़ी ने बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली. दोनों ने 104 पारियों में एक साथ बल्लेबाजी की, जिसमें से 6 बार वे नाबाद रहे. इस दौरान इन दोनों ने 59.10 के औसत से 5,792 रन जोड़े, जो इस सूची में सबसे शानदार औसत है. दोनों की सबसे बड़ी साझेदारी 246 रनों की रही. विराट और रोहित ने मिलकर 21 बार शतकीय और 18 बार अर्धशतकीय साझेदारी निभाई है. यही वजह है कि जब भी ये दोनों क्रीज पर होते हैं, विरोधी कप्तान के लिए योजना बनाना मुश्किल हो जाता है.
दिलशान-संगकारा: श्रीलंकाई क्लास और आक्रामकता का संगम
श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान और कुमार संगकारा की जोड़ी ने भी अपनी अलग शैली से क्रिकेट प्रेमियों को दीवाना बनाया. 2000 से 2015 के बीच इस जोड़ी ने 108 पारियों में साथ बल्लेबाजी की, जिसमें 6 बार वे नाबाद रहे. दोनों ने मिलकर 5,475 रन बनाए और इनका औसत रहा 53.67 का. इस जोड़ी की सबसे बड़ी साझेदारी 210 रनों की रही, जिसमें दोनों नाबाद वापस लौटे थे. दिलशान और संगकारा के नाम 20 शतकीय और 19 अर्धशतकीय साझेदारियां दर्ज हैं. दिलशान का बेखौफ अंदाज और संगकारा की क्लासिकल बल्लेबाजी, इन दोनों के मेल ने वर्षों तक श्रीलंकाई पारी को मजबूती दी.
धवन-रोहित: 'गब्बर' और 'हिटमैन' की सलामी जोड़ी
शिखर धवन और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने भारतीय पारी की शुरुआत को नई धार दी. 2011 से 2022 के बीच इन दोनों ने 117 पारियों में साथ बल्लेबाजी की, जिसमें से 2 बार वे नाबाद रहे. दोनों ने 45.15 के औसत से 5,193 रन जोड़े. धवन-रोहित की सबसे बड़ी साझेदारी 210 रनों की रही, जिसके दम पर टीम इंडिया को कई मुकाबलों में मजबूत शुरुआत मिली. इस जोड़ी ने 18 बार शतकीय और 15 बार अर्धशतकीय साझेदारी निभाई. 'गब्बर' के नाम से मशहूर धवन और 'हिटमैन' रोहित की यह जुगलबंदी लंबे समय तक भारतीय पारी की सबसे भरोसेमंद शुरुआत मानी जाती रही.
गिलक्रिस्ट-हेडन: ऑस्ट्रेलियाई तूफान
आक्रामकता और तबाही की बात हो तो ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट और मैथ्यू हेडन की जोड़ी का जिक्र जरूर आता है. 2000 से 2008 के बीच कंगारू टीम की कई बड़ी जीत की नींव रखने वाली इस जोड़ी ने 117 पारियों में बल्लेबाजी की, जिसमें 3 बार वे नाबाद रहे. दोनों ने 47.44 के औसत से 5,409 रन बनाए और उनकी सबसे बड़ी साझेदारी 172 रनों की रही. गिलक्रिस्ट-हेडन के नाम 16 शतकीय और 29 अर्धशतकीय साझेदारियां दर्ज हैं, यानी अर्धशतकीय साझेदारियों के मामले में यह जोड़ी गांगुली-तेंदुलकर के बराबर खड़ी है. गिलक्रिस्ट की बेपरवाह बल्लेबाजी और हेडन की विशालकाय मौजूदगी ने बरसों तक विरोधी गेंदबाजों में खौफ भरे रखा.
शतकीय साझेदारियों की संख्या के हिसाब से देखें तो गांगुली-तेंदुलकर 26 के आंकड़े के साथ सबसे ऊपर हैं, उसके बाद विराट-रोहित 21, दिलशान-संगकारा 20, धवन-रोहित 18 और गिलक्रिस्ट-हेडन 16 शतकीय साझेदारियों के साथ इस सूची में शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि रोहित शर्मा इस सूची में दो अलग-अलग जोड़ियों, विराट कोहली और शिखर धवन, के साथ नजर आते हैं, जो उनकी निरंतरता को दिखाता है.



















