रांची की रहने वाली प्रियंका अक्सर घूमने और काम के सिलसिले में घर से बाहर रहती हैं। हर तीन महीने पर उनका सफर जारी रहता है। लगातार यात्रा करने के अपने लंबे अनुभव के आधार पर वह बताती हैं कि यदि कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए, तो यात्रा का खर्च आधा रह जाता है और परदेश में भी बिल्कुल घर जैसा माहौल मिलता है। बाहर रहने पर भी घर की याद ज्यादा परेशान नहीं करती है।
यात्रा से पहले करें पूरी डिजिटल रिसर्च
किसी भी नई जगह के लिए रवाना होने से पहले वहां के बारे में पूरी जानकारी जुटाना बेहद जरूरी है। आजकल इंटरनेट का दौर है, इसलिए यात्रा की योजना बनाते वक्त उस शहर से जुड़ी कम से कम दस से पंद्रह रील्स और वीडियो जरूर देख लें। इससे आपको उस शहर की असलियत, वहां घूमने लायक जगहों और आम लोगों की दिनचर्या का अंदाजा हो जाता है। साथ ही, आपको वहां के छिपे हुए यानी हिडन स्पॉट्स की जानकारी भी मिल जाती है, जो आमतौर पर आम पर्यटकों को नहीं पता होते हैं।
बड़े होटलों की जगह होमस्टे चुनें
सफर के दौरान ठहरने के लिए बड़े-बड़े और महंगे होटलों की बजाय होमस्टे का चुनाव करना ज्यादा समझदारी है। जाने से पहले किसी भी गंतव्य के दस से पंद्रह होमस्टे के नंबर अपने पास रख लें। होमस्टे में आपको रसोईघर यानी किचन से लेकर डाइनिंग एरिया तक की सुविधा मिल जाती है, जो फाइव स्टार होटलों में भी मयस्कर नहीं होती है। ये जगहें बिल्कुल एक फ्लैट या घर की तरह होती हैं जहां फ्रिज, आरओ वॉटर, बालकनी, हॉल और घूमने-फिरने के लिए पर्याप्त स्पेस मिलता है। ऐसी सुविधाएं आपको यात्रा के दौरान बिल्कुल भी घर से दूर होने का अहसास नहीं होने देती हैं।
संस्कृति को समझें और स्थानीय खानपान अपनाएं
होमस्टे में रुकने का एक बड़ा फायदा यह भी होता है कि आपको वहां की स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने और समझने का मौका मिलता है। इसके अलावा, यात्रा के दौरान महंगे और ब्रांडेड रेस्टोरेंट में पैसे खर्च करने का कोई औचित्य नहीं बनता है। यदि आप किसी जगह को असल मायने में एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो वहां के लोकल स्ट्रीट फूड का आनंद लें। ब्रांडेड चीजें तो आपको हर शहर में एक जैसी ही मिल जाएंगी, लेकिन स्थानीय खानपान आपको वहां की असली मिट्टी से जोड़ता है और जेब पर भी भारी नहीं पड़ता है।
गूगल मैप और स्थानीय लोगों की लें मदद
सफर पर निकलते वक्त हमेशा अपने फोन में गूगल मैप का इस्तेमाल करें और एक स्पष्ट सूची तैयार कर लें कि आपको क्या-क्या चीजें देखनी और एक्सप्लोर करनी हैं। इसके अलावा, वहां के भरोसेमंद स्थानीय लोगों से बातचीत करके यह जानकारी जुटाएं कि उन जगहों तक कैसे पहुंचा जा सकता है, वहां आने-जाने में कितना खर्च आएगा और वहां तक पहुंचने का सबसे सस्ता साधन कौन सा है। कई शहरों में बेहतरीन बस सेवाएं उपलब्ध होती हैं, लेकिन पर्यटकों को इसकी जानकारी न होने के कारण वे महंगे कैब और ऑटो बुक करने पर मजबूर हो जाते हैं।
घर का बना नाश्ता और केतली रखें साथ
यात्रा के दौरान हमेशा अपने साथ घर का बना हुआ सूखा नाश्ता या स्नैक्स जरूर रखें, जो कम से कम एक हफ्ते तक खराब न हो। नमकीन या खजूर जैसी चीजें अक्सर सुबह के नाश्ते के समय या सफर के दौरान अचानक लगने वाली हल्की भूख में बहुत काम आती हैं। इसके अलावा, बाहर जाते वक्त अपने साथ एक छोटी केतली रखना भी काफी फायदेमंद साबित होता है। इस केतली की मदद से आप जब चाहें तब चाय बना सकते हैं, गर्म पानी हासिल कर सकते हैं और कई अन्य जरूरतें भी आसानी से पूरी कर सकते हैं।



















