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रांची समेत झारखंड के दो दर्जन जिलों में आज वज्रपात का खतरा, 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्टझारखंड
8 सित॰ 2026, 5:53 am (54 मिनट पहले)· 3

रांची समेत झारखंड के दो दर्जन जिलों में आज वज्रपात का खतरा, 9 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, गुमला समेत झारखंड के कई जिलों में आज गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश का अनुमान जताया है, जबकि 9 सितंबर को भारी बारिश की अलग चेतावनी दी गई है।

झारखंड में मानसून थमने का नाम नहीं ले रहा है और भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने आज राज्य के बड़े हिस्से में गरज के साथ बारिश, बिजली चमकने और तेज हवा चलने की आशंका जताई है। 7 सितंबर को जारी किए गए पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने साफ कहा है कि 8 सितंबर को राजधानी रांची, खूंटी, गुमला और सिमडेगा जैसे जिलों समेत कई इलाकों में बादल गरजेंगे और कहीं-कहीं तेज आंधी भी आ सकती है। हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की उम्मीद है, लेकिन असली चिंता अचानक चलने वाली तेज हवा और वज्रपात को लेकर है, जिससे खुले में मौजूद लोगों को खतरा हो सकता है।

किन-किन जिलों में जारी है चेतावनी

मौसम विभाग की सूची में झारखंड के लगभग सभी प्रमुख जिले शामिल हैं। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा के अलावा हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह में भी बारिश की चेतावनी है। इसी तरह देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जैसे संताल परगना क्षेत्र के जिले भी इस सूची से बाहर नहीं हैं। पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत कोल्हान क्षेत्र में भी कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि चतरा, कोडरमा, लातेहार, पलामू और गढ़वा जैसे पश्चिमी जिलों में भी गरज के साथ बारिश दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक इन ज्यादातर जिलों में बारिश के साथ गड़गड़ाहट की भी पूरी संभावना बनी हुई है।

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9 सितंबर को क्यों बढ़ जाएगा खतरा

पूर्वोत्तर और मध्य झारखंड में मौसम की सक्रियता तुलनात्मक रूप से ज्यादा रहने के आसार हैं। हालांकि मौसम विभाग ने सबसे बड़ी चेतावनी 9 सितंबर के लिए सुरक्षित रखी है, जब भारी बारिश के साथ तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने का खतरा और बढ़ जाएगा। यही वजह है कि भले ही आज किसी जिले में बारिश दर्ज न हो, फिर भी वहां अचानक मौसम पलटने और आसमान में बिजली कड़कने की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर उन इलाकों में जहां खेतों या खुले मैदानों में काम चलता रहता है।

पठारी इलाकों में रहेगा सुहाना मौसम

राजधानी रांची के अलावा हजारीबाग, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और उनके आसपास की ऊंचाई वाली जगहों पर बादलों की मौजूदगी, बीच-बीच में हल्की फुहारें और अपेक्षाकृत कम तापमान मिलकर मौसम को खुशनुमा बना सकते हैं। बारिश थमने के बाद इन इलाकों में उमस भी घटने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। रांची में आज पारा करीब 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान 23 डिग्री के आसपास बना रह सकता है।

शहरों में सुबह का तापमान कितना दर्ज हुआ

बादल छाए रहने और बारिश की वजह से आज राज्य के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य स्तर से ऊपर जाने की गुंजाइश कम ही है। सुबह के वक्त कई बड़े शहरों में पारा 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के दायरे में दर्ज किया गया, जिसमें रांची में 23 डिग्री, जमशेदपुर और धनबाद में लगभग 26 डिग्री तथा हजारीबाग में करीब 23 डिग्री सेल्सियस तापमान शामिल है।

अगले पांच दिन यानी 9 से 13 सितंबर तक का हाल

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले पांच दिनों में झारखंड से मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होने वाली। 9 सितंबर को भारी बारिश, गरज और वज्रपात की चेतावनी पहले से जारी है, जबकि 10 से 13 सितंबर के बीच भी बिजली चमकने और गड़गड़ाहट की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस दौरान राजधानी रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जैसे पठारी जिलों में, साथ ही हजारीबाग-रामगढ़ के आसपास भी, बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और आरामदायक बना रह सकता है।

हवा की गुणवत्ता में सुधार

लगातार बारिश और बादलों की मौजूदगी से हवा में धूल के कण कम होने लगे हैं, जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है। 8 सितंबर को उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, चाईबासा, गिरिडीह, दुमका, बोकारो और देवघर का एक्यूआई करीब 53 के स्तर पर दर्ज हुआ, जिसे आमतौर पर 'संतोषजनक' श्रेणी में गिना जाता है।

कुल मिलाकर आज झारखंड में बादल, बारिश और वज्रपात का सिलसिला बना रहेगा, लेकिन असली परीक्षा 9 सितंबर को होगी जब भारी बारिश का खतरा अपने चरम पर होगा। 10 से 13 सितंबर तक भी गरज-चमक और स्थानीय बारिश जारी रहने की पूरी संभावना है। रांची समेत पठारी जिलों में तापमान अपेक्षाकृत कम रहने से मौसम सुहावना जरूर लगेगा, लेकिन मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

सवाल-जवाब

आज झारखंड के किन जिलों में बारिश का अलर्ट है?
रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह समेत झारखंड के करीब दो दर्जन जिलों में आज बारिश और वज्रपात की चेतावनी है।
यह चेतावनी कब जारी की गई?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने यह पूर्वानुमान 7 सितंबर को जारी किया था, जो 8 सितंबर के लिए है।
सबसे ज्यादा खतरा किस दिन है?
मौसम विभाग के मुताबिक भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात का सबसे बड़ा खतरा 9 सितंबर को है।
रांची में आज तापमान कैसा रहेगा?
रांची में आज न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
आज झारखंड के प्रमुख शहरों का AQI कितना है?
8 सितंबर को रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, चाईबासा, गिरिडीह, दुमका, बोकारो और देवघर का AQI करीब 53 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है।
10 से 13 सितंबर तक मौसम कैसा रहेगा?
इस दौरान भी गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, खासकर रांची समेत पठारी जिलों में मौसम सुहावना बना रह सकता है।
वज्रपात से बचने के लिए क्या सलाह दी गई है?
मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

मौसम विभाग की यह चेतावनी सार्वजनिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। झारखंड के दो दर्जन जिलों में वज्रपात का यह खतरा केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि खुले मैदानों और खेतों में काम करने वाले ग्रामीण तबके के लिए जानलेवा जोखिम है। खासकर 9 सितंबर को भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को संवेदनशील इलाकों में अर्ली वार्निंग सिस्टम और जन-जागरूकता अभियान तुरंत तेज करने चाहिए, ताकि जनहानि को टाला जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·11 मिनट पहले

झारखंड में मानसून की इस सक्रियता और वज्रपात की चेतावनी के बीच यह गौर करना जरूरी है कि ग्रामीण इलाकों, विशेषकर खेतों और खुले मैदानों में काम करने वाले किसानों और श्रमिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। मौसम विभाग के इन अलर्ट्स को जमीनी स्तर पर ब्लॉक और पंचायत स्तर तक समय पर पहुँचाना होगा, ताकि कृषि कार्यों में जुटे लोग अचानक बदलते मौसम और बिजली गिरने के खतरों से सुरक्षित रह सकें।

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