झारखंड के पलामू जिले में सड़क किनारे बिक रहे एक खास किस्म के नारियल ने स्थानीय खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आमतौर पर किसी भी सामान्य नारियल को काटने पर उसमें से लगभग एक ग्लास पानी ही निकलता है, मगर मेदिनीनगर के बाजार में इन दिनों ऐसा बड़ा नारियल उपलब्ध है जिससे करीब चार ग्लास पानी मिलने की बात सामने आ रही है। इस असाधारण मात्रा और आकार के चलते कचहरी रोड पर खरीदारी करने आने वाले लोगों के बीच यह विषय काफी चर्चा में बना हुआ है।
कचहरी रोड पर ग्राहकों की बढ़ती भीड़
मेदिनीनगर का कचहरी रोड इलाका इन दिनों नारियल पानी के कई ठेलों और दुकानों से सजा रहता है। इसी मार्ग पर नारियल की दुकान लगाने वाले विक्रेता अरबाज के पास बंगाल से मंगाया गया यह विशेष नारियल देखने को मिल रहा है। इस नारियल की बनावट और घेरा सामान्य नारियल की तुलना में काफी बड़ा है, जिसके कारण राहगीर और नियमित ग्राहक इसे देखकर रुक रहे हैं। विक्रेता के अनुसार इस बड़े फल को काटने पर उसमें से भरपूर मात्रा में करीब चार ग्लास तक ताजा पानी निकल आता है, जो लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है।
बंगाल से मंगाने का फैसला और स्थानीय जुड़ाव
यह नारियल बेचने वाले दुकानदार अरबाज मूल रूप से लेस्लीगंज क्षेत्र के निवासी हैं और आजीविका के लिए कचहरी रोड पर नारियल पानी का ठेला लगाते हैं। अरबाज ने जानकारी दी कि उन्हें इस किस्म के विशालकाय नारियल के बारे में बंगाल में पता चला था। वहां इसकी खासियत और गुणवत्ता देखने के बाद उन्होंने इसे मेदिनीनगर मंगवाकर बेचना शुरू करने की योजना बनाई। फल पूरी तरह से ताजा होने के साथ-साथ आकार में भी काफी बड़ा है, जिसके चलते लोग इसे हाथों-हाथ पसंद कर रहे हैं।
कीमत का अंतर और ग्राहकों के लिए किफायती सौदा
दुकानदार अरबाज के अनुसार इस चार ग्लास पानी देने वाले बड़े नारियल की कीमत लगभग 90 रुपये प्रति पीस रखी गई है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो बाजार में बिकने वाले आम छोटे नारियल, जिनसे महज एक ग्लास पानी निकलता है, उनकी दर 70 से 80 रुपये प्रति पीस के आसपास रहती है। ऐसे में मात्र 10 से 20 रुपये अतिरिक्त खर्च करके ग्राहकों को चार गुना अधिक पानी मिल जाता है, जिसकी वजह से खरीदार इसे अधिक किफायती और व्यावहारिक विकल्प मानकर तेजी से खरीद रहे हैं।
मौसम के साथ बढ़ी दैनिक बिक्री
गर्मी और उमस भरे वातावरण में सेहत के लिहाज से नारियल पानी की मांग बाजार में स्वाभाविक रूप से काफी बढ़ जाती है। अरबाज का कहना है कि उनकी दुकान से रोजाना करीब 100 से 200 पीस नारियल की आसानी से बिक्री हो जाती है। एक ही नारियल में भरपूर मात्रा में पेय मिलने की यह खूबी पलामू के स्थानीय उपभोक्ताओं के बीच खासी लोकप्रिय हो चुकी है और लोग इसे आजमाने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।



















