दक्षिण-पश्चिम मानसून भले ही 3 अक्टूबर से झारखंड से पीछे हटने लगा हो, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में बादलों का असर अभी थमा नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 7 से 9 अक्टूबर के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। इसके उलट 10 से 12 अक्टूबर के बीच मौसमी परिस्थितियों में सुधार आने और वर्षा की गतिविधियों में भारी कमी दर्ज किए जाने का अनुमान लगाया गया है। 7 अक्टूबर को विशेष तौर पर रांची, लातेहार, गुमला और गढ़वा सहित कुल 13 जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने वाला है।
तेज आंधी और वज्रपात की जद में आने वाले जिले
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 अक्टूबर को राजधानी रांची के अलावा लातेहार, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, साहिबगंज, रामगढ़, हजारीबाग, पलामू और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ वर्षा होने की संभावना है। कुछ विशिष्ट स्थानों पर झोंकेदार हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर तक पहुंच सकती है। विभाग ने 7, 8 और 9 अक्टूबर के लिए बिजली कड़कने और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है, जबकि 10, 11 और 12 अक्टूबर के लिए किसी भी तरह का अलर्ट नहीं दिया गया है।
प्रमुख शहरों का तापमान और पारे का उतार-चढ़ाव
दिन के समय राज्यभर में तापमान हल्का गर्म रहने से लेकर सुहावने स्तर तक बने रहने का आकलन है। रांची में अधिकतम तापमान 28°C और न्यूनतम 21°C रहने का अनुमान है, जबकि जमशेदपुर में पारा अधिकतम 31-32°C और न्यूनतम 22-23°C के करीब रह सकता है। धनबाद के भीतर अधिकतम तापमान 32.2°C और रात का पारा 23.5°C दर्ज होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। हजारीबाग में दिन का तापमान 30-31°C के आसपास टिके रहने और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।
7 से 12 अक्टूबर के मध्य मौसम का बदलता स्वरूप
शुरुआती दो दिनों यानी 7 और 8 अक्टूबर को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे, जिसके साथ हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा और गर्जन हो सकती है। 9 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके बाद 10 से 12 अक्टूबर के दौरान वातावरण में स्पष्ट बदलाव आएगा और दिन के पारे में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इन अंतिम तीन दिनों के लिए मौसम विज्ञानियों ने कोई चेतावनी तय नहीं की है।
पहाड़ी व हरियाली वाले क्षेत्रों में सुहावना मिजाज
लगातार छाए बादलों और फुहारों के चलते रांची, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, लातेहार, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे ऊंचाई पर बसे व हरित आवरण वाले क्षेत्रों में ठंडक भरी ताजगी महसूस होगी। हालांकि आपदा प्रबंधन और मौसम वैज्ञानिकों ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, जलभराव वाले स्थलों और पेड़ों की शरण में खड़े होने से बचने की हिदायत दी है। 6 अक्टूबर को भी कई जनपदों में गर्जन के साथ मेघ बरसे थे, जहां रांची और जमशेदपुर में शाम से लेकर रात तक बौछारें देखने को मिली थीं।
प्रदूषण का स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति
मौसमी उथल-पुथल के बीच राज्य के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है। ताजे आंकड़ों के अनुसार धनबाद का AQI 178 और जमशेदपुर का 164 रिकॉर्ड किया गया है, जो काफी खराब स्थिति को दर्शाता है। रांची का सूचकांक करीब 123 तथा हजारीबाग का 113 मापा गया है। बोकारो, पलामू और गुमला में भी हवा का मिजाज अनुकूल नहीं रहने की संभावना है, जिसके चलते संवेदनशील नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। मानसून विदा हो रहा है, लेकिन 9 अक्टूबर तक सतर्कता बरतनी आवश्यक है।





















