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पेंडिंग ट्रैफिक चालान पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर के बाद रांची में उमड़ी भीड़, 130 करोड़ रुपये से ज्यादा बकायाझारखंड
4 अक्तू॰ 2026, 8:43 am (11 मिनट पहले)· 0

पेंडिंग ट्रैफिक चालान पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर के बाद रांची में उमड़ी भीड़, 130 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद रांची ट्रैफिक दफ्तर में पुराने चालान भरने की होड़ मच गई है। राजधानी में 130 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया अटका है और प्रशासन ने जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

झारखंड की राजधानी रांची स्थित ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में इन दिनों अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिल रही है। शहर भर से वाहन मालिक कतारों में खड़े होकर अपने पुराने और लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा करने में जुटे हैं। इनमें से कई ऐसे वाहन चालक भी शामिल हैं जिनके चालान सालों पहले जारी हुए थे, परंतु उन्होंने आज तक उन बकायों का भुगतान नहीं किया था। चालान काउंटर पर पहुंचे अमित कुमार ने बताया कि नियमों का सम्मान करना जरूरी है। यदि अनजाने में भूल हुई है और चालान जारी हुआ है, तो उसे समय पर भरना चाहिए। उनका मानना है कि भविष्य की कानूनी अड़चनों से बचने के लिए पुराने बकाए को तुरंत चुका देना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।

अदालती टिप्पणियों से वाहन चालकों में बढ़ी घबराहट

लंबे समय से अटके पड़े चालानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में की गई बेहद सख्त मौखिक टिप्पणियों के बाद पूरे देश में यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया है। रांची के ट्रैफिक कार्यालय में अचानक पैदा हुई इस गहमागहमी को भी सीधे तौर पर सर्वोच्च अदालत के उसी कड़े रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि यह भीड़ पूरी तरह अदालत के रुख का ही नतीजा है या इसके पीछे अन्य प्रशासनिक कारण भी हैं, यह पूरी तरह साफ नहीं है। इसके बावजूद यह सच है कि वाहन चालकों के मन में संभावित दंडात्मक कार्रवाई को लेकर बेचैनी बढ़ गई है, जिससे बचने के लिए लोग समय रहते अपने बकाये निपटाना चाहते हैं।

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राजधानी में 130 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया बाकी

रांची ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद गंभीर नजर आती है। शहर में वाहन मालिकों पर 130 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रैफिक चालान बकाया पड़े हैं। यह भारी-भरकम राशि दर्शाती है कि यातायात नियमों के उल्लंघन के बाद भी अधिकांश चालकों ने जुर्माने की अदायगी में भारी लापरवाही बरती है। इतने बड़े पैमाने पर बकाया रकम जमा न होने के कारण अब विभाग सक्रिय हो गया है और लोगों से स्वेच्छा से जुर्माना भरकर मामले खत्म करने का आग्रह कर रहा है।

ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने दी वाहन जब्ती की चेतावनी

लंबित मामलों के भारी बोझ को देखते हुए रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने सभी वाहन मालिकों से अपील जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोग कानूनी डंडे का इंतजार किए बिना अपने चालानों का भुगतान खुद आगे आकर करें। उन्होंने चेताया कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख के बाद आने वाले दिनों में बकायादारों के खिलाफ बड़े स्तर पर सख्त अभियान शुरू किया जा सकता है। पुलिस अधिकारी ने जोर देकर कहा कि जब्ती अथवा किसी अप्रिय कानूनी कार्रवाई की नौबत आने से पहले ही चालकों को अपना पुराना हिसाब चुकता कर लेना चाहिए।

बिजली बिल से वसूली और देशव्यापी स्तर पर हजारों करोड़ का संकट

अदालत की ओर से इस संदर्भ में कई कड़े सुझाव और मौखिक निर्देश सामने आए हैं। इन सुझावों में ट्रैफिक चालान की वसूली को बिजली बिल के साथ लिंक करने जैसे कड़े उपाय भी शामिल हैं ताकि कोई भी व्यक्ति भुगतान से बच न सके। इसके अलावा लंबे समय तक चालान न भरने वाले वाहनों को सीधे जब्त करने की संभावना पर भी मौखिक टिप्पणियां की गई हैं। यह समस्या केवल रांची तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में ट्रैफिक जुर्माने के तौर पर हजारों करोड़ रुपये की भारी रकम लंबे समय से फंसी हुई है।

सवाल-जवाब

रांची ट्रैफिक कार्यालय में अचानक इतनी भीड़ क्यों बढ़ गई है?
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पेंडिंग ट्रैफिक चालानों पर की गई सख्त टिप्पणियों और पुलिस द्वारा जब्ती की चेतावनी के बाद लोग बकाया भरने पहुंच रहे हैं।
रांची में कुल कितना ट्रैफिक चालान बकाया है?
रांची ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 130 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रैफिक चालान बकाया है।
रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने वाहन चालकों को क्या चेतावनी दी है?
उन्होंने वाहन मालिकों से अपने चालान स्वतः जमा करने की अपील की है और कहा कि कार्रवाई व जब्ती से पहले ही भुगतान कर लें।
सुप्रीम कोर्ट ने पेंडिंग चालान की वसूली को लेकर क्या सुझाव दिए हैं?
अदालत ने चालान को बिजली बिल से जोड़कर वसूलने और बकायादारों के वाहन जब्त करने जैसे मौखिक सुझाव दिए हैं।
पूरे देश में ट्रैफिक चालान के रूप में लगभग कितनी रकम बकाया है?
देशभर में ट्रैफिक चालान के रूप में हजारों करोड़ रुपये की राशि बकाया बताई गई है।
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