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रांची के किसान मुकेश ने आंगन में उगाई ग्वार फली, स्वाद और कमाई दोनों में निकली अव्वलझारखंड
1 अक्तू॰ 2026, 4:08 pm (35 मिनट पहले)· 0

रांची के किसान मुकेश ने आंगन में उगाई ग्वार फली, स्वाद और कमाई दोनों में निकली अव्वल

रांची के मनातू निवासी किसान मुकेश अपने आंगन में ग्वार फली उगाकर रोजाना अच्छी कमाई कर रहे हैं। बाजार में ₹80 से ₹100 किलो बिकने वाली यह सब्जी स्वाद में बेहद खास मानी जाती है।

झारखंड में रांची के मनातू इलाके के किसान मुकेश ने अपने घर के छोटे से हिस्से का बेहतरीन इस्तेमाल करके एक खास मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने घर के आंगन में महज 2 डिसमिल जमीन पर ग्वार फली की खेती की है। यह मौसमी सब्जी न केवल स्वाद के मामले में लोगों को खूब पसंद आ रही है, बल्कि बाजार में इसकी मजबूत मांग की वजह से यह कमाई का भी एक बढ़िया जरिया बनकर उभरी है।

सितंबर से ठंड तक तैयार होती है भरपूर फसल

ग्वार फली की पैदावार मुख्य रूप से सितंबर के महीने से शुरू होकर कड़ाके की ठंड के पूरे मौसम तक लगातार चलती है। इस सब्जी के पौधे काफी बड़े और घने आकार में विकसित होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही पौधे से 4 से 5 किलो तक फली बहुत तेजी से निकल आती है। पैदावार का चक्र इतना तेज होता है कि किसानों को कम समय में ही भरपूर उत्पादन हासिल हो जाता है, जिससे सीमित जगह में भी बहुत अच्छा परिणाम देखने को मिलता है।

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बाजार में ₹80 से ₹100 किलो का भाव और रोजाना मुनाफा

बाजार में इस सब्जी की मांग ठंड के दिनों में जबरदस्त बनी रहती है। मंडियों और खुदरा दुकानों पर ग्वार फली की कीमत ₹80 से लेकर ₹100 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। लोग पूरे साल इंतजार करते हैं कि ठंड का मौसम कब शुरू हो और बाजार में यह सब्जी पहुंचे। किसान मुकेश के अनुसार, ठंड के दिनों में वे इस छोटी सी क्यारी की उपज से हर दिन ₹500 तक की सीधी कमाई आसानी से कर लेते हैं। इसका अनोखा हल्का खट्टा-मीठा स्वाद ग्राहकों को बार-बार खरीदारी के लिए आकर्षित करता है।

मशरूम जैसा स्वाद और पकाने का आसान तरीका

ग्वार फली को घर पर सूखी भुजिया या रसेदार सब्जी दोनों रूपों में बेहद आसानी से पकाया जा सकता है। आलू के साथ मिलाकर तैयार करने पर इसका स्वाद बिल्कुल मशरूम जैसा लगता है। जब भी घर पर कोई मेहमान आता है, तो मुकेश इसे खास तौर पर बनाकर परोसते हैं, जिसे खाकर अक्सर मेहमान इसके स्वाद की तारीफ करते हैं और इसका नाम पूछते हैं।

इसे बनाने की विधि भी बहुत सीधी और सरल है। उबले हुए आलू के साथ ग्वार को हल्का फ्राई किया जाता है। इसके बाद अदरक, लहसुन और टमाटर का पेस्ट डाला जाता है। फिर हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, नमक और मिक्स मसाला डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह भून लिया जाता है। मसाले पक जाने पर थोड़ा सा पानी मिलाकर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस तरह तैयार सब्जी को गरमा-गरम रोटी या चावल के साथ परोसने पर लाजवाब स्वाद मिलता है।

सवाल-जवाब

ग्वार फली की फसल किस मौसम में तैयार होती है?
यह सब्जी सितंबर के महीने से शुरू होकर पूरी ठंड के मौसम तक फलती और उगती है।
एक पौधे से औसतन कितनी ग्वार फली निकलती है?
इसके एक ही बड़े पौधे से लगभग 4 से 5 किलो तक फली तेजी से निकल आती है।
बाजार में ग्वार फली का क्या भाव मिलता है?
बाजार में इसकी कीमत ₹80 से लेकर ₹100 प्रति किलो तक रहती है।
मुकेश अपने आंगन में कितनी जमीन पर यह सब्जी उगा रहे हैं?
वे रांची के मनातू में अपने आंगन के केवल 2 डिसमिल हिस्से में इसे उगा रहे हैं।
ठंड के मौसम में इस सब्जी से रोजाना कितनी कमाई हो जाती है?
ठंड के दिनों में किसान मुकेश इससे हर दिन ₹500 तक की कमाई कर लेते हैं।
पकाने पर इस सब्जी का स्वाद कैसा लगता है?
आलू के साथ पकाने पर इसका स्वाद मशरूम जैसा लगता है और इसमें हल्का खट्टा-मीठा फ्लेवर आता है।
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