झारखंड की राजधानी रांची में देर रात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की विशेष टीमों ने एक दर्जन से अधिक होटलों और बार में एक साथ दबिश दी। संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए शुरू की गई इस व्यापक कार्रवाई से राजधानी के आतिथ्य और मनोरंजन कारोबार से जुड़े संचालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस टीमों ने परिसरों में मौजूद अभिलेखों और आगंतुकों की सघन तलाशी ली।
कोतवाली क्षेत्र के कोरिंथिया होटल में कार्रवाई
इस पूरे तलाशी अभियान के दौरान कोतवाली थाना अंतर्गत कचहरी चौक पर स्थित कोरिंथिया होटल विशेष रूप से पुलिस कार्रवाई के केंद्र में आ गया। यहां अचानक पहुंची टीम ने जब कमरों और विभिन्न हिस्सों की जांच की, तो करीब आधा दर्जन युवतियां और आठ युवक संदिग्ध अवस्था में मिले। पुलिस ने इन सभी 14 लोगों को मौके से हिरासत में ले लिया। इसके अलावा मौके पर मौजूद होटल के मैनेजर, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ को भी पूछताछ के दायरे में लिया गया है। परिसर के भीतर युवतियों से नृत्य कराने की बात भी सामने आई, जिसके बाद छानबीन और कड़ी कर दी गई।
अंतरराज्यीय सिंडिकेट और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि संदिग्ध देह व्यापार के संचालन के लिए युवतियों को बिचौलियों के माध्यम से होटल तक लाया जाता था। इस रैकेट के तार झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल समेत कई पड़ोसी राज्यों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। जांचकर्ताओं को यह भी जानकारी मिली है कि प्रति ग्राहक 4,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक के कथित सौदे तय किए जाते थे। पुलिस अब इस वित्तीय लेनदेन के पूरे तंत्र और कमरों के आवंटन में शामिल सभी कड़ियों को जोड़ रही है।
प्रबंधन की भूमिका और अन्य इलाकों में छापेमारी
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस होटल संचालक और प्रबंधन की सीधी संलिप्तता की बारीकी से पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड, फोन कॉल और मौके से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर लालपुर थाना क्षेत्र में भी आधा दर्जन से अधिक बार में टीमों ने औचक निरीक्षण किया। वहां मौजूद कई युवक-युवतियों से देर रात तक पूछताछ की गई। पूरे शहर में चले इस अभियान के बाद से नियम ताक पर रखकर संचालन करने वाले प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कस गया है।


















