कर्नाटक की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के PWD मंत्री सतीश जारकीहोली के परिसरों पर छापा मारा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सशस्त्र जवानों के साथ पहुंची ED की टीमों ने बेंगलुरु और बेलगावी समेत महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में स्थित करीब 18 ठिकानों की घेराबंदी कर जांच शुरू की। सुबह-सवेरे अधिकारियों की दो गाड़ियां बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित मंत्री के आधिकारिक निवास पर पहुंचीं, जहां सख्त सुरक्षा पहरे के बीच दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की गई।
सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली के परिसरों तक फैली जांच की आंच
प्रवर्तन एजेंसी द्वारा चलाई जा रही इस सघन मुहिम का प्रभाव केवल मंत्री सतीश जारकीहोली तक ही सीमित नहीं है। जांच अधिकारियों ने उनकी पुत्री तथा कांग्रेस पार्टी की सांसद प्रियंका जारकीहोली के ठिकानों को भी इस तलाशी अभियान में शामिल कर लिया है। एजेंसी की अलग-अलग टीमें बेलगावी, बेंगलुरु और महाराष्ट्र के क्षेत्रों में फैले 18 स्थानों पर वित्तीय कागजात, डिजिटल फाइलें और परिसंपत्तियों के ब्योरे खंगाल रही हैं। वर्तमान सरकार में लोक निर्माण मंत्रालय संभालने वाले सतीश जारकीहोली की गिनती सत्तारूढ़ पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में होती है और उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का विश्वस्त सहयोगी समझा जाता है। यही कारण है कि मंत्री और उनके पारिवारिक सदस्यों पर हुई इस अचानक छापेमारी को राज्य की भावी राजनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जून महीने की 24 तारीख को रिश्तेदार वाई. मंजूनाथ के यहां पड़ा था छापा
बुधवार को शुरू हुई इस बड़ी कार्रवाई के संबंध 24 जून को हुई ED की पिछली रेड से जुड़े बताए जा रहे हैं। उस समय केंद्रीय जांच दल ने बेलगावी स्थित आबकारी विभाग के एडिशनल कमिश्नर वाई. मंजूनाथ के ठिकाने पर दबिश दी थी, जो रिश्ते में सतीश जारकीहोली के बहनोई हैं। उस दौरान वाई. मंजूनाथ के पारिवारिक सदस्यों और करीबी संबंधियों से जुड़े परिसरों में भी छानबीन की गई थी। एजेंसी का वह कदम मुख्य रूप से विदेशों में गैर-कानूनी तरीके से रकम भेजने और हवाला संबंधी लेनदेन के शक में उठाया गया था। उसी सिलसिले में बेंगलुरु में मंजूनाथ के आवासीय फ्लैट के साथ-साथ अर्सिकेरे और मैसूरु में उनके सहयोगियों की संपत्तियों की तलाशी ली गई थी।
टीएमसी सांसद मोहम्मद नदीमुल हक पर हुई कार्रवाई का संदर्भ
कर्नाटक की इस ताजा कार्रवाई से ठीक पहले, सोमवार के दिन ED ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सदस्य मोहम्मद नदीमुल हक से संबंधित परिसरों पर भी छापा मारा था। वहां कोलकाता स्थित उर्दू दैनिक समाचार पत्र 'अखबार-ए-मशरिक' के कार्यालयों में 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक चली जांच के दौरान अधिकारियों ने लगभग 60 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश किया था। वहीं, बुधवार को जारकीहोली परिवार के ठिकानों पर चल रही कार्रवाई के दौरान क्या-क्या संपत्तियां या दस्तावेज जब्त किए गए हैं, इस पर जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



















