कर्नाटक की राजधानी स्थित येलहंका वायु सेना केंद्र पर रक्षा और एयरोस्पेस तकनीक की सबसे भव्य प्रदर्शनी का आयोजन पुनः होने जा रहा है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने 16वें एयरो इंडिया द्विवार्षिक एयर शो की औपचारिक तिथियों का ऐलान कर दिया है। यह पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रदर्शनी 8 फरवरी 2027 से प्रारंभ होकर 12 फरवरी 2027 तक आयोजित की जाएगी। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी एक बार फिर बेंगलुरु का येलहंका एयर फोर्स स्टेशन ही करेगा, जहां भारत सहित दुनिया भर के सबसे उन्नत सैन्य और असैन्य विमान अपनी अद्भुत हवाई कलाबाजियों का प्रदर्शन करेंगे।
पंजीकरण की तिथि और ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत
रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले रक्षा उत्पादन विभाग द्वारा इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रदर्शकों, उद्योग प्रतिनिधियों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए एक विशेष वेब-आधारित डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियां तथा दर्शक www.aeroindia.gov.in के आधिकारिक वेब पोर्टल के माध्यम से 3 सितंबर 2026 से अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसी तारीख से प्रदर्शनी के लिए स्थान और स्टॉल की बुकिंग प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी, जिससे कंपनियों को अपनी योजनाएं पहले से बनाने का समय मिल सकेगा।
आयोजन का उद्देश्य और वैश्विक रक्षा इकोसिस्टम
एयरो इंडिया का मूल उद्देश्य एयरोस्पेस, उन्नत रक्षा निर्माण, उभरती हुई तकनीकों और नवाचार के क्षेत्र में भारत की लगातार मजबूत होती क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना है। यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन दुनिया भर के शीर्ष नीति-निर्माताओं, रक्षा उद्योग के वैश्विक दिग्गजों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, इनोवेटरों, शोधकर्ताओं और विभिन्न देशों के सशस्त्र बलों के कर्मियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि द्विपक्षीय व्यापारिक सौदों, तकनीक के आदान-प्रदान, रणनीतिक समझौतों और वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को मजबूत करने का एक बड़ा केंद्र है।
पांच दिवसीय कार्यक्रम का शेड्यूल और हवाई प्रदर्शन
पांच दिनों तक चलने वाले इस एयरोस्पेस महाकुंभ में विविध प्रकार के व्यापारिक और रणनीतिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें सरकार से उद्योग (Govt-to-Industry) और उद्योग से उद्योग (Industry-to-Industry) के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकें होंगी। इसके साथ ही रक्षा विनिर्माण की नई तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन का सबसे लोकप्रिय आकर्षण भारतीय वायु सेना (IAF) तथा भाग लेने वाली विदेशी वायु सेनाओं की फ्लाइंग टीमों द्वारा किए जाने वाले आश्चर्यजनक एयरोबेटिक प्रदर्शन होंगे, जहां विमान चालक अपने कौशल और आधुनिक लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
2025 का पिछला एयर शो और आत्मनिर्भर भारत की दिशा
उल्लेखनीय है कि इससे पिछला 15वां एयरो इंडिया संस्करण वर्ष 2025 में फरवरी के दौरान येलहंका एयर फोर्स स्टेशन पर ही सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। उस समय अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 और रूस का उन्नत बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान Su-57 विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे थे। आगामी एयरो इंडिया 2027 आयोजन देश के 'आत्मनिर्भर भारत' दृष्टिकोण को एक नई गति प्रदान करेगा। इससे भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) और रक्षा स्टार्ट-अप्स को विदेशी साझेदारियां हासिल करने, रक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, सैन्य उपकरणों के निर्यात को बढ़ावा देने और उन्नत रक्षा तकनीकों के हस्तांतरण के नए अवसर मिलेंगे।



















