बेंगलुरु के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले 19 वर्षीय बीटेक छात्र लक्ष्य मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपने इकलौते बेटे को बेहतर भविष्य का सपना लेकर घर से विदा करने वाले माता-पिता के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी। छात्र की मां ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश लिखकर पूरे घटनाक्रम पर गहरा संदेह जताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
होनहार छात्र का सफर और आधी रात का फोन कॉल
परिजनों के अनुसार लक्ष्य मिश्रा बचपन से ही मेधावी छात्र था और लगातार लगभग 90 प्रतिशत अंक हासिल करता आ रहा था। उसने अगस्त 2024 में बेंगलुरु स्थित मणिपाल इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया था। वह बीटेक के दूसरे वर्ष में अध्ययनरत था और मई 2026 की आगामी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा हुआ था। परिवार में सब कुछ पूरी तरह सामान्य और खुशहाल चल रहा था।
यह सब कुछ 6 अप्रैल की देर रात अचानक बदल गया जब परिवार को एक अनचाहा फोन आया। फोन पर सूचना दी गई कि लक्ष्य हॉस्टल की नौवीं मंजिल से नीचे गिर गया है। परिजन इस बात को समझ ही रहे थे कि कुछ ही समय बाद एक दूसरा फोन आया, जिसमें उसके नहीं रहने की दुखद जानकारी दी गई। इस अचानक मिली सूचना ने परिवार को स्तब्ध कर दिया।
शव की स्थिति और संकरी खिड़की पर उठे सवाल
सूचना मिलते ही लक्ष्य के पिता अंजनी कुमार मिश्रा और उनकी पत्नी तुरंत बेंगलुरु पहुंचे। बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर परिवार के मन में कई शंकाएं पैदा हो गईं। मां का कहना है कि नौवीं मंजिल जैसी अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के बावजूद शरीर पर उस तरह की गंभीर चोटें नजर नहीं आ रही थीं, जैसी आमतौर पर ऐसे हादसों में दिखनी चाहिए।
इसके बाद परिजनों ने हॉस्टल में जाकर उस जगह का मुआयना किया, जहां से लक्ष्य के गिरने का दावा किया गया था। मां ने बताया कि नौवीं मंजिल पर स्थित जिस खिड़की से गिरने की बात कही जा रही है, उसमें जाली लगी हुई थी और वह बेहद संकरी थी। उनका तर्क है कि इतने छोटे और संकरे हिस्से से किसी वयस्क का गिरना या छलांग लगाना बेहद मुश्किल है। इसके अलावा जमीन पर मिले खून के निशानों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और दावा किया कि वे निशान ऊंचाई से गिरने की बात से मेल नहीं खाते।
कॉलेज प्रशासन पर आरोप और परिजनों की आशंका
लक्ष्य के परिजनों ने आशंका जताई है कि इस पूरे मामले को जल्दबाजी में आत्महत्या का रूप देकर दबाया जा सकता है। छात्र की मां ने कॉलेज प्रशासन पर सच्चाई छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई सामान्य दुर्घटना या आत्महत्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे हत्या की पूरी संभावना नजर आती है। परिवार ने जनता और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए सच सामने लाने की अपील की है।
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की शुरुआती जांच
मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस का कहना है कि हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज में लक्ष्य रात के करीब 1 बजे नौवीं मंजिल पर अकेले टहलता हुआ दिखाई दिया था। हालांकि पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि केवल इस वीडियो के आधार पर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना बहुत जल्दबाजी होगी।
पिता अंजनी कुमार मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी कॉलेज प्रशासन, हॉस्टल कर्मियों और संबंधित लोगों से सघन पूछताछ कर रहे हैं। घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध तकनीकी जानकारियों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। हॉस्टल की उस नौवीं मंजिल पर उस रात असल में क्या हुआ था, यह पूरी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



















