पश्चिम एशिया के अशांत माहौल में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच खींचतान एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुकी है। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ अहम रणनीतिक बैठक की और सशस्त्र बलों को किसी भी आक्रामकता का तत्काल प्रभाव से मुंहतोड़ जवाब देने का कड़ा आदेश जारी किया है। ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट रुख अपनाया है कि किसी भी नए संकट का सामना करने के लिए उनकी सेना को पारंपरिक भौगोलिक दायरों तक सीमित रहने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब दोनों पक्षों के बीच राजनयिक वार्ता को गति देने की समांतर कवायदें भी चल रही हैं।
सैन्य बलों को रणनीतिक छूट और जवाबी कार्रवाई का खाका
ईरानी सुप्रीम लीडर ने सैन्य कमांडरों के साथ हुए विचार-विमर्श का ब्योरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। सुरक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुजतबा खामेनेई ने दो टूक निर्देश जारी किए।
"हर स्तर और हर तरह के खतरे का तुरंत, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब दिया जाना चाहिए।"
ईरानी नेतृत्व ने आगे स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि विरोधी खेमे की तरफ से कोई नई फौजी या हिंसक कार्रवाई शुरू की जाती है, तो उसे कब, कैसे और किन शर्तों के तहत खत्म किया जाएगा, इसका फैसला पूरी तरह से इस्लामिक रिपब्लिक की सशस्त्र सेना और वहां के नागरिक करेंगे। खामेनेई ने कमांडरों को समझाते हुए कहा कि संभावित हमलों को पहले से टालने और दुश्मनों के इरादों को नाकाम करने के लिए निरंतर युद्ध की तैयारी बनाए रखना अनिवार्य है। इसके अलावा देश की रक्षा प्रौद्योगिकी को और अधिक आधुनिक तथा मजबूत बनाने पर बल दिया गया, ताकि हर आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।
व्हाइट हाउस का रुख: टकराव खत्म करने की कोई हड़बड़ी नहीं
तेहरान के इन सख्त बयानों के बरक्स वॉशिंगटन का मिजाज बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे सैन्य गतिरोध पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि अमेरिका को चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की कोई जल्दी नहीं है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने मौजूदा हालात को एक गैर-पारंपरिक और अलग तरह की लड़ाई करार दिया। राष्ट्रपति के अनुसार कई महीनों के संघर्ष और लगातार जारी कूटनीतिक प्रयासों के बाद भी कोई स्थाई हल नहीं निकल सका है, किंतु मौजूदा हालात में वक्त अमेरिका के पक्ष में खड़ा दिखाई देता है।
"यह युद्ध है, लेकिन सामान्य युद्ध नहीं है। हमें वहां 7 महीने हो चुके हैं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने विरोधी पक्ष की आंतरिक चुनौतियों की ओर इशारा करते हुए रेखांकित किया कि ईरानी प्रशासन अपने सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को नियमित वेतन तक देने में गंभीर संकट का सामना कर रहा है। इसी आर्थिक व आंतरिक दबाव के चलते तेहरान लगातार संवाद स्थापित करने का इच्छुक है और चर्चाएं चल भी रही हैं, लेकिन वॉशिंगटन किसी जल्दबाजी में समझौते के लिए तैयार नहीं है।
राजनयिक मसौदे में यूरेनियम और होर्मुज जलमार्ग पर मंथन
तल्ख बयानबाजी के साए में कूटनीतिक गलियारों से एक नए शुरुआती शांति मसौदे की रूपरेखा भी सामने आई है। इस प्रस्तावित रूपरेखा के तहत ईरान के पास मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (हाइली एनरिच्ड यूरेनियम) के भंडार को लेकर एक व्यावहारिक रास्ता निकालने की बात शामिल है। इसके अनुसार, या तो इस सामग्री को किसी सर्वसम्मत तीसरे देश की देखरेख में स्थानांतरित किया जाएगा या फिर इसके संवर्धन स्तर में औपचारिक कमी लाई जाएगी।
प्रस्ताव में विश्व अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा एक अत्यंत अहम बिंदु भी जोड़ा गया है। इसके मुताबिक प्रारंभिक सहमति बनने के 7 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों के सुचारु आवागमन के लिए दोबारा खोला जाना जरूरी होगा। यह संकरा समुद्री मार्ग समूची दुनिया के कच्चे तेल के परिवहन की जीवनरेखा माना जाता है, इसलिए इस पर सहमति बनने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है।



















