कर्नाटक के बीदर जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान देशभक्ति के नारे लगाने को लेकर विवाद सामने आया है। 15 अगस्त को ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बाद कॉलेज परिसर से बाहर निकलते समय 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' का नारा लगाने वाले छात्रों को रोकने के आरोप में एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रिंसिपल पर मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस ने 17 अगस्त को एक छात्र के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर यह कार्रवाई की है।
15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद हुआ विवाद
घटना बीदर जिले के अंतर्गत आने वाले चिटगुप्पा शहर के एक प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज की है। 15 अगस्त के दिन कॉलेज परिसर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया, जिसके पश्चात सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और राष्ट्रगान का आयोजन हुआ। पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सुबह लगभग 10 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब छात्र बाहर निकल रहे थे, तब द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर 'भारत माता की जय' तथा 'वंदे मातरम' के नारे लगाए।
प्रिंसिपल पर लगे आरोप और चेतावनी
एफआईआर में उल्लिखित विवरण के मुताबिक, मदारगी निवासी 39 वर्षीय प्रिंसिपल अब्दुल हकीम ने छात्रों को तुरंत रोक दिया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों को भविष्य में ऐसे नारे न लगाने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कथित रूप से तर्क दिया कि ये नारे एक विशिष्ट धार्मिक समुदाय से संबंधित हैं, इसलिए कॉलेज परिसर के अंदर इनकी अनुमति नहीं दी जाएगी।
धार्मिक भेदभाव और बीएनएस की धाराओं में मामला
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में विभिन्न धार्मिक समुदायों के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। इसके बावजूद प्रिंसिपल ने धार्मिक आधार पर पक्षपातपूर्ण आचरण किया, जिससे अलग-अलग समुदायों के छात्रों के बीच वैमनस्यता और दुश्मनी पनप सकती है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए 17 अगस्त को अब्दुल हकीम के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना) और धारा 353(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।



















