जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फागी कस्बे में धार्मिक पदयात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। प्रसिद्ध सीताराम जी मंदिर के समीप बनी एक प्राचीन बावड़ी पर स्नान कर रहा 18 साल का एक श्रद्धालु अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में जा गिरा। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद पुलिस प्रशासन के एक जांबाज जवान ने तत्परता दिखाते हुए बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी और डूबे हुए युवक को सकुशल बाहर निकाल लाया।
सीढ़ियों से पैर फिसलने के बाद गहरे पानी में समाया युवक
यह हादसा श्री डिग्गी कल्याण जी महाराज की 61वीं ऐतिहासिक लखी पदयात्रा के दौरान हुआ। यात्रियों का जत्था फागी स्थित प्रसिद्ध सीताराम जी मंदिर के पास विश्राम और दर्शन के लिए रुका हुआ था। इसी दौरान जयपुर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निवाना गांव निवासी 18 वर्षीय दिव्यांश, जो कि गौरीशंकर का पुत्र है, मंदिर परिसर के पास बनी बावड़ी की सीढ़ियों पर नहाने उतरा। नहाते समय अचानक उसका पैर सीढ़ी से फिसल गया, जिससे वह अपना संतुलन खो बैठा और सीधे बावड़ी के अथाह पानी में जा गिरा। दिव्यांश के पानी में डूबते ही वहां मौजूद अन्य पदयात्रियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाना और मदद की गुहार लगाना शुरू कर दिया।
वर्दी उतारे बिना कांस्टेबल मुकेश कुमार ने लगाई छलांग
हादसे के वक्त मौके पर चीख-पुकार और सहायता के लिए उठती आवाजों को सुनकर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल मुकेश कुमार तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। दूदू स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पदयात्रा की सुरक्षा में तैनात किए गए मुकेश कुमार ने बिना एक क्षण गंवाए परिस्थिति को समझा। उन्होंने अपनी खाकी वर्दी तक उतारने का इंतजार नहीं किया और सीधे बावड़ी के गहरे पानी में कूद पड़े। पानी के भीतर गोता लगाकर कांस्टेबल ने डूब रहे दिव्यांश को खोजना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने युवक को मजबूती से पकड़ लिया और तैरते हुए उसे बावड़ी के किनारे सुरक्षित ले आए। कांस्टेबल की इस सूझबूझ और साहस से 18 साल के दिव्यांश को मौत के मुंह से बाहर निकाला जा सका।
परिजनों की आंखें हुई नम, पुलिस प्रशासन के लगे नारे
युवक को सुरक्षित बाहर निकलते देख बावड़ी के पास एकत्र हजारों श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और पुलिस जवान की बहादुरी की सराहना की। मौके पर मौजूद जनसमूह ने भारत माता की जय और राजस्थान पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए। हादसे की खबर मिलते ही दिव्यांश के परिजन भी मौके पर पहुंचे और कांस्टेबल मुकेश कुमार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। भावुक परिजनों ने कहा कि अगर समय रहते पुलिसकर्मी बावड़ी में छलांग न लगाता, तो आज उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता। जयपुर ग्रामीण पुलिस के उच्च अधिकारियों तथा पुलिस निरीक्षक पुष्पेंद्र बंशीवाल ने भी जवान के इस साहसिक कदम की जमकर तारीफ की। अधिकारियों का कहना था कि मुकेश कुमार ने अपने कर्तव्य और मानवता का परिचय देकर खाकी का मान बढ़ाया है।
22 अगस्त को डिग्गी पहुंचेगी 61वीं ऐतिहासिक पदयात्रा
श्री डिग्गी कल्याण जी महाराज की यह 61वीं लखी पदयात्रा 18 अगस्त को जयपुर शहर के चौड़ा रास्ता स्थित ऐतिहासिक ताड़केश्वर मंदिर से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना हुई थी। यह विशाल पदयात्रा रेनवाल मांजी और फागी थाना क्षेत्रों से गुजरती हुई 22 अगस्त को टोंक जिले में स्थित सुप्रसिद्ध डिग्गी कल्याण जी धाम पहुंचेगी। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जयपुर ग्रामीण पुलिस प्रशासन की ओर से जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल के साथ-साथ राहत टीमों की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
























