हॉकी वर्ल्ड कप 2026: नीदरलैंड ने भारत को 3-1 से दी शिकस्त, सेमीफाइनल की रेस में फंसी भारतीय टीमजालोर के भवरानी गांव में 90 वर्षीय पुनीदेवी और 89 साल के दरगाराम प्रजापत का एक घंटे के भीतर निधन, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कारडोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने रोकी ट्रेड डील, मार्क कार्नी ने दी एनर्जी सप्लाई रोकने की खुली धमकीहाथी की त्वचा से प्रेरित कूलिंग सीमेंट, बिना बिजली और एसी के घर रहेगा ठंडासीतापुर में अनोखा ड्रामा, एक ही घर में दो पतियों के साथ रहने की जिद पर अड़ी महिलाबिना बारिश घर के भीतर मिट्टी की खुशबू आना आम बात नहीं, जानें इसके पीछे की बड़ी वजहेंएफआईएच हॉकी विश्व कप: नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत को मिली शिकस्त, कप्तान हरमनप्रीत सिंह की कोशिश भी नहीं आई कामश्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 की पूजा से पहले नोट कर लें सामग्री लिस्ट, जानिए सही तिथि और महत्वअंबाला में शूटिंग का क्रेज: सरबजोत सिंह की ओलंपिक सफलता के बाद कैसे बदल रही है हरियाणा के खेल प्रेमियों की पसंदरणवीर सिंह ने 'धुरंधर' की सफलता पर तोड़ी चुप्पी, करियर के बुरे दौर को याद कर छलका दर्द
जयपुर के फागी में बावड़ी के गहरे पानी में गिरकर डूब रहा था पदयात्री, कांस्टेबल मुकेश कुमार ने छलांग लगाकर बचाई जानराजस्थान
21 अग॰ 2026, 7:19 pm (1 दिन पहले)· 3

जयपुर के फागी में बावड़ी के गहरे पानी में गिरकर डूब रहा था पदयात्री, कांस्टेबल मुकेश कुमार ने छलांग लगाकर बचाई जान

जयपुर के फागी में डिग्गी कल्याण जी पदयात्रा के दौरान एक 18 वर्षीय युवक बावड़ी के गहरे पानी में गिर गया, जिसे वहां सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल मुकेश कुमार ने तुरंत पानी में कूदकर सुरक्षित बचा लिया।

जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फागी कस्बे में धार्मिक पदयात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। प्रसिद्ध सीताराम जी मंदिर के समीप बनी एक प्राचीन बावड़ी पर स्नान कर रहा 18 साल का एक श्रद्धालु अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में जा गिरा। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद पुलिस प्रशासन के एक जांबाज जवान ने तत्परता दिखाते हुए बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी और डूबे हुए युवक को सकुशल बाहर निकाल लाया।

सीढ़ियों से पैर फिसलने के बाद गहरे पानी में समाया युवक

यह हादसा श्री डिग्गी कल्याण जी महाराज की 61वीं ऐतिहासिक लखी पदयात्रा के दौरान हुआ। यात्रियों का जत्था फागी स्थित प्रसिद्ध सीताराम जी मंदिर के पास विश्राम और दर्शन के लिए रुका हुआ था। इसी दौरान जयपुर जिले के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निवाना गांव निवासी 18 वर्षीय दिव्यांश, जो कि गौरीशंकर का पुत्र है, मंदिर परिसर के पास बनी बावड़ी की सीढ़ियों पर नहाने उतरा। नहाते समय अचानक उसका पैर सीढ़ी से फिसल गया, जिससे वह अपना संतुलन खो बैठा और सीधे बावड़ी के अथाह पानी में जा गिरा। दिव्यांश के पानी में डूबते ही वहां मौजूद अन्य पदयात्रियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचाना और मदद की गुहार लगाना शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें

वर्दी उतारे बिना कांस्टेबल मुकेश कुमार ने लगाई छलांग

हादसे के वक्त मौके पर चीख-पुकार और सहायता के लिए उठती आवाजों को सुनकर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल मुकेश कुमार तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। दूदू स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पदयात्रा की सुरक्षा में तैनात किए गए मुकेश कुमार ने बिना एक क्षण गंवाए परिस्थिति को समझा। उन्होंने अपनी खाकी वर्दी तक उतारने का इंतजार नहीं किया और सीधे बावड़ी के गहरे पानी में कूद पड़े। पानी के भीतर गोता लगाकर कांस्टेबल ने डूब रहे दिव्यांश को खोजना शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने युवक को मजबूती से पकड़ लिया और तैरते हुए उसे बावड़ी के किनारे सुरक्षित ले आए। कांस्टेबल की इस सूझबूझ और साहस से 18 साल के दिव्यांश को मौत के मुंह से बाहर निकाला जा सका।

परिजनों की आंखें हुई नम, पुलिस प्रशासन के लगे नारे

युवक को सुरक्षित बाहर निकलते देख बावड़ी के पास एकत्र हजारों श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और पुलिस जवान की बहादुरी की सराहना की। मौके पर मौजूद जनसमूह ने भारत माता की जय और राजस्थान पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए। हादसे की खबर मिलते ही दिव्यांश के परिजन भी मौके पर पहुंचे और कांस्टेबल मुकेश कुमार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। भावुक परिजनों ने कहा कि अगर समय रहते पुलिसकर्मी बावड़ी में छलांग न लगाता, तो आज उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता। जयपुर ग्रामीण पुलिस के उच्च अधिकारियों तथा पुलिस निरीक्षक पुष्पेंद्र बंशीवाल ने भी जवान के इस साहसिक कदम की जमकर तारीफ की। अधिकारियों का कहना था कि मुकेश कुमार ने अपने कर्तव्य और मानवता का परिचय देकर खाकी का मान बढ़ाया है।

22 अगस्त को डिग्गी पहुंचेगी 61वीं ऐतिहासिक पदयात्रा

श्री डिग्गी कल्याण जी महाराज की यह 61वीं लखी पदयात्रा 18 अगस्त को जयपुर शहर के चौड़ा रास्ता स्थित ऐतिहासिक ताड़केश्वर मंदिर से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना हुई थी। यह विशाल पदयात्रा रेनवाल मांजी और फागी थाना क्षेत्रों से गुजरती हुई 22 अगस्त को टोंक जिले में स्थित सुप्रसिद्ध डिग्गी कल्याण जी धाम पहुंचेगी। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जयपुर ग्रामीण पुलिस प्रशासन की ओर से जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल के साथ-साथ राहत टीमों की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

सवाल-जवाब

फागी में बावड़ी में हादसा कैसे हुआ?
18 वर्षीय पदयात्री दिव्यांश सीताराम जी मंदिर के पास बावड़ी की सीढ़ियों पर नहाते समय फिसलकर गहरे पानी में गिर गया था।
डूबते हुए युवक को किसने सुरक्षित बाहर निकाला?
सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कांस्टेबल मुकेश कुमार ने बिना देर किए अपनी वर्दी में ही बावड़ी में छलांग लगाकर दिव्यांश को बचा लिया।
डिग्गी कल्याण जी महाराज की पदयात्रा कहां से शुरू हुई थी?
यह 61वीं लखी पदयात्रा 18 अगस्त को जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर मंदिर से शुरू हुई थी।
यह पदयात्रा डिग्गी कल्याण जी मंदिर कब पहुंचेगी?
यह पदयात्रा रेनवाल मांजी और फागी से गुजरते हुए 22 अगस्त को टोंक जिले में स्थित डिग्गी कल्याण जी मंदिर पहुंचेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·19 घंटे पहले

यह घटना भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा बलों की भूमिका पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है। जब लाखों श्रद्धालु एकत्र होते हैं, तो असावधानी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि आपातकालीन प्रतिक्रिया बल का होना जरूरी है। इस तरह के मामलों से सीख लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर जल स्रोतों के पास चेतावनी और बचाव उपकरणों की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे जोखिमों को कम किया जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 घंटे पहले

यह घटना भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था के साथ प्रशासनिक कर्मियों की मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा बलों की तैनाती केवल कानून बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि संकट के समय त्वरित मानवीय प्रतिक्रिया व्यवस्था पर जनता का भरोसा मजबूत करती है। ऐसे साहसिक कदम प्रशासनिक तत्परता को दर्शाते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·20 घंटे पहले

यह घटना दर्शाती है कि बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा तंत्र और जन-कल्याणकारी सोच का समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। जब सुरक्षाकर्मी वर्दी की परवाह किए बिना संकट में कूदते हैं, तो यह न केवल एक व्यक्तिगत जान बचाता है, बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक मशीनरी के प्रति जन-विश्वास को भी गहरा करता है। ऐसे आयोजनों में जोखिम मूल्यांकन और आपदा मोचन क्षमता को सुदृढ़ रखना भविष्य के लिए आवश्यक है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस बल की मानवीय छवि को मजबूत करने का एक बेहतरीन उदाहरण है। जिस तरह से कांस्टेबल मुकेश कुमार ने बिना एक पल गंवाए अपनी वर्दी में ही छलांग लगाई, वह ड्यूटी के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। बड़े आयोजनों में ऐसी त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया यह साबित करती है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बल नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए हमेशा तत्पर हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

लखी पदयात्रा जैसे विशाल आयोजनों में जहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ होती है, भीड़ प्रबंधन और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। कांस्टेबल मुकेश कुमार की यह तत्परता दर्शाती है कि पुलिस बल को ऐसे धार्मिक मेलों और यात्राओं के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ आपातकालीन राहत कार्यों के लिए भी किस स्तर पर सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। ऐसी घटनाओं से प्रशासनिक मुस्तैदी का महत्व और अधिक स्पष्ट होता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR