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कर्नाटक में देर रात सड़क निरीक्षण पर निकले मंत्री, बनरघट्टा जंक्शन पर मिलीं खामियां तो अधिकारियों की लगाई क्लासकर्नाटक
19 सित॰ 2026, 12:49 pm (45 मिनट पहले)· 0

कर्नाटक में देर रात सड़क निरीक्षण पर निकले मंत्री, बनरघट्टा जंक्शन पर मिलीं खामियां तो अधिकारियों की लगाई क्लास

कर्नाटक में मंत्री ने रात के समय बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर बुनियादी ढांचे के कार्यों का तीन घंटे तक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज और टारिंग में भारी लापरवाही सामने आने पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

कर्नाटक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता परखने के लिए एक मंत्री ने देर रात सड़कों का औचक निरीक्षण किया। करीब तीन घंटे तक चले इस निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। जमीनी हकीकत सामने आने पर निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां और लापरवाही उजागर हुईं, जिस पर मंत्री ने साथ चल रहे अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे।

बनरघट्टा जंक्शन पर मिलीं निर्माण में गंभीर गड़बड़ियां

निरीक्षण के दौरान बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर सड़क चौड़ीकरण, जल निकासी व्यवस्था और डामरीकरण के स्तर में स्पष्ट कमियां देखी गईं। मंत्री ने उस हिस्से पर विशेष रूप से नाराजगी जताई जहां तारकोल की परत निर्धारित मानकों के अनुसार ठीक से नहीं बिछाई गई थी। सड़क की सतह असंतुलित पाई गई, जिससे भविष्य में यातायात सुगम रहने के बजाय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता था।

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ड्रेनेज के गैर-जरूरी मोड़ पर अधिकारियों से सवाल-जवाब

सड़क के किनारे नाला निर्माण के दौरान किए गए बदलावों पर भी सवाल उठे। ड्रेनेज बनाते समय उसमें एक गैर-जरूरी मोड़ दे दिया गया था, जिसके चलते सड़क की असल चौड़ाई काफी कम हो गई थी। मंत्री ने इंजीनियरों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे पूछा कि इस तरह के अवांछित मोड़ की अनुमति किस आधार पर दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की वास्तविक चौड़ाई को नुकसान पहुंचाकर किया गया निर्माण अस्वीकार्य है और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रात के वक्त 3 घंटे तक चला जमीनी मुआयना

अधिकारियों के साथ मंत्री ने पूरे इलाके में तीन घंटे तक पैदल और वाहन से मुआयना किया। अचानक हुए इस दौरे और मौके पर मिली कमियों को लेकर मंत्री के कड़े रुख से संबंधित महकमे के अफसरों में हड़कंप मच गया। मौके पर ही सड़क की सतह सुधारने, ड्रेनेज के अड़चनों को दूर करने और तय मानकों के अनुरूप चौड़ीकरण का कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

सवाल-जवाब

मंत्री ने किस स्थान का औचक निरीक्षण किया?
मंत्री ने कर्नाटक के बनरघट्टा-एनआईसीई रोड-गोट्टिगेरे जंक्शन पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण में क्या खामियां मिलीं?
सड़क पर तारकोल की परत ठीक से नहीं बिछाई गई थी और नाले में गैर-जरूरी मोड़ होने से सड़क की असल चौड़ाई घट गई थी।
यह निरीक्षण कितने समय तक चला?
यह औचक निरीक्षण देर रात करीब 3 घंटे तक चला।
नाले के डिजाइन को लेकर मंत्री ने क्या आपत्ति जताई?
मंत्री ने आपत्ति जताई कि नाले को दिए गए अनावश्यक मोड़ के कारण सड़क संकरी हो गई और उन्होंने इसके लिए अधिकारियों से जवाब मांगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

यह प्रशासनिक औचक निरीक्षण बुनियादी ढांचे के ठेकों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमर्ताओं की ओर गंभीर इशारा करता है। जब तक लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर वित्तीय धोखाधड़ी की जाँच नहीं होती, तब तक जनता के धन की बर्बादी और सड़क सुरक्षा पर मंडराता खतरा कम नहीं होगा।

Ravikash Gupta@ravikash·11 मिनट पहले

करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह समझना आवश्यक है कि इस तरह की बुनियादी ढांचागत लापरवाही और वित्तीय अनियमितताएं केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी नहीं हैं, बल्कि यह सीधे तौर पर निवेशकों, उद्योगों और स्थानीय व्यापार के विश्वास को प्रभावित करती हैं। खराब सड़कें और लचर लॉजिस्टिक्स परिवहन लागत बढ़ाते हैं और आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करते हैं, जिसका असर अंततः कॉर्पोरेट निवेश और क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर पड़ता है। यदि समय रहते इन सिविल ठेकों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय नहीं की गई, तो यह प्रशासनिक विफलता राज्य में औद्योगिक वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों को भी बुरी तरह प्रभावित करेगी।

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