अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में एक बार फिर मजबूत सुधार का माहौल देखने को मिल रहा है, जहां कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और संयुक्त राज्य अमेरिका से आए उत्साहजनक आंकड़ों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है। दुनिया भर के प्रमुख इक्विटी सूचकांकों में तेज खरीदारी देखी गई है, जिसमें वॉल स्ट्रीट से लेकर यूरोप और एशिया के बाजारों तक व्यापक तेजी दर्ज की गई। प्रौद्योगिकी क्षेत्र, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों ने हर प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र में इस रैली का नेतृत्व किया है और सूचकांकों को हालिया गिरावट के दौर से बाहर निकालने में मुख्य भूमिका निभाई है।
अमेरिकी बाजारों में तकनीकी शेयरों का शानदार प्रदर्शन
अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार तीन दिनों से चली आ रही गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया। विकास को लेकर बनी सकारात्मक धारणा के बीच एसएंडपी 500 (S&P 500) सूचकांक 1.14 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ बंद हुआ। इस रिकवरी में सबसे आगे चिप निर्माण से जुड़ी कंपनियां रहीं। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (Philly semiconductor index) ने 3.14 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाई, जो दिन के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक रहा। इसके साथ ही व्यापक टेक कंपनियों में भी व्यापक खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते नैस्डैक (NASDAQ) में 1.69 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया।
यूरोप और एशियाई बाजारों में भी दिखा खरीदारी का रुझान
अमेरिकी बाजारों की मजबूती का सीधा असर यूरोप और एशिया के ट्रेडिंग सत्रों पर भी पड़ा। यूरोप में स्टॉक्स 600 (STOXX 600) सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, एशियाई बाजारों ने भी वैश्विक तेजी के साथ कदम मिलाया। जापानी मुद्रा येन में आई कमजोरी के सहारे निक्केई (Nikkei) सूचकांक 1.67 प्रतिशत चढ़ गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) सूचकांक क्षेत्रीय बढ़त में सबसे आगे रहा, जिसमें 2.59 प्रतिशत की जोरदार तेजी आई। यहां भी सेमीकंडक्टर शेयरों ने पिछले दिन की तेजी को और आगे बढ़ाने का काम किया।
मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के रुख
फॉरेक्स बाजार में शुक्रवार के एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) लगातार दूसरे दिन मजबूती के साथ 0.7100 के स्तर से ऊपर टिका रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने डॉलर की तेजी पर लगाम लगाई। इसके अलावा, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर बुलॉक के सख्त रुख वाले बयानों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को हवा दी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि, फेडरल रिजर्व का सख्त दृष्टिकोण और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं डॉलर में बड़ी गिरावट को सीमित कर रही हैं।
वहीं अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) की जोड़ी ने यूरोपीय सत्र के दौरान दो सप्ताह के उच्च स्तर 157.30 के करीब से अपनी बढ़त को गंवा दिया। बैंक ऑफ जापान (BoJ) के गवर्नर उएदा की मौद्रिक नीति बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस की टिप्पणियों से येन को कुछ राहत मिली। इससे पहले, जापान के केंद्रीय बैंक ने 7-2 के चौंकाने वाले मतदान से नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया था। पिछले एक दशक से अधिक समय से जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी और येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती किए जाने से यह पुराना लाभ एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जबकि बाकी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के दरें बढ़ाने के बावजूद लंबे समय तक जापान इस मामले में अलग बना हुआ था।
सोने में आई मजबूती और बॉन्ड यील्ड का रुख
कमोडिटी बाजार में सोने ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन नए खरीदारों को आकर्षित किया और यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यह सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने अनियंत्रित मुद्रास्फीति के तात्कालिक डर को कम करने में मदद की है, जिसके चलते अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल अपने बहु-वर्षीय उच्च स्तरों से और नीचे खिसक गया। इस नरमी ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त पर रोक लगा दी और बहुमूल्य पीली धातु यानी सोने की कीमतों को ठोस सहारा दिया।



















