सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और लगातार बढ़ते हादसों पर लगाम लगाने के मकसद से कर्नाटक सरकार यातायात नियमों में बड़े फेरबदल करने जा रही है. सुरक्षा मानकों पर खरे न उतरने वाले हाफ हेलमेट के इस्तेमाल और उनकी खुली बिक्री पर अब कानूनी शिकंजा कसा जाएगा. इसके साथ ही राहगीरों के लिए बने फुटपाथों पर दोपहिया वाहन दौड़ाने वाले चालकों के खिलाफ सख्त वित्तीय कार्रवाई का खाका खींचा गया है, जिसके तहत बार-बार नियम तोड़ने पर दस हजार रुपये तक की भारी पेनाल्टी चुकानी पड़ सकती है.
हाफ हेलमेट बनाने और बेचने वालों पर कानूनी शिकंजा
राजधानी बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कर्नाटक के परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर हाफ हेलमेट लगाकर चलने वाले लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है, जबकि मौजूदा सुरक्षा मानकों में इस तरह के गियर का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है. दुर्घटना के समय यह हेलमेट सिर को पर्याप्त सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम साबित होते हैं. इसी वजह से प्रशासन ने केवल दोपहिया चालकों तक सीमित न रहकर सीधे इन हेलमेटों के निर्माताओं और थोक व खुदरा विक्रेताओं पर कार्रवाई का फैसला लिया है.
बाजारों, दुकानों और गोदामों में बिक्री के लिए रखे गए ऐसे सभी हेलमेटों के स्टॉक की जांच की जाएगी और उन पर रोक लगाई जाएगी. परिवहन मंत्री बी. सुरेश के मुताबिक सरकार इस समूचे निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधानों की बारीकी से पड़ताल कर रही है. कानून विभाग से जरूरी राय मशविरा पूरा होते ही निर्माताओं और दुकानदारों के खिलाफ जब्ती व दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
फुटपाथ पर बाइक दौड़ाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना
सड़क पर पैदल चलने वालों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पेडेस्ट्रियन रास्तों पर वाहन चलाने वालों पर कड़ा प्रहार करने की योजना बनाई है. अभी तक फुटपाथ पर दोपहिया ले जाने पर पांच सौ रुपये का मामूली जुर्माना लगता था, लेकिन अब नए प्रस्ताव के तहत पहली बार पकड़े जाने पर इसे सीधे दस गुना बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने की तैयारी है. यदि कोई चालक दोबारा उसी उल्लंघन को दोहराता हुआ पाया जाता है, तो उससे दस हजार रुपये की भारी पेनाल्टी वसूली जाएगी.
परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि पैदल चलने वालों के अधिकार वाले रास्तों पर दोपहिया और चारपहिया वाहन बेधड़क दौड़ाए जा रहे हैं, जिससे निर्दोष नागरिकों की जान सांसत में पड़ रही है. राज्य में इस तरह की गैरजिम्मेदाराना ड्राइविंग के कारण कई राहगीर अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. परिवहन और गृह विभाग ने मिलकर जुर्माने में बढ़ोतरी का संयुक्त प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर विधि विभाग की अंतिम समीक्षा के बाद कैबिनेट की मुहर लगेगी.
वन-वे उल्लंघन पर दस गुना जुर्माना और डिमेरिट अंक प्रणाली
सड़कों पर एकतरफा मार्ग यानी वन-वे नियमों की अनदेखी को भी सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है. वर्तमान समय में वन-वे मार्ग पर विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने पर एक हजार रुपये की पेनाल्टी वसूली जाती है, जिसे अब बढ़ाकर दस गुना यानी दस हजार रुपये तक पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है. गलत दिशा में गाड़ी ले जाने की प्रवृत्ति से भीषण आमने-सामने की टक्कर होती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है.
यातायात प्रबंधन और निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने के सिलसिले में कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे और परिवहन मंत्री बी. सुरेश ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक की. इस बैठक में बेंगलुरु के ट्रैफिक जाम को सुलझाने के साथ-साथ एक नई अंक आधारित ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली लाने पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ. इस सिस्टम के तहत अलग-अलग उल्लंघनों के हिसाब से चालक के रिकॉर्ड में पेनाल्टी अंक जुड़ते जाएंगे. अंकों का स्तर तय सीमा पार करते ही संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः निलंबित करने का वैधानिक रास्ता निकाला जा रहा है.
सारथी और ई-चालान पोर्टल के एकीकरण से मौके पर जांच
सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वालों की मौके पर ही कुंडली खंगालने के लिए परिवहन विभाग के डिजिटल प्लेटफॉर्म सारथी को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान नेटवर्क से पूरी तरह एकीकृत किया जा रहा है. इस तकनीकी तालमेल की मदद से ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़क पर वाहन रोकते ही हैंडहेल्ड डिवाइस से चालक के लाइसेंस की वैधता, फिटनेस और उसके पुराने सभी उल्लंघनों का पूरा ब्योरा पलक झपकते देख सकेंगे.
चालक द्वारा किया गया कोई भी नया ट्रैफिक उल्लंघन सीधे उसके केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ जाएगा, जिससे बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करना और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना बेहद आसान हो जाएगा. समीक्षा बैठक में फुटपाथ पर अवैध पार्किंग, गैर-अधिकृत स्थानों व नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने, एकतरफा रास्तों पर उल्टी दिशा में गाड़ी भगाने और ट्रैफिक सिग्नल जंप करने जैसी आम प्रवृत्तियों पर भी भारी जुर्माना तय करने पर आम सहमति बनी है, ताकि सड़कों को आम नागरिकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके.



















