कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के येलाहंका इलाके में नेपाल की रहने वाली दो युवतियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जक्कूर रोड स्थित एक होटल के सामने दोनों के शव एक पेड़ से लटके हुए पाए गए। राहगीरों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद येलाहंका पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश से पता चला है कि मृतक युवतियां आपस में समलैंगिक संबंध में थीं और परिजनों के भारी विरोध तथा जबरन शादी के दबाव से बेहद तनाव में थीं।
बचपन की दोस्ती से समलैंगिक प्यार तक का सफर
पुलिस जांच में मृतकाओं की पहचान 22 वर्षीय सिरजना और 23 वर्षीय रीता के रूप में हुई है। दोनों नेपाल की मूल निवासी थीं और आपस में रिश्तेदार भी थीं। बचपन से एक साथ पली-बढ़ीं दोनों सहेलियों ने पढ़ाई भी साथ में ही की थी। समय बीतने के साथ उनकी यह घनिष्ठता और गहरी होती गई तथा दोस्ती प्यार में बदल गई। हालांकि जब उनके गांव में लोगों को इस रिश्ते की भनक लगी तो उन्हें सामाजिक तानों का सामना करना पड़ा। परिवार के लोगों ने भी उनके इस समलैंगिक रिश्ते का कड़ा विरोध किया।
अलग करने के मकसद से नेपाल से बेंगलुरु लाया गया था
परिवार वालों को लगा था कि दोनों को एक-दूसरे से दूर कर देने पर उनका रिश्ता टूट जाएगा। इसी इरादे से रिश्तेदार लगभग एक महीने पहले दोनों युवतियों को नेपाल से बेंगलुरु ले आए थे। बेंगलुरु पहुंचने पर शुरुआती दिनों में वे सिरजना के भाई के घर ठहरी थीं। इसके बाद परिजनों ने उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में रहने के लिए भेज दिया। रीता को फ्रेजर टाउन में रखा गया था, जबकि सिरजना को जक्कूर इलाके में रखा गया था। रिश्तेदारों का मानना था कि दूरियां बढ़ने से उनके बीच का लगाव धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।
गुपचुप मुलाकातें और पुरुषों से शादी का दबाव
भौगोलिक दूरी बनाए जाने के बावजूद दोनों युवतियां एक-दूसरे के संपर्क में बनी रहीं। वे हफ्ते में तीन से चार बार चोरी-छिपे एक-दूसरे से मिलती थीं। अक्सर यह मुलाकातें किसी रिश्तेदार के घर दोपहर के भोजन के दौरान हुआ करती थीं। इन्हीं मुलाकातों के बीच परिजनों ने उन पर पुरुषों से विवाह करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। घरवालों ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि यह समाज कभी उनके रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगा और परिजनों ने उनकी शादी लड़कों से तय करने की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इस परिस्थिति ने दोनों को गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया।
पुलिस की कार्रवाई और क्राइम सीन की जांच
भविष्य अंधकारमय नजर आने और जबरन विवाह के डर से दोनों युवतियों ने यह भयावह कदम उठाया। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकाओं की उम्र 24 वर्ष के आसपास बताई गई थी, किंतु पुलिस अब उनकी वास्तविक उम्र और अन्य व्यक्तिगत विवरणों का सत्यापन कर रही है। येलाहंका थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर रहे हैं ताकि घटना के दिन के घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सके। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम सभी एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। फॉरेंसिक और जांच टीम साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर रही है।



















