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जनगणना 2027 के सवालों पर सियासी घमासान, पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार के कदम का किया विरोधराजनीति
20 अग॰ 2026, 9:18 am (59 मिनट पहले)· 0

जनगणना 2027 के सवालों पर सियासी घमासान, पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार के कदम का किया विरोध

केरल में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार पर जनगणना 2027 के जरिए NPR और NRC के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है और विवादित सवालों को हटाने की मांग की है।

आगामी जनगणना 2027 को लेकर देश में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। केरल में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जनगणना की आड़ में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बुधवार को साझा की गई एक टिप्पणी में चेतावनी दी कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान लोगों से उनके माता-पिता के जन्मस्थान और धर्म से संबंधित जानकारी मांगना अत्यंत संवेदनशील विषय है। विजयन के अनुसार, इस प्रकार के सवाल एक ऐसी प्रक्रिया का आधार तैयार कर सकते हैं जो आगे चलकर समाज में विभाजन पैदा करने का काम करेगी।

NPR और NRC को लेकर उठाए गंभीर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018-19 की केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस आधिकारिक दस्तावेज से यह स्पष्ट होता है कि NPR के तहत एकत्र की जाने वाली जानकारियों का उपयोग अंततः नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) तैयार करने के लिए किया जा सकता है। विजयन ने इस बात पर जोर दिया कि NPR की पूरी कवायद असल में NRC की ओर बढ़ाया जाने वाला पहला कदम है। हालांकि जनगणना और NPR दोनों तकनीकी रूप से दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन दोनों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही है।

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धर्मनिरपेक्ष वर्गों से एकजुट होने की अपील

विजयन का तर्क है कि जनगणना में माता-पिता की जन्मभूमि और धार्मिक पहचान जैसे सवालों को शामिल करने के पीछे सरकार का इरादा पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नागरिकता को किसी भी स्थिति में धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और ऐसी किसी भी नीति को स्वीकार नहीं किया जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि जनगणना के प्रपत्रों से उन सभी संदिग्ध सवालों को तत्काल हटाया जाए जो आबादी के किसी खास वर्ग को निशाना बनाने या विभाजित करने का काम करते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने देश के सभी धर्मनिरपेक्ष वर्गों से अपील की कि वे इस कदम का एकजुट होकर विरोध करें।

UDF सरकार और कांग्रेस की भूमिका पर निशाना

अपने बयान में पिनाराई विजयन ने केवल केंद्र सरकार को ही नहीं घेरा, बल्कि केरल की UDF सरकार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनगणना को लेकर सामने आ रही गंभीर चिंताओं के बावजूद राज्य सरकार का मौन रहना बेहद दुखद है। विजयन ने आरोप लगाया कि NPR के इस पूरे मामले में कांग्रेस का रुख भी संदेह से परे नहीं रहा है और उसकी नीतियां भी इस मुद्दे पर अस्पष्ट रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखने के लिए इन नीतियों का डटकर मुकाबला करना होगा।

सवाल-जवाब

जनगणना 2027 पर पिनाराई विजयन ने क्या आरोप लगाया है?
पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनगणना 2027 का इस्तेमाल नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रही है।
जनगणना में किन सवालों को लेकर विवाद खड़ा हुआ है?
जनगणना प्रपत्र में माता-पिता के जन्मस्थान और धर्म से संबंधित जानकारी मांगने वाले सवालों पर आपत्ति जताई गई है।
पिनाराई विजयन ने अपने दावों के समर्थन में किस रिपोर्ट का हवाला दिया?
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय की 2018-19 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि NPR के आंकड़ों का इस्तेमाल NRC तैयार करने के लिए किया जा सकता है।
विजयन ने केरल की यूडीएफ सरकार और कांग्रेस पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने जनगणना और NPR के मुद्दे पर केरल की यूडीएफ सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 1

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 मिनट पहले

जनगणना के दौरान नागरिकता, धर्म और मूल निवास से जुड़े डेटा का संकलन और उसका प्रशासनिक मिलान भविष्य में कई कानूनी और वैधानिक चुनौतियों को जन्म दे सकता है। कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक अधिकारों के जानकारों के अनुसार, जब तक इस डेटा के रख-रखाव और गोपनीयता को लेकर स्पष्ट वैधानिक सुरक्षा उपाय नहीं होते, तब तक यह प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा और अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकारों के दायरे में गंभीर बहस का विषय बनी रहेगी।

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