जर्मनी के कोलोन बॉन हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की जांच के दौरान वन्यजीव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेक्सिको से आए एक यात्री के सामान की तलाशी लेने पर उसके सूटकेस से 90 से अधिक जीवित और मृत सरीसृप बरामद किए गए। इन जीवों में बेहद विषैले सांप और दुर्लभ छिपकलियां शामिल थीं, जिन्हें अत्यंत संकरे और अमानवीय डिब्बों में बंद करके छुपाया गया था। सीमा शुल्क अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्री को हिरासत में लिया और बाद में उसे देश में प्रवेश की अनुमति न देते हुए वापस रवाना कर दिया।
ग्रीन चैनल पर संदिग्ध बर्ताव और कोकीन टेस्ट
हवाई अड्डे के आगमन क्षेत्र में 45 वर्षीय मैक्सिकन दमकलकर्मी बिना किसी घोषणा वाले नथिंग टू डिक्लेयर यानी ग्रीन चैनल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। वहां तैनात सीमा शुल्क कर्मियों ने देखा कि वह सामान्य से कहीं ज्यादा घबराया हुआ था और उसका व्यवहार अत्यधिक तनावपूर्ण लग रहा था। इस असामान्य व्यवहार को देखकर अधिकारियों ने उसे रोक लिया। सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सबसे पहले उसका नशा परीक्षण कराया गया। यह ड्रग्स टेस्ट कोकीन के सेवन के लिए पॉजिटिव निकला।
ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद अधिकारियों को संदेह हुआ कि वह मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हो सकता है। इसके तुरंत बाद जांच दल ने उसके निजी सामान और सूटकेस की विस्तृत और सघन तलाशी शुरू की। हालांकि बैग के अंदर किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ या ड्रग्स नहीं मिला, लेकिन सूटकेस खोलते ही अधिकारी वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए।
शैम्पू की बोतलों और मोजों में छिपाए गए थे वाइपर और रैटलस्नेक
सूटकेस की परतों के भीतर कपड़ों की जगह प्लास्टिक के कंटेनर, शैम्पू और क्रीम की खाली बोतलें तथा मुड़े हुए मोजों के गोले रखे हुए थे। इन रोजमर्रा की घरेलू वस्तुओं के अंदर बड़ी संख्या में जहरीले वाइपर, रैटलस्नेक, अन्य प्रजातियों के सांप और इगुआना सहित विभिन्न छिपकलियां ठूंस-ठूंस कर भरी गई थीं। तस्करी के इस तरीके का उद्देश्य हवाई अड्डे की सामान्य सुरक्षा जांच को चकमा देना था।
कोलोन कस्टम कार्यालय के प्रवक्ता जेंस अहलांड ने इस बरामदगी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हवाई अड्डे पर तैनात कर्मचारी सामान में अजीबोगरीब चीजें और स्मृति चिन्ह देखने के आदी हैं, लेकिन मेक्सिको से एक साथ 37 जीवित जहरीले सांप और 55 छिपकलियां मिलने की घटना पहले कभी सामने नहीं आई थी।
हवाई सफर के दौरान हुई कई जीवों की मौत
तस्करी के लिए चुने गए तरीके इतने क्रूर थे कि जीवों को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में यात्रा करनी पड़ी। यह पूरी खेप मेक्सिको सिटी से शुरू होकर इस्तांबुल होते हुए जर्मनी के कोलोन बॉन हवाई अड्डे तक पहुंची थी। इस लंबे हवाई सफर, हवा की कमी और अत्यंत तंग जगहों में बंद रहने के कारण कई सांप और छिपकलियां रास्ते में ही दम तोड़ चुकी थीं। जो जीव इस कठिन सफर के बाद जीवित बच गए, उन्हें तुरंत विशेष सुरक्षा में लेकर जर्मनी के एक स्नेक फार्म में भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ उनकी देखभाल कर रहे हैं।
पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि उसने इन दुर्लभ जीवों को स्वयं किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं लाया था, बल्कि ब्राजील के एक परिचित के कहने पर यह काम एक उपकार के तौर पर किया था। हालांकि सीमा शुल्क और आव्रजन अधिकारियों ने उसके स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए उसे जर्मनी की सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया और उसी मार्ग से इस्तांबुल वापस भेज दिया।
जर्मनी में संरक्षित प्रजातियों की अवैध मांग
जर्मनी के भीतर विदेशी और संरक्षित वन्यजीवों की मांग लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, ये सभी सरीसृप देश के भीतर मौजूद निजी खरीदारों के लिए मंगाए जा रहे थे, जो अपने निजी संग्रह के लिए दुर्लभ जीवों की तलाश में रहते हैं।
कस्टम प्रवक्ता जेंस अहलांड ने राष्ट्रीय स्तर पर हो रही अवैध तस्करी के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले साल देश भर में 1,300 से अधिक जब्ती की कार्रवाइयां की गईं। इन अभियानों के दौरान 56,600 से अधिक संरक्षित जीव, दुर्लभ पौधे या उनसे तैयार किए गए उत्पाद जब्त किए गए थे। यह जब्ती दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह लगातार कड़े कानूनों और सुरक्षा उपायों को भेदने का प्रयास कर रहे हैं।



















