फेफड़ों के कैंसर के ऑपरेशन के मात्र तीन सप्ताह बाद पोप लियो 14वें अपने 12 दिवसीय लैटिन अमेरिकी दौरे की शुरुआत करते हुए उरुग्वे पहुंच चुके हैं। यात्रा के दौरान अपने साथ मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक जानकारी साझा की। सर्जरी के बाद अपनी शारीरिक स्थिति पर पहली बार सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे काफी अच्छी सेहत में हैं और इस महत्वपूर्ण यात्रा को पूरा करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त हैं।
विमान यात्रा के दौरान साझा किया स्वास्थ्य का अनुभव
उरुग्वे की उड़ान के दौरान विमान में सवार संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए पोप लियो 14वें ने अपनी यात्रा के फैसले और मनोबल की चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनके मन में इस सफर को लेकर शुरुआत से ही किसी प्रकार का संशय नहीं था।
"मुझे यह स्वीकार करना चाहिए कि पहले दिन से ही मेरे मन में कोई संदेह नहीं था; मुझे पूरा विश्वास था कि यह यात्रा आगे बढ़नी चाहिए।"
चिकित्सकीय टीम की सराहना करते हुए उन्होंने अपनी मौजूदा स्थिति के बारे में बताया कि शानदार मेडिकल स्टाफ की वजह से वे खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। पिछले महीने उनके फेफड़े से ट्यूमर निकालने के लिए हुआ ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा था। उनका उपचार करने वाले डॉक्टरों की टीम ने इस बात की पुष्टि की है कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला है, जिससे उनके तेजी से स्वस्थ होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मोंटेवीडियो में हुआ भव्य स्वागत
शुक्रवार को उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो पहुंचने पर पोप लियो 14वें का स्थानीय लोगों द्वारा जोरदार और भावुक स्वागत किया गया। समुद्र तट के किनारे बने रास्तों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु और आम नागरिक एकत्रित थे। जैसे ही विशेष पोपमोबाइल वहां से गुजरी, सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े लोग उनका नाम पुकारते हुए उत्साह व्यक्त कर रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी गंभीर प्रक्रिया से उबरने के फौरन बाद जनता के बीच उनकी इस तरह की मौजूदगी को वहां मौजूद लोगों ने बेहद खास माना।
प्लाजा इंडिपेंडेंसिया से सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की पुरजोर अपील
इस दौरे पर अपने पहले औपचारिक संबोधन में पोप लियो 14वें ने स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा ऐसी होनी चाहिए जो हर व्यक्ति की पहुंच में हो।
मोंटेवीडियो के प्रसिद्ध प्लाजा इंडिपेंडेंसिया में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने हालिया इलाज का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उन्हें जो उच्चस्तरीय देखभाल और चिकित्सा मिली, उसने उन्हें उन अनगिनत पुरुषों और महिलाओं की याद दिला दी जिनके पास समय पर बीमारी की पहचान कराने या उचित उपचार प्राप्त करने के जरूरी साधन नहीं हैं। चिकित्सा व्यवस्था की इस असमानता को रेखांकित करते हुए उन्होंने वंचित तबकों के लिए समय पर इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने पर बल दिया।
कैथेड्रल में प्रार्थना और 20 हजार मील का व्यापक सफर
राजधानी में अपने व्यस्त दिन के कार्यक्रमों का समापन उन्होंने मोंटेवीडियो कैथेड्रल में आयोजित एक विशेष प्रार्थना सभा के साथ किया। वहां उन्होंने चर्च के प्रतिनिधियों और समुदाय के लोगों के साथ मिलकर प्रार्थना की।
यह दौरा उनके अंतरराष्ट्रीय सफर के इतिहास का छठा बड़ा दौरा है। इस 12 दिवसीय यात्रा के दौरान पोप लियो 14वें 20,000 मील से अधिक की दूरी तय करेंगे। अपने इस विशाल प्रवास के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का मुख्य मकसद उन लोगों के करीब पहुंचना है जो कठिन परिस्थितियों में चर्च की ओर उम्मीद और संबल की नजरों से देख रहे हैं।



















