पश्चिमी कोलंबिया के तोलिमा प्रांत में रविवार को विस्फोटक सामग्री से लदे एक ट्रक में भीषण धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आकर कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वालों में महज दो महीने की एक मासूम बच्ची भी शामिल है। यह विस्फोट प्लानादास कस्बे में स्थित एक सैन्य ठिकाने के ठीक पास हुआ, जिसके झटके से नजदीकी अस्पताल, एक फार्मेसी और आसपास के कई अन्य भवनों को गंभीर क्षति पहुंची है। अधिकारियों ने इस घटना की तत्काल जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक किसी भी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सैन्य ठिकाने के पास तबाही और इमारतों को नुकसान
विस्फोट इतना जोरदार था कि प्लानादास कस्बे का बड़ा हिस्सा दहल उठा। जिस जगह यह धमाका हुआ, वह सेना के ठिकाने के बिल्कुल नजदीक थी, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। तोलिमा की गवर्नर एड्रियाना मैगाली मतिज ने सोशल मीडिया मंच X पर इस दुखद घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जान गंवाने वालों में दो माह की एक बच्ची भी शामिल है। गवर्नर ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक अत्यंत घिनौना और आपराधिक कृत्य करार दिया और कहा कि इसे पूरी दृढ़ता के साथ खारिज किया जाता है। धमाके के चलते पास मौजूद अस्पताल की संरचना और स्थानीय फार्मेसी की इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे आपातकालीन सेवाओं को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाएं
शुरुआती पड़ताल में किसी भी संगठन का नाम सीधे तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन हाल के हफ्तों में सुरक्षा बलों पर सशस्त्र आपराधिक गिरोहों के हमले अचानक काफी बढ़ गए हैं। माना जा रहा है कि यह हिंसा देश के नए दक्षिणपंथी राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला द्वारा अपराधियों और अवैध गिरोहों के खिलाफ छेड़े गए बड़े सैन्य अभियान के विरोध में प्रतिशोध के रूप में की जा रही है। राष्ट्रपति डे ला एस्प्रीएला ने रविवार को हुए इस ताजा धमाके पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को दक्षिणी हुइला प्रांत में हुए एक अन्य जानलेवा हमले की उन्होंने कड़ी भर्त्सना की थी। हुइला प्रांत में विस्फोटकों से बंधी एक मोटरसाइकिल में धमाका किया गया था, जिसमें एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी और छह अन्य जवान घायल हो गए थे।
शांति वार्ता का अंत और सख्त सैन्य अभियान
राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने अपराध और हिंसा पर पूरी सख्ती बरतने के चुनावी वादे के साथ अगस्त में पदभार संभाला था। सत्ता में आने के एक महीने से भी कम समय के भीतर, उन्होंने देश के कई अवैध सशस्त्र समूहों के साथ जारी शांति वार्ताओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया था। ये वार्ताएं उनके पूर्ववर्ती वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो के कार्यकाल में शुरू की गई थीं। गुस्तावो पेत्रो ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में पूर्ण शांति रणनीति की वकालत की थी और उनका तर्क था कि देश के विभिन्न सशस्त्र समूहों द्वारा फैलाई जा रही हिंसा को केवल बातचीत के जरिए ही समाप्त किया जा सकता है। हालांकि, विद्रोही गुटों द्वारा बातचीत की शर्तों के बार-बार उल्लंघन के बाद, पेत्रो ने भी कुछ शांति वार्ताओं को स्थगित कर दिया था।
ड्रोन हमलों और नए हथियारों की चुनौती
मौजूदा राष्ट्रपति डे ला एस्प्रीएला ने पिछली नीतियों से कहीं आगे बढ़कर देश के सभी अवैध समूहों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत उनके ठिकानों और कैंपों पर हवाई बमबारी भी की जा रही है। सरकार के इस कड़े रुख के जवाब में आपराधिक गिरोहों ने सुरक्षा बलों पर अपने हमलों की रफ्तार और तकनीकी तरीके दोनों बदल दिए हैं। अब विद्रोही गिरोह केवल कारों या मोटरसाइकिलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई घटनाओं में विस्फोटकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने और सुरक्षा बलों पर गिराने के लिए आधुनिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। तकनीक के इस नए इस्तेमाल का घातक उदाहरण 23 अक्टूबर को भी सामने आया था, जब काउका प्रांत में नौसेना की एक नाव पर हुए हमले में मरीन इन्फैंट्री का एक जवान मारा गया था और चार अन्य सैनिक घायल हो गए थे। तोलिमा में हुआ यह ताजा हमला दर्शाता है कि कोलंबिया में सरकार और सशस्त्र गुटों के बीच टकराव अब बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है।



















