वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना मकाडो 10 महीने से ज्यादा समय तक निर्वासन में रहने के बाद अपने देश लौट आई हैं। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी वापसी की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि वह अब अपने लोगों के बीच पहुंच चुकी हैं। इसके कुछ ही मिनट बाद उनके सहयोगी और पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एदमूंदो गोंजालेज ने भी इस बात की पुष्टि की। गोंजालेज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी नेता वेनेजुएला की धरती पर कदम रख चुकी हैं। मकाडो रविवार को वेनेजुएला के लारा राज्य में स्थित एक चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल हुईं, जहां उनके समर्थकों ने उन्हें घेर लिया, गले लगाया और हाथ थामकर उनका स्वागत किया।
अभूतपूर्व उथल-पुथल के बीच बदली सत्ता की तस्वीर
मारिया कोरीना मकाडो करीब 10 महीने पहले नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार करने के लिए वेनेजुएला से बाहर गई थीं। उनके देश छोड़ने के एक महीने बाद, जनवरी में संयुक्त राज्य अमेरिका ने उनके मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने मादुरो की डिप्टी डेल्सी रोड्रिग्ज का समर्थन किया। रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली और बाद में उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण तेल समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। इस तरह मकाडो एक बेहद बदले हुए और तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में स्वदेश वापस आई हैं।
सात असफल प्रयासों के बाद हुई वतन वापसी
मकाडो की वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। सितंबर में उनके एक सलाहकार ने खुलासा किया था कि बीते कुछ हफ्तों के दौरान उन्होंने वेनेजुएला लौटने की सात बार अलग-अलग कोशिशें की थीं, लेकिन हर बार उन्हें देश में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। लगातार मिली रुकावटों के बावजूद वह पीछे नहीं हटीं और आखिरकार 10 महीने बाद अपने वतन की जमीन पर लौटने में कामयाब रहीं। एदमूंदो गोंजालेज ने इस मौके को वेनेजुएला के लोगों के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभु आवाज इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व करने और मार्गदर्शन देने के लिए लौट आई है। इसके साथ ही गोंजालेज ने यह भी ऐलान किया कि वह भी बहुत जल्द वेनेजुएला पहुंचकर मकाडो के साथ जुड़ेंगे ताकि मुल्क को आजादी की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
चुनावी संघर्ष और उम्मीदवारी पर पाबंदी का इतिहास
लोकतंत्र की मुखर समर्थक मानी जाने वाली मकाडो ने साल 2023 में मादुरो सरकार के आधिकारिक चुनाव प्राधिकरण से अलग आयोजित स्वतंत्र विपक्षी प्राइमरी चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। प्राइमरी चुनाव जीतने के बावजूद मादुरो सरकार ने उन पर धोखाधड़ी और टैक्स नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक पद के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। मकाडो ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया था। इसके बाद 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में मकाडो की जगह उनके सहयोगी एदमूंदो गोंजालेज मैदान में उतरे और उन्होंने मादुरो को चुनौती दी।
विवादित चुनाव और लोकतांत्रिक बदलाव की मांग
साल 2024 के आम चुनाव में सरकार के करीबी माने जाने वाले चुनाव प्राधिकरण ने मतदान के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक किए बिना ही निकोलस मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था। इसके विरोध में विपक्ष ने दावा किया कि असल में चुनाव गोंजालेज ने जीता था, न कि मादुरो ने। विपक्ष ने अपने दावे के समर्थन में मतदान की विस्तृत पर्चियों और गणना तालिकाओं की प्रतियां सार्वजनिक प्रमाण के रूप में पेश की थीं। अब मकाडो के प्रवक्ता डेविड स्मोलांस्की ने उनके लौटने को लोकतांत्रिक बदलाव और निकट भविष्य में निष्पक्ष, स्वतंत्र और सत्यापन योग्य राष्ट्रपति चुनाव कराने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। स्मोलांस्की ने इस निरंतर सहयोग और नेतृत्व के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिकी सरकार, कांग्रेस और सहयोगी देशों का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि मकाडो के अगले राजनीतिक कदम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन वह पहले कह चुकी हैं कि यदि देश में नए चुनाव होते हैं तो वह दोबारा राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होंगी।



















