हवाई अड्डा संचालन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने विमानन सेवा कारोबार में कदम रखने की तमाम अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित 'एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026' सम्मेलन के एक सत्र के दौरान कंपनी की भावी दिशा स्पष्ट की गई। विमान उड़ाने वाली कंपनियां असल में हवाई अड्डों की उपभोक्ता हैं, इसलिए उनके सीधे मुकाबले में उतरना कारोबारी नजरिए से उचित कदम नहीं माना जा सकता।
विमानन कंपनियों से प्रतिस्पर्धा से इनकार
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण बंसल ने एयरलाइन संचालन की किसी भी संभावना पर बात करते हुए स्थिति स्पष्ट की। जब उनसे पूछा गया कि क्या समूह अपनी एयरलाइन शुरू करने का विचार कर रहा है, तो उन्होंने साफ कहा कि अपने ही ग्राहकों के साथ होड़ में उतरना कभी भी एक बेहतर रणनीति साबित नहीं हो सकती। बंसल ने यह भी रेखांकित किया कि इस पूरे मामले में अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और व्यापक अडाणी समूह के कामकाज को अलग-अलग संदर्भ में समझा जाना चाहिए। बाजार में ऐसी चर्चाएं उठ रही थीं कि समूह विमान सेवा शुरू करने में रुचि दिखा रहा है, लेकिन समूह ने पहले ही इस तरह के दावों का खंडन कर दिया था।
सालाना 30 करोड़ यात्रियों के प्रबंधन की तैयारी
विमान उड़ाने के बजाय कंपनी का सारा ध्यान मौजूदा और नए हवाई अड्डों के विकास पर लगा हुआ है। अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड वर्तमान में देश भर में कुल 8 हवाई अड्डों का परिचालन संभाल रही है। इन सभी हवाई अड्डों के जरिए इस समय सालाना करीब 10 करोड़ यात्रियों का आवागमन दर्ज किया जाता है। कंपनी का अनुमान और रणनीतिक लक्ष्य है कि आने वाले 10 वर्षों में यह यात्री संख्या तीन गुना बढ़कर 30 करोड़ सालाना तक पहुंच जाएगी। अरुण बंसल ने यह भी घोषणा की कि भारत सरकार की तरफ से हवाई अड्डों के निजीकरण के जो भी अगले चरण शुरू होंगे, उनमें AAHL पूरी सक्रियता के साथ बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेगी।
मौजूदा हवाई अड्डों पर विस्तार और नवीनीकरण कार्य
कंपनी के मौजूदा परिसंपत्ति आधार में देश के कई प्रमुख आर्थिक और पर्यटन केंद्र शामिल हैं। अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के नेटवर्क में मुंबई और नवी मुंबई हवाई अड्डे सबसे अहम हैं। मुंबई हवाई अड्डे पर उड़ानों की आवाजाही वाले क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर निर्माण और इंजीनियरिंग कार्य चल रहे हैं। इसके साथ ही मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का समग्र नवीनीकरण कार्य शुरू किया गया है, जिसके 2030 की शुरुआत में जाकर पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद जताई गई है। मुंबई और नवी मुंबई के अतिरिक्त, कंपनी के पास अहमदाबाद, गुवाहाटी, जयपुर, लखनऊ, तिरुअनंतपुरम और मंगलुरू हवाई अड्डों के प्रबंधन और परिचालन की सीधी जिम्मेदारी है।


















