बरसात का मौसम आते ही वातावरण सुहाना हो जाता है, लेकिन इसके साथ ही कई तरह के जीव-जंतु भी रिहायशी इलाकों में सक्रिय हो जाते हैं। नमी और कीट-पतंगों की तलाश में मेंढक अक्सर घरों के अंदर, आंगन, बालकनी और बाथरूम तक में पहुँच जाते हैं। रात के समय अचानक पैर के पास इनका दिख जाना किसी को भी डरा सकता है।
मेंढक दिखने में भले ही अजीब लग सकते हैं और कोनों में गंदगी फैला सकते हैं, लेकिन प्रकृति के संतुलन के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इन्हें मारने के बजाय बिना नुकसान पहुँचाए घर से बाहर का रास्ता दिखाना सबसे समझदारी भरा कदम है। कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से आप इस मानसूनी सीजन में मेंढकों को अपने घर से कोसों दूर रख सकते हैं।
मेंढक की त्वचा बहुत नाज़ुक और नमी सोखने वाली होती है, जिस कारण नमक उनके लिए बेहद प्रभावी साबित होता है। घर के मुख्य दरवाजे की दहलीज, खिड़कियों की ग्रिल और बालकनी के कोनों जैसे संभावित प्रवेश मार्गों पर थोड़ा साधारण नमक छिड़क दें। नमक के संपर्क में आते ही उनकी त्वचा में जलन होने लगती है और वे तुरंत उस रास्ते से दूर हो जाते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नमक सीधे मेंढक के शरीर पर न डाला जाए।
सफेद सिरके का अम्लीय स्वभाव भी मेंढकों को दूर भगाने में कारगर भूमिका निभाता है। इसके लिए एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में पानी और सफेद सिरका मिला लें। इस घोल को प्रवेश द्वारों, नालियों के आसपास, ड्रेनेज पाइप और गमलों के पास अच्छी तरह छिड़क दें। सिरके की तीखी गंध फैलते ही मेंढक उस तरफ आने से बचते हैं।
यदि आपके घर में बगीचा या बालकनी में पौधे रखे हैं, तो मेंढक अक्सर ठंडी मिट्टी और जड़ों के पास शरण लेते हैं। ऐसी जगहों पर पौधों की मिट्टी और गमलों के किनारों पर थोड़ा कॉफी पाउडर छिड़क दें। कॉफी में मौजूद कैफीन मेंढकों की त्वचा के अनुकूल नहीं होता है, जिससे वे वहाँ से चले जाते हैं। इसका अतिरिक्त लाभ यह है कि कॉफी मिट्टी के लिए एक बेहतरीन खाद का काम भी करती है।
तीखेपन और खटास का मिश्रण भी मेंढकों को रोकने में बेहद असरदार उपाय माना जाता है। एक लीटर पानी में दो चम्मच लाल मिर्च पाउडर और दो ताजे नींबू का रस मिलाकर घोल तैयार करें। इस मिश्रण को छानकर स्प्रे बोतल में भर लें और बाहरी कोनों, ड्रेनेज एरिया तथा बाउंड्री वॉल के पास छिड़काव करें। मिर्च की तीखी महक पाकर मेंढक फौरन अपना रास्ता बदल लेते हैं।
सीलन वाली जगहों और नालियों पर बेकिंग सोडा या हल्का ब्लीचिंग पाउडर डालने से दुर्गंध दूर होती है और मेंढक वहाँ टिक नहीं पाते हैं। इन घरेलू नुस्खों के अलावा कुछ बुनियादी सावधानियाँ रखना भी बहुत आवश्यक है। मेंढक बेहद लचीले होते हैं और मुख्य दरवाजे के नीचे की जरा सी जगह से भी अंदर आ सकते हैं, इसलिए दरवाजे के नीचे डोर सील लगा देनी चाहिए।
बाथरूम, बालकनी और आँगन के ड्रेनेज पाइप मेंढकों के आने के मुख्य रास्ते होते हैं, इसलिए सभी नालियों पर बारीक लोहे या प्लास्टिक की जाली अवश्य लगाकर रखें। बारिश थमने के बाद गमलों की प्लेट, कूलर या छत पर जमा हुआ पानी तुरंत खाली कर दें। ठहरा हुआ पानी कीटों और मेंढकों दोनों को आकर्षित करता है। इसके अलावा, घर के बाहर उगी लंबी घास और घने पौधों को समय-समय पर ट्रिम करते रहें और गमलों को दीवार से थोड़ा हटाकर रखें।
रात के समय घर के बाहर की तेज लाइटें लगातार जलाने से बचें। तेज रोशनी की तरफ कीट-पतंगे आकर्षित होते हैं और उन्हें खाने के लालच में मेंढक भी खिंचे चले आते हैं। इन सामान्य घरेलू उपायों और सावधानियों को अमल में लाकर आप पूरे बरसात के मौसम में अपने घर को मेंढकों के प्रवेश से सुरक्षित रख सकते हैं।



















