खेती के दौरान सांप के डसने का जोखिम हर समय बना रहता है क्योंकि खेत और झाड़ियां सांपों का प्राकृतिक ठिकाना होते हैं। किसान रनजोद सिंह का कहना है कि खेत में काम करने जाने से पहले हमेशा एक मजबूत और लंबी लाठी अपने साथ रखनी चाहिए। चलते वक्त लाठी को लगातार जमीन पर पटकते हुए आगे बढ़ना बेहद जरूरी है। सांपों के पास कान नहीं होते हैं लेकिन वे जमीन की कंपन को बहुत तेजी से पकड़ लेते हैं। लाठी के पटकने से पैदा होने वाले कंपन को महसूस करके सांप खुद ही रास्ता बदल लेते हैं और सुरक्षित दूरी पर चले जाते हैं।
पैरों की सुरक्षा और सही जूते
खेत की मेड़ों और फसलों के बीच चलते समय पैरों की हिफाजत करना सबसे पहला काम है। साधारण चप्पल, सैंडल या कम ऊंचाई वाले जूतों की बजाय हमेशा मजबूत और ऊंचे गमबूट पहनकर ही खेतों में उतरें। ये ऊंचे गमबूट पैरों और टखनों को पूरी तरह से सुरक्षित रखते हैं जिससे अगर गलती से पैर किसी सांप पर पड़ भी जाए तो उसका फन या डंक त्वचा तक नहीं पहुंच पाता है। यह एक बेहद साधारण उपाय है जो खेत में काम करने वाले किसान को किसी भी बड़े और गंभीर हादसे से आसानी से बचा लेता है।
रात के समय रोशनी का रखें पूरा ध्यान
अंधेरा होने के बाद खेतों में पानी की सिंचाई करने या फसल की रखवाली करने जाने वाले किसानों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। रात के वक्त अपने साथ हमेशा तेज रोशनी देने वाली टॉर्च जरूर रखें। अंधेरे में सांप अक्सर रास्तों या मेड़ों पर आराम करते नजर आते हैं जिन पर अनजाने में पैर पड़ सकता है। टॉर्च की तेज रोशनी की सहायता से आप काफी दूर से ही साफ रास्ता देख सकते हैं और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचानकर उससे बच सकते हैं।
नीम की खली का छिड़काव करना सांपों को खेतों से दूर भगाने का एक प्राकृतिक और अचूक तरीका माना जाता है। अपने खेतों और मेड़ों के चारों तरफ नीम की खली फैला दें। नीम की कड़वी और बहुत तेज गंध सांपों को बिल्कुल रास नहीं आती है। जिस क्षेत्र में यह महक फैली होती है, सांप उस तरफ जाने से हमेशा कतराते हैं। यह उपाय पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाए बिना खेत की पुख्ता सुरक्षा करने में मददगार साबित होता है।
लहसुन और मिट्टी के तेल का मिश्रण
लहसुन और मिट्टी के तेल को आपस में मिलाकर तैयार किया गया घोल सांपों को दूर रखने में बेहद असरदार साबित होता है। इसके लिए लहसुन को अच्छी तरह पीसकर उसमें मिट्टी का तेल मिला लें और फिर इस घोल को खेत की मेड़ों पर छिड़क दें। इस मिश्रण से बहुत ही तीखी और तेज गंध पैदा होती है जिसे सूंघते ही सांप वहां से भाग खड़े होते हैं। इस उपाय को हफ्ते में एक या दो बार दोहराते रहने से खेत के आसपास का इलाका पूरी तरह सुरक्षित बना रहता है।
मेड़ों की नियमित सफाई और झाड़ियों की कटाई
खेतों की मेड़ों पर उगने वाली लंबी झाड़ियां और अनावश्यक खरपतवार सांपों के छिपने के सबसे पसंदीदा स्थान होते हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि समय-समय पर मेड़ों पर जमी झाड़ियों की कटाई-छंटाई करके उन्हें साफ रखा जाए। जब खेत की मेड़ें साफ-सुथरी और खुली रहेंगी तो सांपों को छिपने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी। इन खुले और साफ रास्तों पर चलते समय आप दूर से ही किसी भी जीव को आसानी से देख पाएंगे जिससे दुर्घटना की आशंका पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
रात के वक्त अकेले जाने से बचें
रात के समय सांप ज्यादा सक्रिय होते हैं और भोजन की तलाश में अपने बिलों से बाहर निकलते हैं। इसलिए रात के वक्त कभी भी अकेले खेत में जाने से बचना चाहिए और हमेशा दो लोगों को साथ निकलना चाहिए। खेत में चलते वक्त आपस में बातचीत करते रहें या पैरों से आहट करते रहें। इंसानों की आवाज और कदमों की आहट सुनकर सांप खुद ब खुद छिप जाते हैं। इसके अलावा किसी दूसरे के साथ होने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सकती है।
सांप काटने पर तुरंत अपनाएं सही कदम
यदि तमाम सावधानियों के बावजूद किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है बल्कि सूझबूझ के साथ काम लें। पीड़ित व्यक्ति को पूरी तरह शांत रखें और उसे ज्यादा हिलने-डुलने न दें ताकि जहर पूरे शरीर में तेजी से न फैले। किसी भी तरह की झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के चक्कर में अपना कीमती समय बिल्कुल बर्बाद न करें। मरीज को बिना देरी किए तुरंत किसी नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं जहां एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा उपलब्ध हो। सही वक्त पर अस्पताल पहुंच जाने से ही मरीज की जान बचाई जा सकती है।



















