रसोई में आलू का इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है, लेकिन छिलकों को अधिकतर लोग कचरे के डिब्बे में डाल देते हैं। हालांकि, इनमें फाइबर, पोटेशियम, आयरन, विटामिन सी और बी-कॉम्प्लेक्स जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इन छिलकों का सही तरीके से उपयोग करके कई घरेलू समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। त्वचा को निखारने से लेकर बालों की देखभाल और बागवानी तक में ये बेहद काम आ सकते हैं।
चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए आलू के छिलकों का इस्तेमाल एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय माना जाता है। इनमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की गहराई से सफाई करने और प्राकृतिक चमक लाने में सहायता करते हैं। इसके लिए छिलकों को गुलाब जल से हल्का गीला करके चेहरे पर हल्के हाथों से रगड़ा जा सकता है। इसके अलावा, छिलकों को पीसकर उसमें थोड़ा सा दूध मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इस उबटन को चेहरे पर करीब 10 मिनट तक लगाकर रखने के बाद साफ पानी से धो लें, जिससे त्वचा मुलायम और साफ महसूस होती है।
बालों की देखभाल के मामले में भी आलू के छिलकों का उपयोग किया जाता है। इन्हें एक लीटर पानी में 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह उबालना होता है। जब पानी उबलकर लगभग आधा बच जाए, तब इसे छानकर पूरी तरह ठंडा कर लिया जाता है। बालों में शैंपू करने के बाद इस पानी को सिर और बालों पर अच्छी तरह लगाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हफ्ते में दो बार इस प्रक्रिया को दोहराने से फायदा मिल सकता है, हालांकि सफेद बालों को हमेशा के लिए काला करने के इस नुस्खे के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण काफी सीमित हैं।
त्वचा पर होने वाली टैनिंग, झाइयों और आंखों के नीचे के काले घेरे हटाने के लिए भी आलू के छिलके बहुत काम आते हैं। छिलके के अंदरूनी हिस्से को प्रभावित जगहों और आंखों के नीचे लगभग 5 मिनट तक बेहद नरमी के साथ मला जाता है। इनमें मौजूद प्राकृतिक यौगिक त्वचा की सूजन और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसे लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह आंखों के भीतर न जाए।
वजन को नियंत्रित रखने और खानपान के लिहाज से भी आलू के छिलके उपयोगी हो सकते हैं। इनमें डाइटरी फाइबर की मौजूदगी पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखती है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। छिलकों सहित आलू का सीमित सेवन वजन प्रबंधन में सहायक होता है। इसके अलावा, छिलकों को अच्छी तरह धोकर और साफ करके हल्के मसालों के साथ कुरकुरे स्नैक्स के रूप में भी तैयार किया जा सकता है।
केवल इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि पौधों की सेहत के लिए भी आलू के छिलके किसी वरदान से कम नहीं हैं। बचे हुए छिलकों को कचरे में फेंकने के बजाय पौधों की ग्रोथ के लिए काम में लाया जा सकता है। इसके लिए छिलकों को साफ करके दो से तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रखना पड़ता है। इसके बाद उस पानी को छानकर घर के अंदर और बाहर रखे जाने वाले पौधों की मिट्टी में डाला जाता है। छिलकों के पोषक तत्व पौधों को पोषण देते हैं, लेकिन इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि छिलकों पर किसी तरह का रसायन या साबुन न लगा हो और इन्हें अत्यधिक मात्रा में डालने से बचा जाए।



















