तुलसी का पौधा भारतीय घरों में बेहद आम है और हिंदू संस्कृति में इसे अत्यंत पवित्र स्थान प्राप्त है। नियमित पूजा-पाठ के साथ-साथ लोग इसे आंगन या बालकनी में खास जगह देते हैं। हालांकि, तमाम कोशिशों और देखभाल के बावजूद कई बार यह पौधा अपनी ग्रोथ रोक देता है या सूखने लगता है। अगर आपके साथ भी यही समस्या है, तो कुछ आसान और असरदार तरीकों से पौधे की सेहत को सुधारा जा सकता है। गार्डनिंग से जुड़े एक लोकप्रिय इंस्टाग्राम पेज loveforgardening85 पर इसके विकास को दोगुना तेज करने और इसे हमेशा हरा-भरा बनाए रखने के कई उपयोगी नुस्खे साझा किए गए हैं।
बीज बोने और अंकुरण का सही तरीका
तुलसी के पौधे को नए सिरे से उगाने के लिए सबसे पहले बाजार से इसके बीज खरीदकर लाने होते हैं। इन बीजों को गमले की उपजाऊ और हल्की गीली मिट्टी में बोना चाहिए। बीज डालने के बाद उसके ऊपर मिट्टी की बहुत पतली परत बिछानी जरूरी है और फिर नमी बनाए रखने के लिए हल्का पानी छिड़कना चाहिए। कुछ ही दिनों में बीज अंकुरित होकर बाहर निकल आते हैं। चूंकि बरसात के मौसम में वातावरण में पहले से ही काफी नमी मौजूद रहती है, इसलिए अधिक पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, इस बात का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि छोटे पौधों को सीधे तौर पर तेज और मूसलाधार बारिश से बचाकर सुरक्षित रखा जाए।



















