हैदराबाद के नामपल्ली इलाके में कदम रखते ही ताजी बेकिंग की मनमोहक खुशबू किसी को भी अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। यह पहचान है ऐतिहासिक सुभान बेकरी की, जिसके बनाए बिस्कुट और बेकरी उत्पाद न सिर्फ भारत में बल्कि सात समंदर पार भी बेहद लोकप्रिय हैं। हालांकि नामपल्ली में इसकी मौजूदा दुकान की शुरुआत साल 1951 में हुई थी, लेकिन इस परिवार का बेकिंग के हुनर से रिश्ता करीब छह पीढ़ियों पुराना है।
ब्रिटिश दौर से जुड़ी हैं बेकिंग की पुरानी जड़ें
इस विरासत की नींव परिवार के पूर्वज सैयद खादर ने रखी थी। उस जमाने में वह सिकंदराबाद में तैनात ब्रिटिश रेजिमेंट को रोज ताजा ब्रेड सप्लाई करने का काम करते थे। भारत की आजादी के बाद साल 1951 में जब नामपल्ली में सुभान बेकरी की विधिवत नींव रखी गई, तो स्थानीय निवासियों के बीच यहां की हाथ से तैयार ब्रेड तेजी से लोकप्रिय हो गई। वर्तमान समय में परिवार की चौथी पीढ़ी के संचालक सैयद इरफान इस पारंपरिक विरासत और गुणवत्ता को आगे बढ़ा रहे हैं।
उस्मानिया बिस्कुट और निज़ाम के दौर का रोचक नाता
सुभान बेकरी की सबसे बड़ी पहचान यहां तैयार होने वाला उस्मानिया बिस्कुट है। इसका स्वाद मीठे और हल्के नमकीन का ऐसा अनोखा मेल पेश करता है कि यह मुंह में रखते ही घुल जाता है। यह खास बिस्कुट हैदराबाद के अंतिम निज़ाम, मीर उस्मान अली खान के नाम पर रखा गया है। इसे खास तौर पर उस्मानिया जनरल अस्पताल के मरीजों के पोषण और निज़ाम के शाम की चाय के वक्त के लिए विशेष रूप से तैयार कराया गया था।
प्रवासियों के सूटकेस में विदेशों तक पहुंच
हैदराबाद छोड़कर विदेश जाने वाले प्रवासियों के लिए यह स्वाद घर की याद जैसा बन चुका है। राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर रुख करने से पहले लोग नामपल्ली आकर सुभान बेकरी रुकना नहीं भूलते। सऊदी अरब, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जाने वाले अनिवासी भारतीयों के सामान में सुभान बेकरी के लाल डिब्बे हमेशा मौजूद रहते हैं। स्थानीय लोगों के बीच तो यह भी आम धारणा है कि इन मशहूर बिस्कुटों के बिना किसी हैदराबादी मुसाफिर की यात्रा पूरी ही नहीं मानी जाती।
दशकों के साथ बदला मेन्यू और आधुनिक तकनीक का मेल
इस ऐतिहासिक प्रतिष्ठान की सबसे बड़ी खूबी वक्त की मांग के अनुसार खुद में बदलाव लाना रही है। 1950 के दशक में साधारण ब्रेड से आगे बढ़कर बेकरी ने 1960 के दशक में प्लम केक पेश किए। इसके बाद 1970 के दशक में पफ्स और फिर समय के साथ बर्गर और पेस्ट्री को मेन्यू में शामिल करके हर पीढ़ी के ग्राहकों का विश्वास जीता। बिस्कुट के अलावा यहां पारंपरिक दम का रोत और अलग-अलग त्योहारों पर बनने वाले खास पकवान भी भारी मात्रा में बिकते हैं। छोटे पैकेटों की खुदरा बिक्री से लेकर गुजरात के एक बड़े आयोजन के लिए 2.4 टन बिस्कुट तैयार करने तक, सुभान बेकरी आज पुरानी रिवायतों और आधुनिक तकनीक के बेहतरीन तालमेल का प्रतीक है।



















